ईरान पर थोपे गए युद्ध का 15वां दिन भी खत्म होने को है। लेकिन यूएस राष्ट्रपति ट्रंप ने एक नए पैंतरे के साथ सामने आए हैं। ट्रंप ने अपने ट्रूूथ सोशल पर मित्र देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य में अपने-अपने वॉर शिप (जंगी जहाज़) भेजने को कहा है, ताकि ईरान के कब्जे से उसे खाली कराया जा सके और मालवाहक जहाज़ वहां से आ-जा सकें। ट्रंप की इस मांग या आह्वान पर अभी किसी भी यूरोपीय या अमेरिका के मित्र देशों ने समर्थन नहीं किया है। यहां तक कि इसराइल की भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस बीच जर्मनी और इटली ने कहा है कि वे ईरान युद्ध में किसी भी रूप में शामिल नहीं हैं। वे इसमें हिस्सा नहीं ले रहे हैं। फ्रांस ने युद्धविराम की पेशकश की है।

ट्रंप की मित्र देशों से अपील क्या है

उन्होंने लिखा, "कई देश, खासकर वे जो ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की कोशिश से प्रभावित हुए हैं, अमेरिका के साथ मिलकर युद्धपोत भेजें, ताकि जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित रखा जा सके।" ट्रंप ने आगे कहा, "हमने पहले ही ईरान की सैन्य क्षमता को 100% नष्ट कर दिया है, लेकिन वे हारने के बावजूद एक-दो ड्रोन भेज सकते हैं, माइन गिरा सकते हैं या निकट दूरी का मिसाइल हमला कर सकते हैं।" उन्होंने चेतावनी दी, "इस बीच, अमेरिका ईरान के तट पर 'बमबारी करके तबाह' करेगा और ईरानी नावों व जहाजों को लगातार पानी से बाहर निकालता रहेगा। एक तरह से या दूसरे, हम जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला, सुरक्षित और मुक्त करा लेंगे।" ट्रंप ने चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और अन्य देशों से अपील की कि वे प्रभावित होने के कारण इस क्षेत्र में अपने वॉरशिप भेजें। उन्होंने कहा कि कई देश पहले से ही अमेरिका के साथ मिलकर इस दिशा में कदम उठा रहे हैं, हालांकि उन्होंने किसी खास देश का नाम नहीं लिया।

ईरान ने युद्धविराम की संभावना को खारिज किया

ईरान ने अमेरिकी और इसराइली हमलों के समाप्त होने तक किसी भी प्रकार के युद्धविराम की संभावना को खारिज कर दिया है। रॉयटर्स को दो वरिष्ठ ईरानी सूत्रों ने बताया कि कई देश संघर्ष को समाप्त करने के लिए मध्यस्थता करने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन ईरान एक लंबे संघर्ष के लिए तैयार हैं। हम पर युद्ध थोपा गया है। इसकी कीमत अमेरिका और इसराइल को चुकानी होगी। मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सैन्य अड्डों और अमेरिकी संस्थानों को खत्म करना हमारा लक्ष्य है। इस बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अगरची ने कहा  कि कल (शुक्रवार) रात हुए अमेरिकी हमले संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से किए गए थे। ऐसे में हमें कैसे रोका जा सकता है या हम कैसे युद्धविराम कर सकते हैं।
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ईरान के इस्फहान में कारखाने पर हमला, 15 लोग मारे गए

मध्य ईरानी शहर इस्फ़हान में एक कारखाने पर हवाई हमले में 15 लोग मारे गए। रॉयटर्स ने फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी के हवाले से बताया कि शनिवार को मध्य ईरानी शहर इस्फ़हान में एक कारखाने पर हवाई हमला हुआ, जिसमें 15 लोग मारे गए। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि हमले के समय कारखाने के अंदर कर्मचारी मौजूद थे। यह कारखाना हीटर और रेफ्रिजरेटर बनाता है।

अमेरिकी नागरिक फौरन इराक छोड़ देंः यूएस एम्बैसी बगदाद

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने शनिवार को एक सुरक्षा चेतावनी जारी करते हुए सभी अमेरिकी नागरिकों को तुरंत इराक छोड़ने की सलाह दी है। अमेरिकी लोगों पर हमले की आशंका जताई गई है। अमेरिका के कई शहरों में यहूदियों के प्रार्थना स्थल (सिनेगॉग) पर हमले हुए हैं। बगदाद में शनिवार को यूएस एम्बैसी पर ड्रोन दागे गए। बगदाद में ईरानी ड्रोन हमले में अमेरिका का रिफ्यूल एयरक्राफ्ट नष्ट हो चुका है। ऐसे ही 5 विमानों को शनिवार को सऊदी अरब में सुल्तान एयर बेस पर ईरान ने नुकसान पहुंचाया। लेकिन इसका खंडन ट्रंप ने किया। हालांकि वॉल स्ट्रीट जनरल ने अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के हवाले से इस हमले की पुष्टि की थी।

इसराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू कहां हैं, मारे जाने की अफवाहें क्यों

इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की गुमशुदगी और मौत की अफवाहें ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच सोशल मीडिया पर तेज हो गई हैं। शुक्रवार और शनिवार को उनके एक्स पर पोस्ट किए वीडियो में एक हाथ में छह उंगलियां दिखने का दावा वायरल हुआ, जिससे AI-जनरेटेड क्लिप या उनकी मौत की साजिश थ्योरी फैली। कैंडेस ओवेंस समेत कई यूजर्स ने उनकी लोकेशन पर सवाल उठाए और व्हाइट हाउस में 'मास पैनिक' का जिक्र किया। ईरानी मीडिया से भी ऐसी अफवाहें फैलीं, लेकिन ग्रोक और फैक्ट-चेकर्स जैसे स्नोप्स, टाइम्स ऑफ इसराइल ने इन्हें खारिज कर दिया, स्पष्ट किया कि यह ऑप्टिकल इल्यूजन है और नेतन्याहू जिंदा हैं। हालांकि आज 14 मार्च को आधी रात तक नेतन्याहू की ओर से कोई ट्वीट या बयान सामने नहीं आया है।

नेतन्याहू की पत्नी सारा का बयान

इन अफवाहों के बीच नेतन्याहू की पत्नी सारा ने इंस्टाग्राम पर एक इंटरव्यू का हिस्सा शेयर किया। उन्होंने लिखा कि देश में एक शक्तिशाली राजनीतिक पार्टी है, लेकिन इसराइल की जनता उससे बड़ा, बुद्धिमान और हमदर्दी वाला समूह है। 'बिबिस्ट' (नेतन्याहू को बीबी भी कहा जाता है) शब्द को अपमानजनक बनाने की कोशिश गलत है, बल्कि इससे गर्व होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता का प्यार और समर्थन उन्हें और परिवार को आगे बढ़ने की ताकत देता है। अफवाहें गलत सूचनाओं पर आधारित हैं और कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन नेतन्याहू की सार्वजनिक उपस्थिति नहीं के बराबर है। इसका जवाब इसराइली मीडिया, उनका परिवार नहीं दे रहा है।

हमास ने ईरान से पड़ोसी देशों पर हमले न करने को कहा

फिलिस्तीनी लड़ाका समूह हमास ने कहा है कि "हम ईरान से पड़ोसी देशों को निशाना न बनाने का आह्वान करते हैं और क्षेत्र के सभी देशों से इस आक्रामकता को रोकने और आपस में भाईचारे को बनाए रखने के लिए सहयोग करने का आह्वान करते हैं।" हमास ने कहा किअमेरिका-इसराइल की आक्रामकता का जवाब अंतरराष्ट्रीय मानदंडों और कानूनों के अनुसार सभी उपलब्ध साधनों से देने के ईरान के अधिकार की पुष्टि भी करते हैं।

यूएस के 5 रिफ्यूलिंग विमानों पर सऊदी अरब में हमला, काफी नुकसान

ईरान ने सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर मिसाइल हमला किया, जिसमें अमेरिकी वायु सेना के पांच रिफ्यूलिंग विमान (टैंकर) जमीन पर खड़े होने के दौरान क्षतिग्रस्त हो गए। वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) के हवाले से अमेरिकी अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी मिसाइलों ने बेस को निशाना बनाया। क्षतिग्रस्त विमान मुख्य रूप से बोइंग KC-135 स्ट्रैटोटैंकर प्रकार के हैं, जो अमेरिकी वायु सेना के लिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये लड़ाकू विमानों और बॉम्बर्स को हवा में ईंधन भरने का काम करते हैं, जिससे लंबी दूरी की मिशन संभव हो पाते हैं।
अमेरिकी अधिकारियों ने बताया, “विमान टैंकर पूरी तरह नष्ट नहीं हुए और अब उनकी मरम्मत की जा रही है।” हमले में किसी भी व्यक्ति की मौत या घायल होने की कोई रिपोर्ट नहीं है। यह घटना अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच चल रहे बड़े संघर्ष का हिस्सा है। फरवरी 28 को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हमले किए थे, जिसके जवाब में तेहरान ने इजरायल के साथ-साथ खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ऑपरेशन 'एपिक फ्यूरी' के नाम से अमेरिकी अभियान चल रहा है।
ईरान के इस हमले से क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य संपत्तियों की कमजोरी उजागर हुई है। प्रिंस सुल्तान एयर बेस सऊदी अरब में अमेरिकी बलों के लिए महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक हब है। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी बेसों पर लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिसके बाद अमेरिका ने कुछ KC-135 टैंकरों को यूरोप के बेसों पर स्थानांतरित करने का फैसला किया है।

