इसराइल टैक्स अथॉरिटी को 11 दिनों की लड़ाई के बाद ईरानी मिसाइल से हुए नुकसान के 9,115 दावे प्राप्त हुए हैं। इनमें से 6,586 दावे इमारतों को नुकसान के, 1,044 दावे सामान और उपकरणों के क्षति तथा 1,485 दावे वाहनों को हुए नुकसान के हैं।
ये आंकड़े वर्तमान संघर्ष में पिछले जून के युद्ध से काफी अलग दिखाई देते हैं। पिछले जून के युद्ध में मात्र दूसरे दिन तक ही लगभग 10,000 दावे दर्ज हो चुके थे। चौथे दिन यह संख्या लगभग दोगुनी होकर 18,800 पहुंच गई थी। 12 दिनों की उस लड़ाई के अंत तक कुल 53,409 दावे प्रत्यक्ष नुकसान के लिए दाखिल हुए थे और प्रत्यक्ष नुकसान के लिए 2.9 अरब शेकेल की मुआवजा राशि का भुगतान किया गया था।

कम मिसाइलें, लेकिन अधिक सायरन

डेटा से पता चलता है कि पिछले साल की तुलना में इस बार ईरान ने कम मिसाइलें दागी हैं, लेकिन उसने अपना प्रयास मध्य इज़राइल पर केंद्रित किया है। नेशनल सिक्योरिटी स्टडीज इंस्टीट्यूट के अनुसार, जून में ईरान ने लगभग 1,600 मिसाइलें और ड्रोन दागे थे, जबकि इस दौर में अब तक 600 से कम हैं।

ताज़ा ख़बरें

इस बार अलर्ट ज्यादा

हालांकि, वर्तमान अभियान में अलर्ट (सायरन) की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। जून में मिसाइलों और ड्रोन घुसपैठ के लिए लगभग 20,000 अलर्ट थे, जबकि इस बार यह आंकड़ा लगभग 42,000 तक पहुंच चुका है। इसके अलावा, पिछले जून में कई टावरों पर हमले हुए थे, जिनमें दर्जनों अपार्टमेंट शामिल थे, जिसके परिणामस्वरूप दर्जनों क्षति दावे आए थे। पिछली बार कई इमारतों को ध्वस्त कर पुनर्निर्माण करना पड़ा था।



सबसे ज्यादा नुकसान तेल अवीव में

अब तक टैक्स अथॉरिटी की हॉटलाइन पर सबसे अधिक नुकसान तेल अवीव में दर्ज किया गया है, जहां 4,609 क्षति दावे दाखिल हुए हैं। अश्केलोन कार्यालय (जो बेइत शेमेश और बियर्सबा क्षेत्रों को संभालता है) में 3,664 दावे आए हैं। यरुशलम कार्यालय में 181, अको में 494 और तिबेरियास में 167 दावे दर्ज हैं।

बड़े वारहेड की जगह क्लस्टर मिसाइलें  

वर्तमान और पिछले युद्ध के बीच एक प्रमुख अंतर क्षति की मात्रा में है। पिछले साल प्रत्यक्ष मिसाइल हिट से नुकसान (व्यापारिक आर्थिक नुकसान को छोड़कर) लगभग 3 अरब शेकेल तक पहुंचा था। लेकिन इस अभियान में 11 दिनों के बाद क्षति का अनुमान केवल कुछ सौ मिलियन शेकेल है।
यह अंतर क्षतिग्रस्त इमारतों की प्रकृति से जुड़ा है। पिछले दौर में कई लग्जरी टावर क्षतिग्रस्त हुए थे, जिनकी मरम्मत और पूर्व स्थिति में बहाली की लागत सामान्य या औसत मानक की आवासीय इमारतों से कहीं अधिक थी। इनमें से कुछ की बहाली प्रक्रिया अभी भी जारी है।

इसराइल एसोसिएशन ऑफ इंजीनियर्स के चेयरमैन यिगाल गोवरिन ने इस बार कम इमारतों के ध्वस्त होने की वजह बताई। उन्होंने कहा, "पिछले अभियान में सैकड़ों किलोग्राम के बड़े वारहेड वाली मिसाइलें थीं। हर ऐसी मिसाइल जो इंटरसेप्ट नहीं हुई और गिरी, उसमें पूरे भवन को नष्ट करने की क्षमता थी। हमने कई ऐसे हिट देखे थे। इस दौर में ईरानी क्लस्टर मिसाइलें भेज रहे हैं, यानी ऐसे वारहेड जो फैलते हैं, प्रत्येक में बहुत कम विस्फोटक होता है। इसलिए भवन के पूरी तरह नष्ट होने की संभावना बहुत कम है। क्षति हो सकती है, लेकिन ध्वस्त कर पुनर्निर्माण के स्तर तक नहीं।"

गोवरिन ने कहा, "दूसरी ओर, बड़ा फैलाव समस्या पैदा करता है। लोगों और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की क्षमता अधिक है क्योंकि यह अधिक जगहों तक पहुंचता है। यदि कोई व्यक्ति बम या शार्पनेल से घायल होता है, तो यह बहुत खतरनाक हो सकता है, जैसा कि कल यहूद में देखा गया- इमारत नहीं गिरी, लेकिन शार्पनेल से मजदूर घायल हो गए। लेकिन ध्वस्त करने वाली क्षति बहुत दुर्लभ होगी। जीवन रक्षा के लिहाज से संरक्षित क्षेत्र में रहना बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि गोले और शार्पनेल से क्षति वैसी ही रहती है।"