ईरान-इसराइल-अमेरिका युद्ध: क्या ट्रंप ज़मीन पर हमले की तैयारी कर रहे हैं? मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, सैन्य गतिविधियों और वैश्विक असर की हर बड़ी खबर यहां पढ़ें।
ईरान ने अमेरिका को सख्त चेतावनी दी है। अमेरिका अगर ईरान में ज़मीन पर सैनिक उतारने की तैयारी कर रहा है, तो ईरान कह रहा है, 'हम आपका इंतज़ार कर रहे हैं।' ईरान के दूतावास ने सोशल मीडिया पर यह पोस्ट करते हुए तेहरान टाइम्स के फ्रंट पेज के स्क्रीनशॉट को साझा किया है जिसका शीर्षक है- 'Welcome to Hell' यानी 'स्वागत है नर्क में'।
इसके साथ ही अखबार में आगे चेतावनी दी गई है कि अगर अमेरिकी सैनिक ईरान की ज़मीन पर कदम रखेंगे तो वे ताबूत में ही वापस लौटेंगे। मतलब, वे जिंदा नहीं लौट पाएंगे। ईरान के अधिकारियों का कहना है कि उनकी सेना पूरी तरह तैयार है और किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देगी। दोनों देशों के बीच तनाव तेजी से बढ़ रहा है।
ईरान का दावा- अमेरिकी AWACS विमान को निशाना बनाया
ईरान ने दावा किया है कि उसने सऊदी अरब में एक अमेरिकी एयरबेस पर जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमले के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका के एक विमान को काफ़ी नुकसान पहुँचाया है। रिपोर्टों के मुताबिक़, ये हमले प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर हुए, जहाँ अब नष्ट हो चुका ई-3 AWACS कमांड और कंट्रोल विमान, अमेरिका के अन्य सैन्य साज़ो-सामान के साथ तैनात था।
ईरान के 'प्रेस टीवी' द्वारा जारी की गई नई तस्वीरों में विमान का मुख्य हिस्सा क्षतिग्रस्त दिखाई दे रहा है, जबकि उसका अगला और पिछला हिस्सा ही सुरक्षित बचा है। बताया जा रहा है कि इस हमले में छह बैलिस्टिक मिसाइलों और 29 ड्रोनों का इस्तेमाल किया गया था।
ईरान ने खाड़ी देशों को चेताया
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने खाड़ी देशों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर वे विकास और सुरक्षा चाहते हैं तो अमेरिका और इसराइल जैसे दुश्मनों को अपने देश की जमीन से ईरान के खिलाफ युद्ध नहीं चलाने दें। राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'हम कई बार कह चुके हैं कि ईरान पहले हमला नहीं करता, लेकिन अगर हमारे इंफ्रास्ट्रक्चर या आर्थिक केंद्रों पर हमला हुआ तो हम बहुत मजबूती से जवाब देंगे।' उन्होंने क्षेत्र के देशों से अपील की, 'अगर तुम विकास और सुरक्षा चाहते हो तो अपने यहां से हमारे दुश्मनों को युद्ध नहीं चलाने दो।'
यह चेतावनी तब आई है जब ईरान और अमेरिका-इसराइल के बीच युद्ध लगभग एक महीने से जारी है। ईरान का कहना है कि वह पड़ोसी देशों से कोई झगड़ा नहीं चाहता, लेकिन अगर उनकी जमीन या हवाई क्षेत्र अमेरिका-इसराइल के हमलों के लिए इस्तेमाल होगा तो पूरा क्षेत्र अस्थिर हो जाएगा।
इसराइल का ईरान के नौसेना रिसर्च सेंटर पर हमला
अमेरिका द्वारा ईरान में जमीनी सैन्य कार्रवाई की तैयारी किए जाने के बीच तेहरान में कई धमाके सुने गए हैं। इसराइली सेना ने कहा है कि उसने ईरान के नौसेना हथियारों के रिसर्च सेंटर पर हमला किया है। तेहरान पर ये नए हमले तब हुए जब यमन के हूती विद्रोहियों ने इसराइल की तरफ़ मिसाइल दागकर पश्चिम एशिया के युद्ध में अपनी एंट्री का ऐलान कर दिया।
ईरान के यमनी सहयोगियों के इस हस्तक्षेप से अब रेड सी में जहाजों की आवाजाही बाधित होने का खतरा बढ़ गया है। इससे पहले ही ईरान के पास हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद होने की वजह से अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ रहा है। अब ये नई समस्या और बढ़ा सकती है।
ईरान के होर्मोज़गान पर हमले में पाँच की मौत: रिपोर्ट
फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, होर्मोज़गान प्रांत के बंदर-ए-खमीर शहर में एक घाट पर अमेरिका-इसराइल के हमले में पाँच लोग मारे गए और चार अन्य घायल हो गए। एजेंसी ने बताया कि इस हमले में दो जहाज़ और एक वाहन को निशाना बनाया गया, जिससे उन्हें नुकसान पहुँचा।ज़मीनी सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहा पेंटागन
अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ईरान में कई हफ्तों तक चलने वाली ज़मीन पर सैन्य कार्रवाई की योजनाएँ बना रहा है। इसमें खार्ग द्वीप और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास वाले तटीय इलाकों पर छापेमारी भी शामिल हो सकती है। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी किसी भी सैनिकों को भेजने की मंजूरी नहीं दी है। यह खबर वाशिंगटन पोस्ट ने दी है।
वाशिंगटन पोस्ट ने अज्ञात अधिकारियों के हवाले से बताया कि कोई भी ज़मीन कार्रवाई पूरे पैमाने पर आक्रमण नहीं होगी। इसके बजाय विशेष कमांडो बल और सामान्य पैदल सैनिकों द्वारा छोटी-छोटी छापेमारी की जाएगी। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शुक्रवार को ज़ोर देकर कहा था कि अमेरिका ज़मीनी सैनिकों के बिना भी अपने सभी लक्ष्य हासिल कर सकता है, लेकिन 'द पोस्ट' ने बताया कि इस संबंध में योजना काफी आगे बढ़ चुकी है। पोस्ट के अनुसार एक अधिकारी ने कहा, 'यह कोई आखिरी मिनट की योजना नहीं है।'
मिसाइल, ड्रोन हमलों का जवाब दे रहा कुवैत
कुवैत की सेना ने रविवार को कहा कि वह दुश्मन की मिसाइल और ड्रोन के खतरों का जवाब दे रही है। कुवैत के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'हम इस बात की पुष्टि करते हैं कि अगर कोई धमाका सुनाई देता है, तो वह हवाई सुरक्षा प्रणालियों द्वारा दुश्मन के ठिकानों को रोकने का नतीजा है।'
यह घटना शनिवार को कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए ड्रोन हमलों के बाद सामने आई है। देश की सिविल एविएशन अथॉरिटी के हवाले से सरकारी समाचार एजेंसी KUNA ने बताया कि इन हमलों से एयरपोर्ट के रडार सिस्टम को काफी नुकसान पहुंचा, लेकिन इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। अथॉरिटी के प्रवक्ता ने बाद में कहा कि ये हमले ईरान, उसके सहयोगियों और उसके समर्थन वाले सशस्त्र गुटों द्वारा किए गए थे।
लेबनान में इसराइली हमले में 3 पत्रकारों की मौत
दक्षिणी लेबनान में हुए एक इसराइली हवाई हमले में तीन पत्रकारों की मौत हो गई, जो इसराइल-हिजबुल्लाह के बीच चल रहे ताज़ा युद्ध की रिपोर्टिंग कर रहे थे। उनके टीवी चैनलों ने ही यह ख़बर दी है। हिजबुल्लाह के अल-मनार टीवी ने बताया कि उसके लंबे समय से संवाददाता रहे अली शोएब की शनिवार को दक्षिणी लेबनान में मौत हो गई। इसराइली सेना ने कहा कि उसने शोएब को निशाना बनाया था, और बिना कोई सबूत दिए उन पर हिजबुल्लाह का खुफिया एजेंट होने का आरोप लगाया।
बहरीन में एल्युमिनियम प्लांट पर ईरानी हमला
सरकारी मीडिया के अनुसार, एल्युमिनियम बहरीन 'Alba' ने एक बयान जारी कर पुष्टि की है कि उसके प्लांट पर ईरान की ओर से हमला किया गया था। बहरीन न्यूज़ एजेंसी ने इस बयान के हवाले से कहा, 'Alba के कर्मचारियों की सुरक्षा और हिफ़ाज़त हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है और कंपनी इस बात की पुष्टि करती है कि Alba के दो कर्मचारियों को मामूली चोटें आई हैं।'
बयान के अनुसार 'Alba अपने प्लांट को हुए नुकसान का जायज़ा ले रही है, और वह अपने कामकाज को सुचारू रूप से जारी रखने तथा अपने कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी ज़रूरत पड़ने पर, उचित समय पर इस संबंध में और जानकारी उपलब्ध कराएगी।'
यमन के हूती ईरान के युद्ध में कूदे, इसराइल पर फिर हमले
यमन के ईरान समर्थित हूती समूह ने यह युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार इसराइल पर हमले किए। इससे ईरान युद्ध के और फैलने का ख़तरा बढ़ गया है। हूती समूह ने कहा है कि वे तब तक अपने हमले जारी रखेंगे जब तक सभी मोर्चों पर 'आक्रामकता' पूरी तरह से बंद नहीं हो जाती। इसी बीच, अमेरिका ने भी अपने अतिरिक्त सैनिकों को पश्चिम एशिया भेजना शुरू कर दिया है।
हमलों से पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका उम्मीद करता है कि कुछ हफ्तों में सैन्य कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी। लेकिन उनके इस बयान के बीच ही अमेरिकी मरीन्स की एक नई टुकड़ी भी इस इलाक़े में पहुंचना शुरू हो गई है।