बग़दाद में यूएस एम्बैसी पर ड्रोन हमला

एक इराकी सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि शनिवार को बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन से हमला हुआ। एएफपी के एक पत्रकार ने परिसर से धुआं उठता देखा। अधिकारी ने कहा, "एक ड्रोन ने दूतावास पर हमला किया।" एक अन्य सुरक्षा सूत्र ने भी इस बात की पुष्टि की कि हमले में दूतावास को निशाना बनाया गया था। कई अन्य सूत्रों के अनुसार, यह हमला इराक की राजधानी पर हुए हमलों में ईरान समर्थित दो लड़ाकों के मारे जाने के कुछ ही समय बाद हुआ।

ट्रंप ने कहा- फेक न्यूज़ फैलाई जा रही है

यूएस राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पर लिखा है- फर्जी समाचार मीडिया ईरान के खिलाफ अमेरिकी सेना के शानदार प्रदर्शन की खबरें छापने से कतराता है, जबकि ईरान पूरी तरह से पराजित हो चुका है और समझौता चाहता है। लेकिन ऐसा समझौता जिसे मैं स्वीकार नहीं करूंगा! इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद।

दुबई में शनिवार को भी हमला, लगातार अटैक हो रहे हैं

दुबई के वित्तीय केंद्र में एक इमारत पर हमले के दौरान मलबा आ गिरा। अमेरिका-इसराइल-ईरान युद्ध के 15वें दिन में प्रवेश करते ही 24 घंटे से भी कम समय में यह दूसरा ऐसा हमला है। दुबई मीडिया कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया, "अधिकारियों ने पुष्टि की है कि दुबई के मध्य में स्थित एक इमारत के अग्रभाग पर हमले के दौरान गिरे मलबे से हुई घटना पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया है।" शुक्रवार को भी सेंट्रल दुबई में एक इमारत के अगले हिस्से में विस्फोट हुआ। एएफपी के एक संवाददाता ने धमाकों की आवाज सुनने के बाद दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर (डीआईएफसी) में क्षतिग्रस्त इमारत को देखा।पास में रहने वाले एक प्रत्यक्षदर्शी ने नाम न छापने की शर्त पर एएफपी को बताया, "मैं बिस्तर से उछल पड़ा - मैंने अब तक की सबसे तेज आवाज सुनी थी।" एएफपी के एक अन्य संवाददाता ने दोहरे धमाके की आवाज सुनने की सूचना दी, जिससे इमारतें हिल गईं और मध्य जिले के ऊपर काले धुएं का एक बड़ा बादल छा गया।

ईरान के खार्ग द्वीप पर हमला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने खार्ग द्वीप पर स्थित "सैन्य ठिकाने" पर बमबारी की है। पूरे द्वीप को तबाह कर दिया गया है। ट्रंप ने ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों को रोकना जारी रखने पर उसके तेल बुनियादी ढांचे पर हमला करने की धमकी दी है। खार्ग द्वीप एक महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्र है, जहां से ईरान के कच्चे तेल के निर्यात का लगभग 90% हिस्सा गुजरता है। ईरान ने कहा कि उसके तेल और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर किसी भी हमले का जवाब दिया जाएगा, हालांकि सरकारी मीडिया ने बताया कि किसी भी तेल बुनियादी ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचा है।

मिडिल ईस्ट में और सैनिक भेज रहा अमेरिका

पेंटागन मिडिल ईस्ट में एक मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट (एमईयू) तैनात कर रहा है, जो एक त्वरित प्रतिक्रिया इकाई है जिसमें आमतौर पर लगभग 2,500 मरीन और नौसैनिक शामिल होते हैं। अधिकारियों ने सीएनएन को यह जानकारी दी। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि एमईयू का उपयोग किस लिए किया जाएगा या इसे ठीक कहाँ तैनात किया जाएगा।