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ब्रिटेन में फाइजर वैक्सीन लगाने को मंजूरी, अगले हफ़्ते से मिलेगा टीका

कोरोना वैक्सीन पर ख़ुशख़बरी है। वैक्सीन आख़िरकार इंसानों को अब लगने लगेगी। ब्रिटेन पहला देश बन गया है जहाँ फाइज़र वैक्सीन को हरी झंडी मिल गई है। अगले हफ़्ते से यह टीका लगाया जाने लगेगा। इसके साथ ही अब यह सवाल नहीं उठेगा कि 'आख़िर वैक्सीन आएगी कब?' यह वह सवाल था जो किसी भी वैक्सीन की कोई भी ख़बर आने के साथ उठाया जा रहा था। अब इस ताज़ा ख़बर के साथ ही दूसरे कई संदेहों पर भी विराम लग जाएगा। 

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दुनिया भर में कोरोना का अब तक इलाज नहीं ढूँढा जा सका है और इसलिए वैक्सीन पर ही दुनिया भर के लोगों की उम्मीदें टिकी हैं। ये उम्मीदें कितनी ज़्यादा हैं इसके बारे में इसी तथ्य से अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि दुनिया भर में कोरोना के अब तक 6 करोड़ से ज़्यादा संक्रमण के मामले आ चुके हैं। 14 लाख 89 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है। अकेले अमेरिका में 1 करोड़ 41 लाख से ज़्यादा संक्रमण के मामले आए हैं और 2 लाख 76 हज़ार से ज़्यादा मौतें हो चुकी हैं। अमेरिका के बाद सबसे ज़्यादा प्रभावित देश भारत है और यहाँ 95 लाख से ज़्यादा संक्रमण के मामले आ चुके हैं और 1 लाख 38 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। 

इस बीच फाइजर की इस वैक्सीन को ब्रिटेन में मंजूरी मिलने की ख़बर सुकून देने वाली है। फाइजर ने यह वैक्सीन बायोएनटेक के साथ मिलकर तैयार की है। पहले इसके बारे में रिपोर्ट आई थी कि तीसरे चरण के ट्रायल के बाद यह वैक्सीन संक्रमण को रोकने में 95% प्रभावी पाई गई है।

ब्रिटेन सरकार ने कहा है कि इसने फाइजर-बायोएनटेक की कोरोना वैक्सीन को इस्तेमाल करने के स्वतंत्र चिकित्सा नियामक, मेडिसिन एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी यानी एमएचआरए के सुझाव को स्वीकार कर लिया है।

इसके साथ ही सरकार ने यह भी कहा है कि पूरे ब्रिटेन में यह अगले हफ़्ते से उपलब्ध होगी। 

ब्रिटेन की वैक्सीन कमेटी तय करेगी कि स्वास्थ्य और देखभाल स्टाफ, बुजुर्ग और ऐसे लोग जो चिकित्सकीय रूप से बेहद कमज़ोर हैं, आदि प्राथमिकता वाले समूहों में से किसे सबसे पहले वैक्सीन लगाई जाएगी।

वीडियो में देखिए, कोरोना के सस्ते इलाज पर विवाद क्यों?

ब्रिटेन को 2021 के अंत तक दवा की चार करोड़ खुराक मिलने की संभावना है। इतनी खुराक से देश की एक तिहाई आबादी का टीकाकरण हो सकता है।

फाइजर ने कहा है कि ब्रिटेन का आपातकालीन उपयोग को मंजूरी देना कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ लड़ाई में एक ऐतिहासिक क्षण है।

सीईओ अल्बर्ट बौर्ला ने कहा, 'यह मंजूरी एक ऐसा लक्ष्य है जिसकी ओर हम काम करते रहे हैं। हमने पहले ही घोषित किया कि विज्ञान जीतेगा, और हम एमएचआरए की सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करने और यूके के लोगों की सुरक्षा में मदद करने के लिए समय पर कार्रवाई करने की क्षमता की सराहना करते हैं।'
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