पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर पूर्व क्रिकेट कप्तानों ने बड़ी चिंता जताई है। 14 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने एक संयुक्त पत्र लिखकर पाकिस्तान सरकार से मांग की है कि जेल में बंद इमरान खान से सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और उन्हें तुरंत अच्छी मेडिकल सुविधा दी जाए। इसमें भारतीय दिग्गज सुनील गावस्कर और कपिल देव भी शामिल हैं। लेकिन हैरानी की बात है कि इस लिस्ट में कोई भी पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर नहीं है।

73 साल के इमरान खान पाकिस्तान के लिए 1992 का वर्ल्ड कप जीतने वाले कप्तान हैं। वह पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री भी रहे हैं। वे अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, जेल में मेडिकल सुविधा न मिलने से उनकी दाहिनी आँख की रोशनी में क़रीब 85% कमी आ गई है। उनके वकील और परिवार का कहना है कि आंख में ब्लड क्लॉट की वजह से यह समस्या हुई, लेकिन समय पर इलाज नहीं हुआ। इससे आँख में सिर्फ 15% विजन बचा है।
पाकिस्तान सरकार की तरफ़ से एक मेडिकल बोर्ड ने जांच की और दावा किया कि आंख की हालत सुधर रही है, लेकिन इमरान के परिवार और उनकी पार्टी पीटीआई ने इसे खारिज कर दिया। वे कहते हैं कि यह जांच पक्षपाती थी और उनके डॉक्टरों को शामिल नहीं किया गया।

पूर्व कप्तानों के पत्र में क्या है?

पूर्व कप्तानों का यह पत्र 'Appeal by former International Cricket Captains' नाम से है। इसमें लिखा है, 'हम पूर्व कप्तान इमरान खान की जेल की हालत और स्वास्थ्य को लेकर बहुत चिंतित हैं। उनकी आंख की रोशनी तेजी से खराब हो रही है। पिछले ढाई साल से जेल की स्थितियां चिंताजनक हैं। क्रिकेट में फेयर प्ले, सम्मान और इज्जत की वैल्यूज हम सब जानते हैं। इमरान खान जैसे बड़े खिलाड़ी और पूर्व प्रधानमंत्री को सम्मान और इंसानी हक के मुताबिक व्यवहार मिलना चाहिए।'

वे क्या मांग कर रहे हैं?

  • तुरंत अच्छे स्पेशलिस्ट डॉक्टरों से, उनके चुने हुए डॉक्टर से इलाज।
  • अंतरराष्ट्रीय स्टैंडर्ड के मुताबिक इंसानी और सम्मानजनक जेल की स्थितियां।
  • परिवार से नियमित मुलाकात।
  • कानूनी प्रक्रिया में पारदर्शिता।
पत्र में इमरान की विरासत का जिक्र है। इसमें लिखा गया है, 'वे 1992 वर्ल्ड कप जीतने वाले कप्तान हैं। उनका ऑलराउंडर खेल, लीडरशिप और करिश्मा दुनिया भर में मशहूर है। राजनीति में भी वे चुने हुए प्रधानमंत्री रहे।'

यह अपील खेल की भावना और इंसानियत के नाम पर की गई है, बिना किसी राजनीतिक पक्षपात के। ख़त लिखने वालों में पूर्व कप्तान भारत के सुनील गावस्कर व कपिल देव, इंग्लैंड के माइकल एथर्टन, माइकल ब्रियरली, डेविड गावर व नासिर हुसैन, ऑस्ट्रेलिया के एलन बॉर्डर, ग्रेग चैपल, इयान चैपल, बेलिंडा क्लार्क, किम ह्यूजेस व स्टीव वॉ, वेस्टइंडीज के क्लाइव लॉयड और न्यूजीलैंड के जॉन राइट शामिल हैं। ग्रेग चैपल ने इस पत्र को ड्राफ्ट किया।

क्यों कोई पाकिस्तानी कप्तान नहीं?

यह सबसे बड़ी बात है कि वसीम अकरम, वकार यूनिस, मिस्बाह-उल-हक जैसे पाकिस्तान के कोई पूर्व कप्तान इसमें शामिल नहीं हैं। इससे राजनीतिक दबाव या डर का अंदेशा जताया जा रहा है। यह घटना क्रिकेट और राजनीति दोनों में सुर्खियां बटोर रही है। इमरान खान के समर्थक इसे उनकी रिहाई और बेहतर इलाज के लिए बड़ा समर्थन मान रहे हैं। पाकिस्तान सरकार ने अभी कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है, लेकिन स्वास्थ्य जांच जारी है।