हमास ने ईरान से पड़ोसी देशों पर हमले न करने को कहा

फिलिस्तीनी लड़ाका समूह हमास ने कहा है कि "हम ईरान से पड़ोसी देशों को निशाना न बनाने का आह्वान करते हैं और क्षेत्र के सभी देशों से इस आक्रामकता को रोकने और आपस में भाईचारे को बनाए रखने के लिए सहयोग करने का आह्वान करते हैं।" हमास ने कहा किअमेरिका-इसराइल की आक्रामकता का जवाब अंतरराष्ट्रीय मानदंडों और कानूनों के अनुसार सभी उपलब्ध साधनों से देने के ईरान के अधिकार की पुष्टि भी करते हैं।

यूएस के 5 रिफ्यूलिंग विमानों पर सऊदी अरब में हमला, काफी नुकसान

ईरान ने सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर मिसाइल हमला किया, जिसमें अमेरिकी वायु सेना के पांच रिफ्यूलिंग विमान (टैंकर) जमीन पर खड़े होने के दौरान क्षतिग्रस्त हो गए। वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) के हवाले से अमेरिकी अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी मिसाइलों ने बेस को निशाना बनाया। क्षतिग्रस्त विमान मुख्य रूप से बोइंग KC-135 स्ट्रैटोटैंकर प्रकार के हैं, जो अमेरिकी वायु सेना के लिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये लड़ाकू विमानों और बॉम्बर्स को हवा में ईंधन भरने का काम करते हैं, जिससे लंबी दूरी की मिशन संभव हो पाते हैं।
अमेरिकी अधिकारियों ने बताया, “विमान टैंकर पूरी तरह नष्ट नहीं हुए और अब उनकी मरम्मत की जा रही है।” हमले में किसी भी व्यक्ति की मौत या घायल होने की कोई रिपोर्ट नहीं है। यह घटना अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच चल रहे बड़े संघर्ष का हिस्सा है। फरवरी 28 को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हमले किए थे, जिसके जवाब में तेहरान ने इजरायल के साथ-साथ खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ऑपरेशन 'एपिक फ्यूरी' के नाम से अमेरिकी अभियान चल रहा है।

ईरान के इस हमले से क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य संपत्तियों की कमजोरी उजागर हुई है। प्रिंस सुल्तान एयर बेस सऊदी अरब में अमेरिकी बलों के लिए महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक हब है। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी बेसों पर लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिसके बाद अमेरिका ने कुछ KC-135 टैंकरों को यूरोप के बेसों पर स्थानांतरित करने का फैसला किया है।

ताज़ा ख़बरें

बग़दाद में यूएस एम्बैसी पर ड्रोन हमला

एक इराकी सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि शनिवार को बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन से हमला हुआ। एएफपी के एक पत्रकार ने परिसर से धुआं उठता देखा। अधिकारी ने कहा, "एक ड्रोन ने दूतावास पर हमला किया।" एक अन्य सुरक्षा सूत्र ने भी इस बात की पुष्टि की कि हमले में दूतावास को निशाना बनाया गया था। कई अन्य सूत्रों के अनुसार, यह हमला इराक की राजधानी पर हुए हमलों में ईरान समर्थित दो लड़ाकों के मारे जाने के कुछ ही समय बाद हुआ।

ट्रंप ने कहा- फेक न्यूज़ फैलाई जा रही है

यूएस राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पर लिखा है- फर्जी समाचार मीडिया ईरान के खिलाफ अमेरिकी सेना के शानदार प्रदर्शन की खबरें छापने से कतराता है, जबकि ईरान पूरी तरह से पराजित हो चुका है और समझौता चाहता है। लेकिन ऐसा समझौता जिसे मैं स्वीकार नहीं करूंगा! इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद।

दुबई में शनिवार को भी हमला, लगातार अटैक हो रहे हैं

दुबई के वित्तीय केंद्र में एक इमारत पर हमले के दौरान मलबा आ गिरा। अमेरिका-इसराइल-ईरान युद्ध के 15वें दिन में प्रवेश करते ही 24 घंटे से भी कम समय में यह दूसरा ऐसा हमला है। दुबई मीडिया कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया, "अधिकारियों ने पुष्टि की है कि दुबई के मध्य में स्थित एक इमारत के अग्रभाग पर हमले के दौरान गिरे मलबे से हुई घटना पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया है।" शुक्रवार को भी सेंट्रल दुबई में एक इमारत के अगले हिस्से में विस्फोट हुआ। एएफपी के एक संवाददाता ने धमाकों की आवाज सुनने के बाद दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर (डीआईएफसी) में क्षतिग्रस्त इमारत को देखा।पास में रहने वाले एक प्रत्यक्षदर्शी ने नाम न छापने की शर्त पर एएफपी को बताया, "मैं बिस्तर से उछल पड़ा - मैंने अब तक की सबसे तेज आवाज सुनी थी।" एएफपी के एक अन्य संवाददाता ने दोहरे धमाके की आवाज सुनने की सूचना दी, जिससे इमारतें हिल गईं और मध्य जिले के ऊपर काले धुएं का एक बड़ा बादल छा गया।

ईरान के खार्ग द्वीप पर हमला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने खार्ग द्वीप पर स्थित "सैन्य ठिकाने" पर बमबारी की है। पूरे द्वीप को तबाह कर दिया गया है। ट्रंप ने ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों को रोकना जारी रखने पर उसके तेल बुनियादी ढांचे पर हमला करने की धमकी दी है। खार्ग द्वीप एक महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्र है, जहां से ईरान के कच्चे तेल के निर्यात का लगभग 90% हिस्सा गुजरता है। ईरान ने कहा कि उसके तेल और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर किसी भी हमले का जवाब दिया जाएगा, हालांकि सरकारी मीडिया ने बताया कि किसी भी तेल बुनियादी ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचा है।

मिडिल ईस्ट में और सैनिक भेज रहा अमेरिका

पेंटागन मिडिल ईस्ट में एक मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट (एमईयू) तैनात कर रहा है, जो एक त्वरित प्रतिक्रिया इकाई है जिसमें आमतौर पर लगभग 2,500 मरीन और नौसैनिक शामिल होते हैं। अधिकारियों ने सीएनएन को यह जानकारी दी। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि एमईयू का उपयोग किस लिए किया जाएगा या इसे ठीक कहाँ तैनात किया जाएगा।