बंगाल में बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के क़रीबी सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले के बाद अब उनके पूर्व सहयोगियों की मौत के मामले चर्चा में आ गए हैं। पिछले 13 वर्षों में शुभेंदु अधिकारी के सहयोगियों में ये चौथी मौत है। तो क्या उनके सहयोगियों की मौत का कुछ रहस्य है?

2026 में चंद्रनाथ रथ की हत्या

उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में 7 मई की रात को चंद्रनाथ रथ पर हमला हुआ। मोटरसाइकिल पर सवार हमलावरों ने उनकी गाड़ी को रोका और अंधाधुंध फायरिंग कर दी। चंद्रनाथ रथ पर 4 गोलियां लगीं। उनकी गाड़ी चला रहे बुद्धदेव बेरा भी गोली लगने से घायल हो गए और उनका ऑपरेशन हुआ। चंद्रनाथ रथ भारतीय वायुसेना के पूर्व कर्मी थे और शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक थे।
पोस्टमॉर्टम के बाद शुभेंदु अधिकारी ने अस्पताल के बाहर कहा, 'वे मेरे सहायक थे और मैंने ममता बनर्जी को भवानीपुर में हराया था, इसलिए उन्हें मार दिया गया। अगर वे मेरे साथ न होते तो शायद जिंदा होते।' शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हत्या पहले से सोची-समझी थी। उन्होंने परिवार के साथ खड़े होने का ऐलान किया और मांग की कि हत्यारों को सजा मिले। पुलिस ने बताया कि अपराध में इस्तेमाल हुई मोटरसाइकिल घटनास्थल से करीब 4 किलोमीटर दूर मिल गई है। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। सीआईडी, फॉरेंसिक टीम और एसआईटी जाँच कर रही है। शुभेंदु अधिकारी ने डीजीपी से बात की और कहा कि पुलिस सही दिशा में आगे बढ़ रही है।

2021 में निजी सहायक पुलक लाहिरी की मौत

शुभेंदु अधिकारी के एक और क़रीबी सहायक पुलक लाहिरी की भी 2021 में असामान्य परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस मामले में भी कोई साफ़-साफ़ आपराधिक साज़िश साबित नहीं हुई।

2018: PSO सुभब्रत चक्रवर्ती मृत पाए गए

शुभेंदु अधिकारी के PSO यानी पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर सुभब्रत चक्रवर्ती को पूरब मेदिनीपुर के कांथी के पुलिस बैरक में मृत पाया गया था। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने शुरू में यह कहते हुए इसे आत्महत्या बताया था कि उन्होंने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। 

2021 में उनकी पत्नी ने नई जाँच की मांग की। सीआईडी ने केस दोबारा खोला, सीन रिक्रिएट किया गया और कई पुलिसकर्मियों से पूछताछ की गई। इस मामले को लेकर बीजेपी और टीएमसी के बीच तीखी तकरार हुई थी और दोनों ने एक दूसरे पर इस घटना को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया।

2013 में निजी सहायक प्रदीप झा की मौत

शुभेंदु अधिकारी के तृणमूल कांग्रेस में रहते हुए उनके PA प्रदीप झा की पूरब मेदिनीपुर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उस समय बड़ा राजनीतिक विवाद नहीं हुआ, लेकिन अब इस घटना को भी याद किया जा रहा है।

चंद्रनाथ रथ की हत्या पर आरोप-प्रत्यारोप

बीजेपी ने इस हत्या को 'टारगेटेड किलिंग' और 'राजनीतिक हत्या' बताया है। पार्टी का आरोप है कि शुभेंदु अधिकारी ममता बनर्जी को लगातार हराने और बंगाल में बीजेपी को मजबूत करने के कारण निशाने पर हैं। टीएमसी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और कहा है कि बीजेपी राजनीतिक फायदा उठाने के लिए इस घटना का इस्तेमाल कर रही है। टीएमसी ने सीबीआई जाँच की मांग भी की है, लेकिन शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि अब सीबीआई की कोई ज़रूरत नहीं है, राज्य पुलिस ही मामला सुलझा लेगी। चंद्रनाथ रथ की मां ने अपील की कि हत्यारों को फांसी की बजाय उम्रकैद की सजा दी जाए। उन्होंने कहा, 'मैं बच्चे खोने का दर्द समझती हूं।'

क्यों चर्चा में है यह सिलसिला?

पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा और राजनीतिक हत्याओं के आरोप पहले से ही लग रहे हैं। शुभेंदु अधिकारी के सहयोगियों के लोगों की लगातार मौतें राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई हैं। हालाँकि, अब तक किसी जाँच एजेंसी ने इन सभी घटनाओं के बीच सीधा लिंक साबित नहीं किया है, लेकिन लगातार हो रही मौतों के पैटर्न की वजह से लोग सवाल उठा रहे हैं।