तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद अस्पतालों और डॉक्टरों पर दबाव डाला गया कि उन्हें भर्ती न किया जाए। ममता बनर्जी ने कहा, 'जो सत्ता में हैं, वे सभी अस्पतालों और बड़े अधिकारियों को धमकी दे रहे हैं कि अभिषेक बनर्जी को भर्ती मत करो। उन्हें इलाज नहीं करना चाहते।' उन्होंने यह भी बताया कि एक अस्पताल के अधिकारी ने उन्हें फोन करके कहा कि पुलिस की तरफ से धमकी भरे कॉल आ रहे हैं। ममता ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा है, 'अगर अभिषेक ने हेलमेट न पहना होता, तो उनकी जान जा सकती थी; उनके सीने के आस-पास खून के थक्के जम गए हैं।'

अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। ममता ने पूछा, 'अगर भर्ती की ज़रूरत ही नहीं थी तो उन्हें पहले आईटीयू में क्यों रखा गया? लगभग दो घंटे ऑब्जर्वेशन में रखा गया और कई टेस्ट व स्कैन करने की सलाह क्यों दी गई?' उन्होंने बताया कि शाम करीब 8:15 बजे से लेकर लगभग 11 बजे तक अभिषेक डॉक्टरों की निगरानी में रहे। बाद में उन्हें छुट्टी दे दी गई। टीएमसी का कहना है कि वह अब उनके इलाज को भरोसेमंद डॉक्टरों और परिवार के डॉक्टरों की देखरेख में जारी रखेगी।
ताज़ा ख़बरें

अभिषेक बनर्जी को कितनी गंभीर चोटें?

ममता बनर्जी ने चोटों की जानकारी देते हुए कहा कि अभिषेक को चेहरे, पीठ, छाती और गर्दन पर कई जगह ब्लंट इंजरी आई हैं। उन्होंने कहा है कि भीड़ ने पत्थर मारे और शारीरिक हमला किया, जिससे छाती और पसलियों में चोट आई।

पूर्व सीएम ने कहा कि डॉक्टरों ने एक्स-रे और स्कैन करने को कहा ताकि फ्रैक्चर, अंदरूनी खून बहना या अन्य गंभीर चोटों का पता चल सके। अभिषेक की आंखों की पहले से बीमारी है, इसलिए पूरी जांच बहुत जरूरी थी। ममता ने कहा कि अगर अभिषेक के सिर पर क्रिकेट हेलमेट न लगा होता तो चोटें और भी गंभीर हो सकती थीं।

इससे पहले ममता ने एक्स पर हमले का वीडियो पोस्ट कर कहा था, 'शासक बन गए हत्यारे - शर्म करो बीजेपी'।

हमला कब और कैसे हुआ?

यह घटना तब हुई जब अभिषेक बनर्जी सोनारपुर इलाके में पार्टी कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों से मिलने गए थे। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार के बाद इन कार्यकर्ताओं पर हमले की शिकायतें आई थीं। अभिषेक क्रिकेट हेलमेट पहने हुए भीड़ से गुजर रहे थे। इसी दौरान एक भीड़ ने उन पर पत्थर और अंडे फेंके। वीडियो में दिख रहा है कि लोग उन्हें धक्का दे रहे थे, मुक्के मार रहे थे और थप्पड़ जड़ रहे थे। उनके सुरक्षा कर्मी भी उन्हें बचाने की कोशिश करते दिखे। अभिषेक बनर्जी ने हमले को अपनी जान पर हमला बताया और कहा कि वे कानूनी कार्रवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएँगे।

बीजेपी के इनकार पर टीएमसी ने दिए सबूत!

बीजेपी ने इन आरोपों से इनकार किया है और टीएमसी के दावों को खारिज कर दिया है। लेकिन टीएमसी नेताओं ने हमले के दौरान की वीडियो क्लिप पोस्ट कर दावा किया कि पत्थर से हमले किए गए और बीजेपी के शीर्ष नेताओं के साथ फोटो खिंचाने वाले लोगों ने भी अभिषेक पर हमले किए।
पश्चिम बंगाल से और खबरें
टीएमसी से जुड़े कुणाल घोष ने कहा है, 'अभिषेक के सिर पर पत्थर फेंकने का पल। तस्वीर साफ़ है। उन्हें अब तक गिरफ़्तार क्यों नहीं किया गया है? एक और तस्वीर देखिए। हेलमेट हटाने की कोशिश की जा रही है। सिर पर वार करने के लिए। पुलिस, इन हमलावरों को गिरफ़्तार क्यों नहीं किया जा रहा है? जो लोग अभिषेक के सिर को निशाना बनाकर पत्थर फेंक रहे हैं, जो व्यक्ति हेलमेट छीनने की कोशिश कर रहा है; उन्हें गिरफ़्तार क्यों नहीं किया जा रहा है?'
टीएमसी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा है, 'बंगाल बीजेपी की कार्यकर्ता सुष्मिता दत्ता को कई वीडियो में अभिषेक बैनर्जी पर पर हमला करते हुए देखा गया! उनकी बीजेपी नेताओं अग्निमित्रा पॉल और शुभेंदु अधिकारी और अन्य लोगों के साथ कई तस्वीरें भी हैं। तो क्या उन्होंने ही उसे ऐसे हिंसक काम करने का निर्देश दिया था? या उन्होंने वादा किया था कि उसके घिनौने और अमानवीय कामों के बावजूद वे उसकी रक्षा करेंगे? क्या बीजेपी कार्यकर्ता इसी को लोकतंत्र समझते हैं? क्या हमारे देश में राजनीति का स्तर इतना ही गिर गया है?'

विपक्षी नेताओं ने की निंदा

ममता बनर्जी ने बताया कि इस घटना पर कई नेताओं ने चिंता जताई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने भी फोन करके बात की।

राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया, 'सांसद अभिषेक बनर्जी जी पर सोनारपुर में हुआ हमला बेहद निंदनीय है। एक सांसद पर हमला सिर्फ़ एक व्यक्ति पर हमला नहीं- यह उस जनता पर है जिसने उन्हें चुना, और उस लोकतंत्र पर है जो हम सबकी साझी विरासत है। यह बीजेपी की बदले की राजनीति का घिनौना रूप है। राजनीतिक मतभेद कभी हिंसा का कारण नहीं बन सकते। केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार- दोनों दोषियों पर तत्काल कार्रवाई करें, और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी जन-प्रतिनिधि, किसी भी दल का हो, अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित न रहे। अभिषेक जी, मेरी संवेदनाएँ आपके और आपके परिवार के साथ हैं। आप जल्द स्वस्थ हों।'
अखिलेश यादव ने कहा, 'बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के महत्वपूर्ण नेता श्री अभिषेक बनर्जी जी के ऊपर जानलेवा हमला करवाकर बंगाल की अराजक भाजपा सरकार ने साबित कर दिया है कि भाजपा नफ़रत भरी नकारात्मक हिंसक राजनीति के सिवा और कुछ नहीं कर सकती है। इतने संवेदनशील वातावरण में भी पुलिस की व्यवस्था न होना एक बड़ी साज़िश की ओर इशारा करती है। घोर निंदनीय!'

ममता बनर्जी ने कहा कि मरीज के इलाज, भर्ती और छुट्टी का फ़ैसला सिर्फ़ डॉक्टरों को करना चाहिए। किसी भी राजनीतिक दबाव को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। यह घटना पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव को और बढ़ाती दिख रही है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है।