उत्तर प्रदेश के 'सिंघम' और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट आईपीएस अजय पाल शर्मा काफी चर्चा में हैं। चुनाव आयोग ने उन्हें दक्षिण 24 परगना में चुनाव पर्यवेक्षक बनाया है। लेकिन उनके दो वायरल वीडियो ने उनके काम के तरीके पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
उत्तर प्रदेश पुलिस के एनकाउंटर एक्सपर्ट और 'सिंघम' कहे जाने वाले आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा को लेकर पश्चिम बंगाल में काफी चर्चा में हैं। चुनाव आयोग ने उन्हें विधानसभा चुनाव में पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी शर्मा मौजूदा समय में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर (कानून व्यवस्था) के पद पर तैनात हैं। मंगलवार को और उससे पहले दो वीडियो वायरल हुए। मंगलवार 28 अप्रैल को टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किया, जिसे उन्होंने आईपीएस अजयपाल शर्मा को टैग किया था। दूसरा वीडियो रविवार को सामने आया था, जिसे यूपी के पूर्व सीएम और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने ट्वीट के साथ शेयर किया था।
मंगलवार 28 अप्रैल को सांसद महुआ मोइत्रा ने जो वीडियो शेयर किया। उसे उन्होंने आईपीएस अजयपाल शर्मा को टैग करते हुए लिखा है- फेयर एंड लवली बबुआ डीआरआईपीएस अजयपाल (@DripsAjaypal) आपको फैंटाकॉप स्टाइल में मस्ती करते देखकर अच्छा लगा। हमेशा की तरह ठंडा ठंडा कूल रहो। बंगाल हमेशा तृणमूल का है। फिर दूसरे ट्वीट में महुआ ने लिखा- और हाँ, वैसे उम्मीद है कि आपकी पुलिसिंग स्किल्स आपकी डांसिंग स्किल्स से बेहतर होंगी... बस यूँ ही कह रही हूँ...हें हें हें। महुआ ने जो वीडियो शेयर किया, उसमें एक बार बाला नाच रही थी और एक शख्स भी डांस कर रहा था। हालांकि इस वीडियो पर विवाद है और कहा जा रहा है कि ये बहुत पुराना वीडियो है।
इससे पहले रविवार को शर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वे तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के प्रभावशाली उम्मीदवार जहांगीर खान के घर पहुंचे और कथित रूप से मतदाताओं को धमकाने वाले उनके गुर्गों को सख्त चेतावनी देते नजर आए। वीडियो में शर्मा जहांगीर खान (जिन्हें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता है) के आवास पर पहुंचे। वहां उन्होंने 14 पश्चिम बंगाल पुलिसकर्मियों को तैनात पाया। स्थानीय एसपी से पूछताछ पर पता चला कि खान को वाई-श्रेणी सुरक्षा दी गई है, जिसमें केवल 10 जवान लगाए जाने थे। अतिरिक्त तैनाती पर शर्मा ने नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा।
वीडियो में शर्मा कहते नज़र आ रहे हैं, “जहांगीर को बताओ कि नियमों के दायरे में रहें, वरना उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” एक अन्य वीडियो में वे फ्लाइंग स्क्वॉड टीम (FST) के सदस्यों को फटकार लगाते दिखे, क्योंकि उन्होंने जहांगीर खान के घर की पहचान नहीं की थी। शर्मा ने कहा, “शर्म आनी चाहिए तुम लोगों को। जो हल्का ले रहे हो। सारे के सारे केस दर्ज होंगे। सीबीआई तक जाएगा। दौड़ते रहना तब।” यह वीडियो बीजेपी बंगाल ने भी ट्वीट किया था। इसके अलावा सपा प्रमुख अखिलेश यादव के अलावा तमाम पत्रकारों आदि ने भी इस वीडियो को शेयर किया था।
बीजेपी ने रामपुर-संभल के एजेंट बंगाल भेजे: अखिलेश
अखिलेश यादव ने आईपीएस अजयपाल शर्मा को लेकर दो ट्वीट किए, जिसमें एक वायरल वीडियो भी है। अखिलेश यादव ने वीडियो शेयर करते हुए एक्स पर लिखा है- प. बंगाल में भाजपा ने ऑब्जवर के नाम पर रामपुर व संभल में टेस्ट किये हुए अपने एजेंट भेजे हैं लेकिन इनसे कुछ होने वाला नहीं। दीदी हैं, दीदी रहेंगी! सही समय आने पर भाजपा और उनके संगी-साथियों के इन जैसे ‘एजेंडों के एजेंटों’ की सारी आपराधिक करतूतों की गहरी जाँच होगी और बेहद सख़्त दंडात्मक कार्रवाई भी। ये सब अधिकारी के रूप में अनरजिस्टर्ड लोगों के अनरजिस्टर्ड अंडरग्राउंड सदस्य हैं। हम न इन्हें भागने देंगे, न भूमिगत होने देंगे। ये खोज के लाए जाएंगे, खोद के लाए जाएंगे और अपने कुकृत्यों के लिए क़ानूनी सज़ा भी पाएंगे। लोकतंत्र के अपराधी बख़्शे नहीं जाएंगे!
