loader

गृह मंत्री अमित शाह को विशेष अदालत का समन

सांसदों और विधायकों के लिए बनी एक विशेष अदालत ने गृह मंत्री व पूर्व बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को समन जारी किया है। तृणमूल कांग्रेस के नेता और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी की याचिका पर अदालत यह आदेश दिया है।

विशेष अदालत ने अमित शाह से कहा है कि वे 22 फ़रवरी को ख़ुद अदालत के सामने हाज़िर हों या अपना प्रतिनिधि भेजें। अदालत का यह आदेश मानहानि से जुड़े एक मामले में है, जिसे अगस्त, 2018 में भारतीय दंड संहिता की धारा 500 के तहत दायर किया गया था। 
अदालत में दायर याचिका के अनुसार अमित शाह ने कहा था,

"पश्चिम बंगाल के गाँवों के लोगों, क्या पैसा आपके गाँव तक पहुँचा है? यह पैसा कहाँ गया? कहाँ गया? मोदी ने आपके लिए यह पैसा भेजा था, 3,59,000 करोड़ रुपए। यह भतीजे और सिंडिकेट को उपहार में दे दिया गया। यह तृणमूल सरकार के भ्रष्टाचार के भेंट चढ़ गया।"


अमित शाह, गृह मंत्री

अभिषेक बनर्जी ने 13 अगस्त, 2018 को अमित शाह को अवमानना का नोटिस भेजा। उन्होंने अपने ख़िलाफ़ मानिहान करने वाली टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे उनसे माफ़ी माँगे। 

अभिषेक बनर्जी के वकील ने उनकी ओर से भेजे गए नोटिस में कहा, "आपने भाषण देने के क्रम में कई गंभीर आरोप लगाए। आपने राज्य के मुख्यमंत्री के भतीजे को परोक्ष रूप से भ्रष्ट होने की बात कही है।" 

टीएमसी के दागी नेता बीजेपी में

दूसरी ओर बीजेपी ने टीएमसी सरकार के कथित भ्रष्टाचार के मुक़ाबले के लिए उन्हीं दाग़ी नेताओं की बैशाखी पर चलने का फ़ैसला किया है जो पहले से ही भ्रष्टाचार और हत्या तक के आरोपों से जूझ रहे हैं। यानी पार्टी यहाँ दाग़ियों से ही दाग़ धोने का फ़ॉर्मूला अपना रही है।

दो साल पहले टीएमसी से नाता तोड़ कर बीजेपी के पाले में जाने वाले मुकुल राय हों या फिर अमित शाह के दौरे के समय शनिवार को अपने दल-बल के साथ भगवा झंडा थामने वाले शुभेंदु अधिकारी, किसी का दामन उजला नहीं है। बीजेपी इन दोनों नेताओं को अपनी सबसे बड़ी पकड़ मानते हुए अपनी कामयाबी पर इतरा रही है। 

सारदा चिटफंड घोटाले में भ्रष्टाचार के आरोपों से जूझने वाले इन दोनों नेताओं में से मुकुल राय पर तृणमूल कांग्रेस विधायक सत्यजीत विश्वास की हत्या तक के आरोप हैं। हत्या की जाँच करने वाली सीआईडी की टीम ने इस महीने की शुरुआत में अदालत में जो पूरक आरोपपत्र दायर किया है उसमें राय का नाम शामिल है।

इससे पहले टीएमसी में रहने के दौरान सीबीआई सारदा मामले में उनसे कई दिनों तक पूछताछ कर चुकी है। इसी तरह सारदा चिटफंड के मालिक सुदीप्त सेन ने बीते दिनों जेल से सीबीआई को भेजे पत्र में जिन पाँच नेताओं का ज़िक्र किया है उनमें मुकुल राय और शुभेंदु अधिकारी के नाम भी शामिल हैं।

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
क़मर वहीद नक़वी
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

पश्चिम बंगाल से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें