17 अगस्त से राहुल गाँधी ‘वोटर अधिकार यात्रा’ कर रहे हैं और पूरे बिहार में घूम रहे हैं। यात्रा का उद्देश्य लोगों को यह बताना है कि ‘भारत निर्वाचन आयोग’ विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के बहाने किस तरह लोगों के वोट के अधिकार को छीन रहा है, किस तरह तमाम प्रक्रियाओं की जटिलताओं में लोगों को फँसाकर, दस्तावेजों को आड़ बनाकर उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को छीना जा रहा है। स्वस्थ लोकतंत्र के नज़रिये से यात्रा बेहद महत्वपूर्ण है। लेकिन इतनी महत्वपूर्ण यात्रा को ना ही टीवी मीडिया जगह दे रहा है और न ही राष्ट्रीय अख़बार। विपक्ष के सबसे बड़े नेता, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुआई वाली इस यात्रा को लगभग ‘ब्लैकआउट’ में तब्दील कर दिया गया है। वहीं दूसरी तरफ़ ‘मीडिया का पीएम मोदी प्रेम’ सनक के स्तर को पार कर चुका है। पीएम मोदी इन दिनों जापान की द्विपक्षीय यात्रा पर हैं। अख़बार जिस तरह पीएम की खबरों से रंगे हुए हैं उससे लग रहा है कि कई दशकों बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री जापान गया है। खबरें इस तरह लिखी जा रही हैं जैसे जापान यात्रा के बाद भारत संकटमुक्त हो जाएगा। लोगों को यह जानकारी होनी चाहिए कि मोदी अब तक 8 बार जापान की यात्रा कर चुके हैं।