ईरान के साथ अमेरिका-इसराइल युद्ध के 13वें दिन, मिडिल ईस्ट और होर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकरों पर हमले तेज हो गए। इसराइल ने दावा किया कि उसने ईरान के परमाणु ठिकाने को नष्ट कर दिया है।
तेहरान के पास परमाणु साइट पर हमले का इसराइल ने दावा किया है।
मिडिल ईस्ट, ईरान, लेबनान में अमेरिका और इसराइल के युद्ध का 13वां दिन शुरू हो चुका है। इसराइल ने ईरान के परमाणु प्लांट पर हमले का दावा किया है। संघर्ष अब समुद्री क्षेत्रों में फैल गया है, जहां ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तेल टैंकरों और जहाजों पर हमले तेज कर दिए हैं। वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग एक-पांचवां हिस्सा इसी महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजरता है। दूसरी तरफ ईरान ने मिडिल ईस्ट के कई शहरों और देशों पर हमले किए हैं। गुरुवार को दुबई और कुवैत ईरानी ड्रोन और मिसाइलों के निशाने पर रहे। यह हैरानी की बात है कि दुबई में पिछले तीन दिनों से हमले हो रहे हैं।
ईरान की परमाणु साइट पर हमले का दावा
ईरान के रक्षा मंत्रालय (आईडीएफ) का कहना है कि उसने ईरान के एक परमाणु संयंत्र पर हमला किया है। हालांकि इसकी पुष्टि अभी ईरान की ओर से नहीं हुई। इसराइली मीडिया के मुताबिक तेहरान के पास स्थित इस परिसर को सेना ने तालेघन (Taleghan) परिसर के रूप में पहचाना है। आईडीएफ का दावा है कि हाल के वर्षों में, ईरान ने इस जगह का इस्तेमाल "एडवांस विस्फोटकों को बनाने और एएमएडी परियोजना के तहत संवेदनशील प्रयोग करने" के लिए किया था, जो ईरान का कथित गुप्त परमाणु हथियार विकास कार्यक्रम है। तालेघन परिसर पर अक्टूबर 2024 में भी इसराइल ने हमला किया था, जो उसी महीने की शुरुआत में इसराइल पर हुए ईरानी मिसाइल हमले के जवाब में किया गया था। सेना का कहना है कि उसने हाल ही में पता लगाया है कि उन हमलों के बाद ईरान ने "परिसर के पुनर्निर्माण के लिए कदम उठाए हैं"।
पिछले दो दिनों में फारस की खाड़ी में कम से कम छह जहाजों पर हमले हुए हैं। हालांकि कहीं-कहीं यह संख्या 19 बताई गई है। ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने लेबनान के हिजबुल्लाह के साथ मिलकर बुधवार को इसराइल पर पांच घंटे तक हमला किया, जिसमें 50 से अधिक टारगेट को निशाना बनाया गया। इसराइल ने जवाब में लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले किए, जिसमें बेरूत के एक बीच पर विस्थापित लोगों के आवास पर हमला हुआ, जिसमें कम से कम 8 लोग मारे गए।
ओमान से लेकर बहरीन तक जहाज़ों पर हमले
ईरान ने ओमान के एक बंदरगाह पर ईंधन स्टोरेज टैंकों, बहरीन के उत्तरी ईंधन टैंकों और यूएई तट के पास एक कंटेनर जहाज पर हमले किए। बुधवार को होर्मुज जलडमरूमध्य के पास तीन जहाजों पर हमले हुए थे, जबकि गुरुवार की सुबह यूएई तट पर एक जहाज पर "अज्ञात प्रोजेक्टाइल" से हमला हुआ। थाईलैंड के जहाज 'मयूरी नारी' पर हमले में 23 चालक दल के सदस्यों में से तीन लापता हैं। इराकी जल क्षेत्र में दो विदेशी तेल टैंकरों पर हमले में एक भारतीय की मौत हुई और 38 चालक दल के सदस्यों को बचाया गया।
खाड़ी देशों संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और ओमान ने कई सारे ईरानी ड्रोन और मिसाइलों को रोक लिया। दुबई के क्रीक हार्बर के पास एक इमारत पर ड्रोन गिरा।
दुबई में तीसरे दिन भी ईरान ने ड्रोन हमले किए
कुवैत एयरपोर्ट पर कई ड्रोन हमले हुए