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को इसी अधिकारी को लेकर दूसरा ट्वीट किया। उन्होंने 28 अप्रैल को एक्स पर लिखा, “बंगाल चुनाव के दौरान ऑब्ज़र्वर बने, उप्र के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का जो अभद्र वीडियो सरेआम चल रहा है, उससे उत्तर प्रदेश सरकार के शासन-प्रशासन की छवि बेहद क्षतिग्रस्त हुई है साथ ही भाजपा सरकार के तथाकथित ‘महिला सम्मान’ व ‘नारी वंदन’ के दावों की पोल भी महिलाओं के सामने पूरी तरह खुल गई है। भाजपा शासन-प्रशासन में ऐसे व्यक्ति व अधिकारी अपवाद नहीं है। नारी को लगता है कि जिनके हाथ में महिला सुरक्षा की बागडोर है अगर वो ‘ऐसे’ हैं, तो हमारी सुरक्षा कैसे होगी। आज भाजपा से जुड़ी हर नारी शर्मिंदा है क्योंकि बहन-बेटियां तो उनके घरों में भी हैं।”
अखिलेश ने कहा- “देखते हैं इनका निलंबन-बर्ख़ास्तगी कितनी जल्दी होती है। इसका सीधा संबंध मुख्यमंत्री जी की छवि से जुड़ा है। इस अधिकारी के ख़िलाफ़ जैसी कार्रवाई होगी वो तय करेगी कि मुख्यमंत्री जी का इस मामले में ख़ुद का रुख़ कैसा है। वैसे इतना सब कुछ उजागर होने के बाद तो मुख्यमंत्री जी भी मन मारकर ही सही, अनुशासनात्मक-दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए बाध्य हो जाएंगे और अपने इस ‘विशेष कृपा प्राप्त’ को बचाने के लिए ये नहीं कहेंगे कि ये वीडियो ‘एआई’ जेनरेटेड है। ज़ीरो टॉलरेंस सिर्फ़ अपराधियों के ख़िलाफ़ नहीं ऐसे अधिकारियों के ख़िलाफ़ भी होना चाहिए।”
शर्मा पैराशूट से बंगाल भेजे गएः टीएमसी
शर्मा की नियुक्ति और कार्रवाई पर टीएमसी ने तीखा हमला बोला। पार्टी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि उसने 'सिंघम' को 'पैराशूट' करके बंगाल भेजा है। टीएमसी ने कहा, “योगी आदित्यनाथ के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट अजय पाल शर्मा को चुनाव आयोग ने दक्षिण 24 परगना का पुलिस पर्यवेक्षक बना दिया है। यह वही व्यक्ति है जिसका बैज 'एनकाउंटर' से हासिल किया गया है और जो पुलिस वर्दी को पर्सनल एटीएम व व्यक्तिगत बदले का हथियार बताता है।” टीएमसी ने शर्मा पर कैश के बदले पोस्टिंग, आपराधिक क्रियाकलाप, आपराधिक साजिश और सबूत गायब करने जैसे आरोप लगाए।पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के चुनाव 29 अप्रैल को होने हैं। शर्मा की सक्रियता और वायरल वीडियो ने चुनावी माहौल को गरमा दिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि भाजपा ने शर्मा को विशेष रूप से बंगाल भेजा है, जबकि चुनाव आयोग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।
बीजेपी ने अजयपाल शर्मा की मौजूदगी को 'स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव' की गारंटी बताया। वीडियो को 'धमकी और गुंडागर्दी के खिलाफ कड़ा संदेश' बताते हुए सराहना की और कहा कि शर्मा जैसे अधिकारी की मौजूदगी टीएमसी के गुंडातंत्र पर लगाम लगाएगी।