चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर पूरे क्षेत्र में 21 मई को पुनर्मतदान का आदेश दिया है। आयोग ने 29 अप्रैल को दूसरे और अंतिम चरण में हुए मतदान के दौरान गंभीर चुनावी अपराधों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाने का हवाला दिया। हालांकि यह आदेश काफी देर से आया है, क्योंकि शनिवार को ही दो विधानसभा क्षेत्रों में पुनर्तमतदान हो चुका है। लेकिन फलता में दो दिन से हो रहे प्रदर्शन के बाद चुनाव आयोग ने फैसला लिया। यहां पर बीजेपी आरोप लगा रही थी कि टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने 29 अप्रैल को मतदान के दौरान गड़बड़ की है।

चुनाव आयोग ने शनिवार को जारी आदेश में फलता विधानसभा क्षेत्र की सभी 285 मतदान केंद्रों (सहायक केंद्रों सहित) पर पुनर्मतदान कराने का फैसला लिया है। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। फलता में पुनर्मतदान के वोटों की गिनती 24 मई को की जाएगी, जबकि बाकी सभी सीटों के मतों की गिनती सोमवार 4 मई को तय है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में हुए थे। 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को।

फलता में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं

चुनाव आयोग के अनुसार, फलता में मतदान के दौरान इतनी गंभीर घटनाएं हुईं कि पूरे क्षेत्र का मतदान रद्द कर पुनर्मतदान जरूरी हो गया है। आयोग ने इसे लोकतंत्र की प्रक्रिया को नुकसान करने की घटना बताया। लेकिन चुनाव आयोग इस बात पर मौन है कि उसे यह बात देर से क्यों समझ में आई और आदेश इतनी देरी से क्यों आया।

स्थानीय लोगों के आरोप और विरोध प्रदर्शन

फलता में दिनभर भारी विरोध प्रदर्शन देखा गया। स्थानीय लोगों ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) कार्यकर्ताओं पर धमकी देने का आरोप लगाया। एएनआई के वीडियो में स्थानीय लोग सुरक्षा बलों से बहस करते दिखे। महिलाओं सहित कई लोग सड़कों पर उतरे और अपनी सुरक्षा की मांग की।
एक महिला ने कहा, “TMC के इसराफिल चौकीदार ने हमें धमकी दी है कि अगर ये लोग जीत गए तो हमारे घर जलाकर खून-खराबा करेंगे।” एक अन्य महिला ने आरोप लगाया, “हमने TMC को वोट दिया था, फिर भी उन्होंने हम पर हमला किया। हम चाहते हैं कि उन्हें गिरफ्तार किया जाए और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।”

EVM से जुड़ी शिकायतें

चुनाव आयोग को दूसरे चरण के मतदान के दौरान कम से कम 77 शिकायतें EVM tampering की मिली थीं। कुछ EVM बटनों पर एडहेसिव टेप चिपकाया गया या स्याही से काला कर दिया गया, जिससे मतदाता अपने पसंदीदा उम्मीदवार को वोट नहीं दे पाते। कुछ मामलों में बटनों पर इत्र लगाया गया था ताकि दबाने वाले की पहचान हो सके। इसीलिए चुनाव आयोग ने इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए फलता सीट पर पूर्ण पुनर्मतदान का फैसला लिया है ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित हो सके।

15 मतदान बूथों पर फिर से वोटिंग, 86.9% पुनर्मतदान दर्ज

शनिवार शाम 5 बजे तक दो विधानसभा क्षेत्रों में हुए पुनर्मतदान में कुल मिलाकर 86.9% मतदान दर्ज किया गया है। हालांकि इस मतदान प्रतिशत में अभी बदलाव होगा। चुनाव आयोग ने अभी अंतिम मतदान प्रतिशत घोषित नहीं किया है। डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्र में 87.6% और मगराहट पश्चिम में 86.11% मतदान हुआ है। बारिश के बीच राज्य विधानसभा चुनाव के लिए मतदान के दौरान लंबी लाइनें देखी गईं। दक्षिण 24 परगना जिले के मगराहट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में एक मतदान केंद्र के बाहर मतदाताओं की लंबी कतारें लगीं। 29 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में कथित छेड़छाड़ की खबरों के बाद ईसीआई के निर्देशों के बाद दोनों विधानसभा क्षेत्रों के 15 बूथों पर पुनर्मतदान भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच समाप्त हुआ।
पश्चिम बंगाल से और खबरें
चुनाव आयोग को पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण के दौरान ईवीएम में छेड़छाड़ से संबंधित कम से कम 77 शिकायतें मिली थीं।अधिकारियों ने बताया कि कुछ मामलों में, ईवीएम पर किसी राजनीतिक दल के बटन को टेप से ढक दिया गया था या स्याही से काला कर दिया गया था, जिससे मतदाता अपना वोट नहीं डाल पाए। कुछ मामलों में, बटनों पर इत्र लगाया गया था ताकि विरोधी दल बटन दबाने वाले की पहचान कर सकें।