कुवैत के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने बताया कि हवाई अड्डे पर कई ड्रोन हमले हुए। कुवैत के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने बताया कि गुरुवार सुबह कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कई ड्रोन हमले हुए, जिससे हवाई अड्डे को नुकसान पहुंचा। सरकारी समाचार एजेंसी कुना द्वारा जारी एक बयान में प्राधिकरण ने कहा कि हमले में कोई घायल नहीं हुआ। ईरान के साथ युद्ध के कारण देश का हवाई क्षेत्र फिलहाल बंद है। यह घोषणा ईरान द्वारा क्षेत्र में ऊर्जा आपूर्ति पर जवाबी हमलों की एक नई लहर शुरू करने के तुरंत बाद आई है, जिसमें इराकी जलक्षेत्र में दो विदेशी तेल टैंकरों पर हमले शामिल हैं।
युद्ध का आर्थिक प्रभाव गंभीर
तेल की कीमतें रातोंरात 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गईं, जो तीन दिन पहले चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुंची थीं। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के सदस्य देशों ने इतिहास की सबसे बड़ी आपातकालीन तेल रिलीज की घोषणा की, 400 मिलियन बैरल तेल बाजार में जारी होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व से 172 मिलियन बैरल तेल अगले सप्ताह से रिलीज करने की मंजूरी दी।
पेंटागन के अनुसार, युद्ध के पहले छह दिनों में अमेरिका को कम से कम 11 अरब डॉलर का खर्च आया है। हालांकि अब तो युद्ध का 13वां दिन आ चुका है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को केंटकी में दिए भाषण में दावा किया कि "हम ईरान में जीत चुके हैं", लेकिन सबूत नहीं दिए। इससे पहले उन्होंने कहा था "हम अभी खत्म नहीं हुए"। बाद में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, "यह सिर्फ यह सवाल है कि कब रुकेंगे?"। हालांकि ट्रंप के इस बयान के बाद ईरान ने शांति स्थापना के लिए तीन शर्तें रख दी हैं।
रिपब्लिकन सीनेटर लिसा मर्कोव्स्की ने ईरान युद्ध पर ट्रंप प्रशासन की अलग-अलग तरह के संदेशों की आलोचना की और सार्वजनिक सुनवाई की मांग की। उनका आशय यह था कि ट्रंप ने कभी कहा कि ईरान की न्यूक्लियर ताकत को खत्म करने के लिए हमला किया गया। इसके बाद ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान पर हमला न होता तो इसराइल पर ईरान हमला करने वाला था। इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने यह भी बहाना दिया कि ईरान ने दो बार ट्रंप की हत्या की कोशिश की।
ईरान पर अमेरिका-इसराइल के जबरदस्त हमले
तेहरान में यूएस और इसराइल ने कई स्थानों पर हमले हुए हैं। कई सरकारी भवनों को निशाना बनाया गया। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, तेहरान में बासिज और आईआरजीसी चौकियों को निशाना बनाकर किए गए इसराइली ड्रोन हमलों में कम से कम 10 "सुरक्षाकर्मी" मारे गए। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने गुरुवार को बताया कि लगभग 32 लाख ईरानियों को अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है, और चेतावनी दी कि संघर्ष जारी रहने के कारण यह संख्या और भी बढ़ सकती है। एएनसीआर ने कहा कि इनमें से अधिकांश लोग तेहरान और अन्य प्रमुख शहरों को छोड़कर देश के उत्तरी भाग और ग्रामीण क्षेत्रों में शरण लेने के लिए चले गए हैं। यूएनसीआर के निदेशक अयाकी इतो ने एक बयान में कहा, "युद्ध जारी रहने के कारण यह संख्या बढ़ने की संभावना है, जो मानवीय ज़रूरतों में चिंताजनक वृद्धि का संकेत है।"
बहरहाल, युद्ध अब दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका असर बढ़ता जा रहा है। तेल आपूर्ति में व्यवधान और क्षेत्रीय हमलों से स्थिति और जटिल हो गई है। युद्ध कब समाप्त होगा, इस पर स्पष्टता नहीं है। ट्रंप के बयानों से असमंजस की स्थिति बनी हुई है।