पाकिस्तान इस समय यूएन सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य है और चीन ने मिलकर यूएन की एक समिति में यह प्रस्ताव रखा था कि बीएलए और मजीद ब्रिगेड को आतंकवादी संगठन घोषित किया जाए। पाकिस्तान के राजदूत असीम इफ्तिखार अहमद ने कहा कि ये समूह अफ़ग़ानिस्तान से हमले करते हैं और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी टीटीपी, अल-कायदा जैसे संगठनों के साथ मिलकर काम करते हैं। लेकिन अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने कहा कि इसके लिए ठोस सबूत चाहिए जो प्रस्ताव में नहीं थे। इसलिए उन्होंने इस पर छह महीने की अस्थायी रोक लगा दी।
बीएलए और मजीद ब्रिगेड क्या हैं?
बीएलए एक बलूच संगठन है, जो बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग करने की मांग करता है। यह संगठन 2000 के दशक से सक्रिय है और इसने पाकिस्तानी सेना, सरकारी इमारतों और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे यानी सीपीईसी से जुड़ी परियोजनाओं पर हमले किए हैं। पाकिस्तान आरोप लगाता रहा है कि मजीद ब्रिगेड, बीएलए की आत्मघाती हमले करने वाली इकाई है, जिसने 2024 में कराची हवाई अड्डे और ग्वादर पोर्ट पर हमले किए और 2025 में जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को बंधक बनाने की घटना में शामिल थी, जिसमें 31 लोग मारे गए।