loader

पश्चिम बंगाल: नंदीग्राम में ममता बनर्जी का सुरक्षा प्रमुख निलंबित

पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में जिस समय ममता बनर्जी ज़ख़्मी हो गईं थीं, उस समय वहाँ उनकी सुरक्षा के लिए ज़िम्मेदार पुलिस अफ़सर को निलंबित कर दिया गया है। चुनाव आयोग ने यह ऐलान करते हुए कहा है कि एक सप्ताह के अंदर उस पुलिस अधिकारी पर लापरवाही का आरोप लगाया जाएगा। 

बता दें कि मुख्यमंत्री नंदीग्राम में घायल हो गईं, जिसके बाद उन्होंने और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला करने का आरोप लगाया था। चुनाव आयोग ने हमले की संभावना को खारिज कर दिया, लेकिन यह माना है कि उनकी सुरक्षा में लगा अधिकारी अपने कर्तव्य के निर्वहन में नाकाम रहा। 

चुनाव आयोग ने कहा है, "आईपीएस विवेक सहाय को सुरक्षा निदेशक के पद से हटा दिया जाएगा और उन्हें निलंबित कर दिया जाएगा। ज़ेड प्लस सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाकाम रहने का आरोप एक हफ़्ते में लगाया जाना चाहिए।"

क्या कहना है चुनाव आयोग का?

शुक्रवार को लिखित शिकायत मिलने के बाद चुनाव आयोग की बैठक हुई, जिसमें यह माना गया कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा में लगे लोगों से ग़लतियाँ हुई हैं। 

चुनाव आयोग ने यह भी कहा है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ और ममता बनर्जी की सुरक्षा व्यवस्था को ठीक से नहीं संभाला गया। 

ख़ास ख़बरें

चुनाव आयोग ने यह भी माना है कि ममता बनर्जी के ज़ेड प्लस सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति होने के कारण उन्हें बुलेट-प्रूफ़ गाड़ी में होना चाहिए था, पर उनकी गाड़ी बुलेटप्रूफ़ नहीं थी। 

ममता बनर्जी ने कहा था कि चार-पाँच लोगों ने उन्हें धक्का दिया और ज़ोर से गाड़ी का दरवाजा बंद कर दिया, उस समय वहाँ पुलिस के लोग भी नहीं थे। 

election commission suspends officer in mamata banerjee security at nandigram - Satya Hindi

टीएमसी- चुनाव आयोग 

सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने इसका सारा दोष चुनाव आयोग पर मढ़ दिया और कहा कि राज्य के पुलिस प्रमुख को बग़ैर सरकार से सलाह मशविरा किए ही हटा दिया गया और उसके 24 घंटे के अंदर यह वारदात हो गई। 

चुनाव आयोग ने इससे इनकार करते हुए कहा था कि उसने पूरा प्रशासन और रोज़मर्रा का कामकाज अपने हाथ में नहीं ले लिया था। चुनाव आयोग ने टीएमसी की चिट्ठी को आक्षेपों से भरा हुआ बताया था और कहा था कि इन बातों का जवाब देना उसकी गरिमा के अनुकूल नहीं है। 

दूसरी ओर ममता बनर्जी ने रविवार को कोलकाता के मेयो रोड से हाज़रा तक की पदयात्रा की अगुआई की, हालांकि वे व्हील चेयर पर ही बैठी रहीं, उनका व्हील चेयर आगे आगे चलता रहा उनके पीछे लोगों का हुज़ूम चलता रहा। उन्होंने कहा कि उनके पैर में अभी भी सूजन है, पीठ व गर्दन में दर्द है, लेकिन वह दर्द राज्य के लोगों के दर्द से कम है। 

ममता बनर्जी के घायल होने का पश्चिम बंगाल की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा, देखें वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष को। 
सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

पश्चिम बंगाल से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें