ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने अपने पहले संदेश में युद्ध के बढ़ने के संकेत दिये हैं। जानिए उन्होंने क्यों कहा कि मध्य पूर्व में सभी अमेरिकी सैन्य ठिकाने तुरंत बंद होने चाहिए और होर्मुज स्ट्रेट बंद ही रहना चाहिए।
ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने गुरुवार को अपना पहला संदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को तुरंत बंद करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखने की बात कही। यह संदेश ईरान के सरकारी मीडिया पर पढ़कर सुनाया गया, क्योंकि मुजतबा खुद कैमरे पर नहीं दिखे।
मुजतबा खामेनेई दिवंगत सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई के बेटे हैं। अली खामेनेई की मौत के बाद मुजतबा को सर्वोच्च नेता चुना गया है। मुजतबा खामेनेई ने अपने संदेश में कहा कि ईरान अपने दुश्मनों पर दबाव बनाने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखेगा। उन्होंने कहा, 'होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का लीवर अभी भी इस्तेमाल किया जाना चाहिए।' यह जलडमरूमध्य दुनिया के तेल का बड़ा हिस्सा गुजरने वाला बेहद अहम रास्ता है, और इसे बंद करने से वैश्विक तेल की क़ीमतें बहुत बढ़ गई हैं।
स्कूल पर हमले का ज़िक्र
मुजतबा ने आगे कहा कि क्षेत्र में सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को तुरंत बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिकी ठिकाने हमलों का निशाना बनेंगे। मुजतबा ने अपने पिता और अन्य नागरिकों की मौत का बदला लेने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा, 'हम ईरानी नागरिकों के ख़ून का बदला लेने से नहीं हिचकिचाएंगे।' उन्होंने मिनाब शहर में लड़कियों के एक स्कूल पर हमले का ज़िक्र किया, जिसमें ईरानी अधिकारियों के अनुसार क़रीब 170 लोग मारे गए। इनमें 110 बच्चे शामिल थे।मुजतबा ने ईरान के सहयोगी समूहों जैसे यमन के हूती और इराक के सशस्त्र गुटों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि रेजिस्टेंस मूवमेंट दुश्मनों के खिलाफ लड़ाई में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने पड़ोसी देशों से दोस्ताना रिश्ते बनाए रखने की बात कही, लेकिन चेतावनी दी कि अमेरिकी सेनाओं को शरण देने वाले देशों के ख़िलाफ़ कार्रवाई होगी।
मुजतबा भी घायल हुए थे
यह संदेश ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका-इसराइल के बीच युद्ध जारी है। 28 फ़रवरी को अमेरिका और इसराइल के संयुक्त हमलों में आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी। उसी हमलों में मुजतबा खामेनेई भी घायल हुए थे। न्यूयॉर्क टाइम्स और अन्य रिपोर्टों के अनुसार, उनके पैरों में चोट आई थी, लेकिन वे सुरक्षित जगह पर हैं और संवाद कम कर रहे हैं ताकि उनकी लोकेशन न पता चले। इसराइली अधिकारियों ने भी कहा कि वे मामूली रूप से घायल हुए थे, इसलिए सार्वजनिक रूप से नहीं दिख रहे।ईरान के सरकारी टीवी ने कहा कि यह संदेश सात अहम हिस्सों में है, जिसमें क्रांति के शहीद नेता अली खामेनेई, लोगों की भूमिका, सशस्त्र बलों, रेजिस्टेंस फोर्सेस और दुश्मनों से मुकाबले पर बात की गई है। संदेश एक महिला एंकर ने पढ़ा और स्क्रीन पर मुजतबा की फोटो दिखाई गई।
मुजतबा खामेनेई का यह बयान युद्ध को और तेज करने का संकेत देता है। वैश्विक बाज़ार में तेल की कीमतें पहले ही बहुत बढ़ चुकी हैं, और होर्मुज बंद रहने से स्थिति और खराब हो सकती है।
पहले राष्ट्रपति ने क्या कहा था?
नये सुप्रीम लीडर के इस संबोधन से पहले राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने बातचीत के लिए अमेरिका-इसराइल के सामने तीन शर्तें रखी थीं। पेजेश्कियन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके ये शर्तें बताईं। उन्होंने लिखा, 'रूस और पाकिस्तान के नेताओं से बात करके मैंने इलाके में शांति के लिए ईरान की प्रतिबद्धता दोहराई है। इसराइल और अमेरिका द्वारा शुरू किए गए इस युद्ध को ख़त्म करने का एक ही रास्ता है वो है ईरान के वैध अधिकारों को मान्यता देना, युद्ध के नुक़सान की भरपाई करना, और भविष्य में फिर से हमला न करने की ठोस अंतरराष्ट्रीय गारंटी देना।'ईरान के वैध अधिकारों को मान्यता का मतलब है कि वह न्यूक्लियर एनरिचमेंट के अधिकार का दावा भी करेगा, क्योंकि ईरान एनपीटी का सदस्य है और पहले भी ये बात कह चुका है कि उसके पास परमाणु कार्यक्रम का शांतिपूर्ण अधिकार है। यह पहली बार है जब ईरान के किसी बड़े नेता ने युद्ध ख़त्म करने के लिए भरपाई की मांग की है। युद्ध से पहले न्यूक्लियर बातचीत में ईरान हमेशा कहता रहा कि एनरिचमेंट उसका वैध अधिकार है।
यह युद्ध शुरू होने के बाद से बहुत तेजी से बढ़ा है। दोनों तरफ से मिसाइल और ड्रोन से हमले हो रहे हैं, और इलाके में तनाव बहुत ज्यादा है। अब ईरान ने शांति की बात की है, लेकिन सख्त शर्तों के साथ। दुनिया की नजर इस पर है कि क्या ये शर्तें मानी जाती हैं या युद्ध और लंबा चलेगा।