loader

मोदी से ममता की अपील, मत भेजिए श्रमिक स्पेशल, सरकार जूझ रही है तूफान से

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि वह श्रमिक स्पेशल ट्रेन पश्चिम बंगाल न भेजें। उन्होंने इसका कारण बताते हुए कहा है कि चक्रवाती तूफ़ान से जूझ रहे राज्य में कोरोना संक्रमितों को क्वरेन्टाइन करना मुश्किल होगा।

ममता बनर्जी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी उनके लिए राजनीतिक समस्याएं पैदा कर सकती है, वे इसका बुरा नहीं मानेंगी। पर वह राज्य की जनता को क्यों परेशान कर रही है, उन्होंने पूछा।
पश्चिम बंगाल से और खबरें
मुख्यमंत्री ने कहा, 

'राज्य सरकार कोरोना महामारी और चक्रवाती तूफान अंपन के महाविनाश की दुहरी मार झेल रही है। हमारी सीमित क्षमताओं पर पहले से ही अधिक बोझ है। हम इन प्रवासी मज़दूरों को क्वरेन्टाइन में कहाँ रखेंगे?'


ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल

'तूफ़ान से जूझ रहा है राज्य'

उन्होंने यह भी कहा कि 'यह राजनीतिक फ़ायदा उठाने का समय नहीं है। हम बहुत ही कठिन परिस्थिति में हैं, हमें अधिक जगह और समय चाहिए।' 
ममता बनर्जी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चक्रवाती तूफान से 6 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि 10 लाख घरों के छत उड़ गए, ऐसे हर घर वाले को तुरन्त 20 हज़ार रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। 

तूफान से तबाही

मुख्यमंत्री ने कहा कि 8.14 लाख लोगों को उनके घरों से बचा कर निकाला गया, अभी भी दो लाख लोग शेल्टर होम में हैं। बिजली के तक़रीबन 4.5 लाख खंभे उखड़ गए, 10.5 लाख खेत बर्बाद हो गए, शहरों की 317 किलोमीटर और गाँवों की 4,410 किलोमीटर सड़क ख़राब हो गई।

ममता बनर्जी का पूरा ज़ोर इस पर है कि राज्य की स्थिति पहले से ही खराब है, वह इस हाल में कोरोना संक्रमितों को रखने और उनका इलाज करने में सक्षम नहीं है।

ट्रेन पर टकराव

इसके पहले भी श्रमिक स्पेशल ट्रेनों पर राज्य और केंद्र में विवाद हुआ है। गृह मंत्री अमित शाह ने आरोप लगाया था कि ममता बनर्जी श्रमिक स्पेशल ट्रेन को अपने राज्य में नहीं घुसने दे रही हैं और ऐसा कर वह प्रवासी मज़दूरों के साथ अन्याय कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने इसे झूठ क़रार देते हुए गृह मंत्री को चुनौती दी थी कि वह अपने आरोप साबित करें या माफ़ी माँगें।
एक दिन पहले मंगलवार को ही श्रमिक स्पेशल पर महाराष्ट्र सरकार और रेल मंत्री के बीच ठनी थी। महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि रेलवे ने उसे पर्याप्त संख्या में ट्रेनें नहीं दी। इस पर पलटवार करते हुए रेल मंत्री पीयूष गोयल ने महाराष्ट्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह मजदूरों को ट्रेन तक नहीं ला सकी, लिहाज़ा, 65 ट्रेनें खाली लौटी हैं। 

'सत्य हिन्दी'
की ताक़त बनिए

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

पश्चिम बंगाल से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें