अब इसमें कोई शक़ नहीं रह गया है कि मोदी सरकार की विदेश नीति चारों खाने चित हो गई है। पड़ोसियों से संबंध तो बिगड़े ही हैं, अंतरराष्ट्रीय छवि भी धूमिल हुई है। लेकिन क्या सरकार सचाई स्वीकार करके विदेश नीति को बदलेगी वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार की रिपोर्ट।
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























