होर्मुज में ईरानी क्रूज मिसाइलों ने यूएई के दो तेल टैंकरों 'मोम्बासा' और 'अल बहिया' को निशाना बनाया। इस हमले में भारतीय नाविक की मौत हो गई और 6 अन्य भारतीय घायल हुए हैं।
ईरान के मिसाइल हमले में भारतीय नाविक की मौत
अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच खाड़ी के समुद्री व्यापारिक मार्गों (Gulf shipping routes) पर एक बड़ी और चिंताजनक घटना सामने आई है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ईरानी क्रूज मिसाइलों (Iranian cruise missiles) द्वारा यूएई के दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया है। इस भीषण हमले में टैंकर पर सवार एक भारतीय चालक दल के सदस्य (Indian crew member) की मौत हो गई है, जबकि छह अन्य भारतीयों सहित कुल आठ नाविक घायल हुए हैं।
ओमान के समुद्री क्षेत्र में हुआ हमला
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक आधिकारिक बयान जारी कर इस हमले की पुष्टि की। मंत्रालय के मुताबिक, यूएई के दो राष्ट्रीय तेल टैंकर 'मोम्बासा' (Mombasa) और 'अल बहिया' (Al Bahiyah), होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिणी शिपिंग लेन से गुजर रहे थे। यह हमला उस समय हुआ जब दोनों जहाज ओमान के प्रादेशिक समुद्री क्षेत्र (Omani territorial waters) के भीतर थे।भारतीय नाविकों को भारी नुकसान
रक्षा मंत्रालय द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, हताहतों का विवरण इस प्रकार है: मृतक: हमले में जान गंवाने वाला भारतीय नागरिक तेल टैंकर 'मोम्बासा' (Mombasa) पर तैनात था। कुल 8 चालक दल के सदस्य घायल हुए हैं, जिनमें से 4 की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। घायलों में 6 भारतीय नागरिक और 2 यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं।जहाजों में लगी आग, यूएई ने दी कड़ी चेतावनी
यूएई ने इस हमले का सीधा आरोप ईरान पर लगाया है। मंत्रालय ने बताया कि मिसाइलें लगने के बाद दोनों टैंकरों पर भीषण आग लग गई, जिससे जहाजों को काफी भौतिक नुकसान (material damage) पहुंचा है। हालांकि, आपातकालीन टीमों की मुस्तैदी के कारण दोनों जहाजों पर लगी आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है।यूएई के रक्षा मंत्रालय ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे अंतर्राष्ट्रीय कानून का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बताया है। यूएई ने स्पष्ट किया कि वह इस आक्रामक कदम का जवाब देने के लिए अपना पूरा अधिकार सुरक्षित रखता है। यूएई की सशस्त्र सेनाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है और देश की संप्रभुता व हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) एजेंसी ने भी ओमान के कलहात (Qalhat) से लगभग 40 समुद्री मील उत्तर-पूर्व में एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल द्वारा एक अन्य टैंकर पर हमले की सूचना दी है, जिसके इंजन रूम को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यह यूएई के टैंकरों पर हुए हमले से जुड़ा है या नहीं।
दूसरी ओर, ईरान ने आधिकारिक तौर पर इन रिपोर्टों पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन ईरानी सरकारी टेलीविजन ने दावा किया है कि रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (Revolutionary Guards) ने जलडमरूमध्य में अवैध रूप से गुजरने वाले जहाजों पर चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाई थीं।
यह हमला अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच फरवरी से जारी उस बढ़ते संघर्ष का हिस्सा है, जिसके तहत अमेरिकी और इसराइली सेनाओं ने ईरानी ठिकानों पर हमले किए थे। इस ताजा हमले के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय शिपिंग को सुरक्षित रखने के अंतरिम समझौतों पर काले बादल मंडराने लगे हैं।
मुजतबा के 90% खत्म होने का ट्रंप का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई जो पिछले हफ़्ते अपने पिता अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में नहीं दिखे थे, वो भी (मुजतबा) "90 प्रतिशत खत्म" हो चुके हैं। फॉक्स न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, "उनके पास न तो नौसेना है और न ही वायु सेना, सब कुछ खत्म हो गया है। उनका एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम खत्म हो गया है, उनके सभी नेता मारे जा चुके हैं, उनके सबसे अच्छे नेता मारे जा चुके हैं।" ट्रंप ने आगे दावा किया कि युद्ध में ईरान के सबसे अच्छे नेता मारे गए हैं। राष्ट्रपति ने कहा, "वे खत्म हो गए हैं। खोमैनी खत्म हो गए हैं।" उन्होंने 1989 में मरे ईरानी क्रांतिकारी नेता का नाम लिया, जबकि ज़ाहिर तौर पर वे अली खामेनेई की बात कर रहे थे, जो 28 फरवरी को युद्ध के पहले दिन मारे गए थे। उन्होंने आगे कहा, "उनका बेटा भी 90 प्रतिशत खत्म हो चुका है।" मुजतबा खामेनेई 28 फरवरी के बाद से सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे हैं; उसी दिन अमेरिका और इसराइल के हमलों में उनके पिता की भी मौत हो गई थी और वे खुद घायल हो गए थे। उनके लगातार गायब रहने से उनकी सेहत और वे कहाँ हैं, इस बारे में लोगों के बीच काफ़ी अटकलें लगाई जा रही हैं।
यूके ने आईआरजीसी को आतंकी संगठन घोषित किया
अल जज़ीरा के मुताबिक UK सरकार ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को आतंकवादी संगठन घोषित किया है। यह कदम उन नए नियमों के तहत उठाया गया है जिनके ज़रिए राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माने जाने वाले विदेशी सरकारी निकायों को इस सूची में शामिल किया जा सकता है। IRGC का समर्थन या मदद करने वालों को 14 साल तक की जेल हो सकती है।
ईरान ने 20% कार्गो फीस के लिए ट्रंप का मज़ाक उड़ाया
ईरान ने होर्मुज़ समुद्री रास्ते से गुज़रने वाले सभी कार्गो पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की योजना का मज़ाक उड़ाया है। ईरान के विदेश मंत्री ने कहा है कि अमेरिका नहीं, बल्कि ईरान ही हमेशा से इस जलमार्ग का असली संरक्षक रहा है।ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने कहा, "अमेरिकी राष्ट्रपति बिल्कुल सही कह रहे हैं। जो कोई भी होर्मुज़ समुद्री रास्ते से कमर्शियल जहाजों के सुरक्षित आवागमन की सुविधा देता है, उसे इस सेवा के लिए मुआवजा मिलना चाहिए। ईरान हमेशा से इस जलडमरूमध्य का संरक्षक रहा है और हमेशा रहेगा।" इसके बाद उन्होंने ट्रंप द्वारा प्रस्तावित फीस की दर पर सवाल उठाते हुए कहा, "20 प्रतिशत निश्चित रूप से बहुत ज़्यादा है। हम उचित शुल्क तय करेंगे।"
अरागची की ये बातें ट्रंप के 'ट्रुथ सोशल' प्लेटफॉर्म पर किए गए एक पोस्ट के बाद आईं, जिसमें उन्होंने होर्मुज़ के लिए अपनी योजना बताई थी। उन्होंने लिखा, "अब से अमेरिका को 'होर्मुज़ जलडमरूमध्य का संरक्षक' (गार्जियन ऑफ़ द होरमुज़ स्ट्रेट) माना जाएगा। लेकिन, निष्पक्षता के नाते, दुनिया के इस बेहद संवेदनशील इलाके में सुरक्षा और हिफ़ाज़त का काम करने में आने वाले सभी ज़रूरी खर्चों के लिए, वहां से गुज़रने वाले सभी कार्गो पर 20 प्रतिशत की दर से शुल्क लिया जाएगा। यह प्रक्रिया और व्यवस्था तुरंत शुरू हो जाएगी।"