loader

गलत काम का समर्थन नहीं, बीजेपी हमारी पार्टी तोड़ नहीं सकतीः ममता

बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने मंत्री पार्थ चटर्जी की गिरफ्तारी पर सोमवार को चुप्पी तोड़ी। उन्होंने कहा, मैं भ्रष्टाचार या किसी गलत काम का समर्थन नहीं करती। लेकिन मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बीजेपी को गलतफहमी है वह एजेंसियों का इस्तेमाल करके मेरी पार्टी को तोड़ सकती है।

बंगाल के उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी को शनिवार को स्कूल नौकरी घोटाले से जुड़े मनी-लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जब वह शिक्षा मंत्री थे तब उन पर सरकारी स्कूलों में स्कूली शिक्षकों और कर्मचारियों की कथित रूप से अवैध नियुक्तियों में भूमिका का आरोप लगाया गया था।

ताजा ख़बरें
पार्थ चटर्जी की एक करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के घर से करीब 20 करोड़ रुपये कैश मिले थे। टीवी स्क्रीन पर कैश के पहाड़ों की तस्वीरें दिखाई दी थीं। आधी रात के बाद मंत्री को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का कहना है कि अर्पिता मुखर्जी मंत्री के संपर्क में थीं और उनके घर में मिली नकदी "अपराध की आमदनी" थी।
ममता बनर्जी ने कहा, अगर कोई दोषी पाया जाता है, तो उसे दंडित किया जाना चाहिए, लेकिन मैं अपने खिलाफ किसी भी दुर्भावनापूर्ण अभियान की निंदा करती हूं। सच्चाई सामने आनी चाहिए, लेकिन एक समय सीमा के भीतर।

ममता बनर्जी ने गिरफ्तारी पर पहले एक शब्द भी नहीं कहा था। 70 वर्षीय पार्थ चटर्जी ने गिरफ्तारी के बाद मुख्यमंत्री को तीन फोन किए, लेकिन तीनों का कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने ममता बनर्जी को अपने "रिश्तेदार / दोस्त को कॉल करने के लिए चुना था, जिसे हिरासत में लिया गया।
सुबह करीब 1.55 बजे गिरफ्तारी के बाद पहली कॉल 2.33 बजे की गई। उन्होंने सुबह 3.37 बजे और 9.35 बजे फिर से फोन किया, लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया।

तृणमूल कांग्रेस ने फोन कॉल का खंडन किया था। पार्टी के नेता फिरहाद हाकिम ने कहा कि गिरफ्तार मंत्री द्वारा ममता बनर्जी को फोन करने का कोई सवाल ही नहीं है क्योंकि मंत्री का फोन तो ईडी के पास है।

पश्चिम बंगाल से और खबरें
चटर्जी को ईडी की हिरासत में भेजे जाने के तुरंत बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था क्योंकि उन्होंने बेचैनी की शिकायत की थी। ईडी ने यह कहते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया कि उन्हें कोलकाता के सरकारी एसएसकेएम अस्पताल से हटा दिया जाना चाहिए, जहां उन्हें एक शक्तिशाली मंत्री के रूप में अपने प्रभाव का दावा करने के लिए जाना जाता था।

कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा उन्हें एम्स भुवनेश्वर ले जाने का आदेश दिया गया। अदालत को बताया गया कि वह फिट है, उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं है।

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

पश्चिम बंगाल से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें