रूस के विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी की मौत के मामले में पांच यूरोपीय देशों ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, स्वीडन और नीदरलैंड्स ने बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि रूसी विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी की मौत जहर देने से हुई थी। जांच में उनके शरीर से एपिबैटिडाइन नाम का घातक जहर मिला है। यह जहर दक्षिण अमेरिका के पॉइजन डार्ट फ्रॉग की त्वचा से मिलता है। यह जहर रूस में प्राकृतिक रूप से नहीं पाया जाता। इन देशों ने रूस को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है और कहा है कि रूसी सरकार के पास ही साधन, मकसद और मौका था इसे देने का।

एपिबैटिडाइन एक बहुत शक्तिशाली न्यूरोटॉक्सिन यानी तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचाने वाला जहर है। यह मेंढक की त्वचा से निकलता है और मॉर्फिन से 100 गुना ज्यादा शक्तिशाली होता है। जंगली मेंढकों में यह जहर बनता है, लेकिन कैद में रखे मेंढकों में नहीं। रूस में यह बिल्कुल नहीं पाया जाता। पांच देशों की लैब जांच में नवलनी के शरीर के सैंपल से इसकी पुष्टि हुई है। इन देशों ने कहा कि लक्षणों और जहर की ताकत को देखते हुए मौत जहर से ही हुई है।

नवलनी की मौत कब और कैसे हुई?

एलेक्सी नवलनी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सबसे बड़े आलोचक थे। उन्होंने बड़े-बड़े विरोध प्रदर्शन कराए और सरकारी भ्रष्टाचार उजागर किया। 2020 में उन्हें नर्व एजेंट यानी नोविचोक से जहर दिया गया था, जिसके बाद वे जर्मनी में इलाज कराकर लौटे और तुरंत गिरफ्तार हो गए। उन्हें 19 साल की सजा हुई। उन्होंने इसे राजनीतिक गिरफ़्तारी क़रार दिया था।

16 फरवरी 2024 को आर्कटिक क्षेत्र की एक जेल में उनकी मौत हो गई। रूसी सरकार ने कहा कि वे सैर के बाद बीमार पड़े और प्राकृतिक कारणों से मर गए। लेकिन परिवार और समर्थकों ने हमेशा जहर का आरोप लगाया।

यूरोपीय देशों का संयुक्त बयान

पांचों देशों के विदेश मंत्रालयों ने संयुक्त बयान जारी किया। उन्होंने कहा, 'जांच से एपिबैटिडाइन की मौजूदगी साबित हुई। रूस ने ही जहर दिया, क्योंकि सिर्फ सरकार के पास ऐसा करने की क्षमता थी।' 

पांचों यूरोपीय देशों के विदेश मंत्रालयों ने साझा बयान में कहा है कि रूस ने राजनीतिक विरोध से डरकर ऐसा किया। वे रूस को केमिकल वेपन्स कन्वेंशन में उल्लंघन के लिए रिपोर्ट करेंगे।

ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कोपर ने म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में कहा, 'रूस ने नवलनी को खतरा माना। इस तरह के जहर का इस्तेमाल दिखाता है कि उनके पास कितने घिनौने हथियार हैं और राजनीतिक विरोध से कितना डरते हैं।' उन्होंने नवलनी की पत्नी यूलिया नवल्नाया से भी मुलाकात की।

यूलिया नवल्नाया का बयान

टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार नवलनी की पत्नी यूलिया नवल्नाया ने कहा, "मुझे पहले दिन से पता था कि मेरे पति को जहर दिया गया। लेकिन अब यह विज्ञान से साबित हो गया है। दुनिया के सबसे खतरनाक जहरों में से एक एपिबैटिडाइन से उन्हें मारा गया।'

रूस का जवाब

रूस ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने इसे पश्चिमी प्रोपगैंडा और झूठी जानकारी बताया। रूसी मीडिया ने कहा कि यह एक अभियान है।

क्यों अहम है यह खुलासा?

नवलनी की मौत के दो साल बाद यह सबसे मजबूत सबूत है कि मौत हत्या थी। पहले 2020 में नोविचोक जहर का मामला था। अब यह नया जहर रूस पर और दबाव डालेगा। यूरोपीय देश नए प्रतिबंध लगा सकते हैं।

यह घटना रूस में राजनीतिक विरोध को दबाने और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर बड़ा असर डाल सकती है।