बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी और गादी आइजेनकोट के विपक्षी गठबंधन के बीच कांटे का मुकाबला चल रहा है। एग्जिट पोल, मतगणना, नेसेट में सीटों से लेकर सरकार गठन की पूरी जानकारी जानिये।
इसराइल में नेतन्याहू की पार्टी मजबूती दिखा रही है।
इसराइल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सत्ता में वापसी की कोशिशों के बीच संसदीय चुनाव के नतीजों को लेकर तस्वीर लगातार बदल रही है। शुरुआती एग्जिट पोल में विपक्षी गठबंधन को बढ़त दिखाई गई थी, लेकिन संशोधित एग्जिट पोल और मतगणना के शुरुआती रुझानों में नेतन्याहू की लिकुड पार्टी ने वापसी की है। इसराइल के केंद्रीय चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, मतगणना आगे बढ़ने के साथ नेतन्याहू के नेतृत्व वाला गठबंधन विपक्षी गठबंधन से आगे चल रहा है। हालांकि, अभी तक किसी भी गठबंधन के पास सरकार बनाने के लिए जरूरी 61 सीटों का स्पष्ट बहुमत नहीं है।
पूर्व सेना प्रमुख और विपक्षी नेता गादी आइजेनकोट की यशर पार्टी नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को कड़ी चुनौती दे रही है। दूसरी तरफ, अरब पार्टियों की सीटें सरकार गठन में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं। यह चुनाव 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद इसराइल में पहला आम चुनाव है। इसके नतीजे नेतन्याहू के राजनीतिक भविष्य के साथ-साथ इसराइल की सुरक्षा नीति, ईरान के साथ टकराव और गाजा युद्ध के बाद की राजनीति को भी प्रभावित कर सकते हैं।
नेतन्याहू की बढ़त बरकरार, लेकिन सरकार बनाना आसान नहीं
इसराइल में मतगणना के बीच प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का गठबंधन मामूली बढ़त बनाए हुए है। संशोधित एग्जिट पोल में नेतन्याहू के गठबंधन को 52 सीटें और गादी आइजेनकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी खेमे को 49 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया था। हालांकि, मतगणना के वास्तविक रुझानों में दोनों खेमों के बीच अंतर लगातार बदल रहा है। इसराइल की संसद नेसेट में कुल 120 सीटें हैं। सरकार बनाने के लिए कम से कम 61 सांसदों का समर्थन जरूरी है।57 फीसदी मतों की गिनती पूरी, नेतन्याहू गठबंधन को 55 सीटें
इजरायल के केंद्रीय चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, 57.3 फीसदी मतों की गिनती के बाद नेतन्याहू के गठबंधन को 55 सीटें मिलने का अनुमान है। विपक्षी गठबंधन 49 सीटों पर है, जबकि अरब पार्टियों के खाते में 16 सीटें दिखाई दे रही हैं। ये आंकड़े अभी आंशिक हैं। मतगणना पूरी होने के साथ सीटों का गणित बदल सकता है।ट्रंप बोले- नेतन्याहू को मेरे समर्थन से काफी मदद मिली
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि इजरायल के चुनाव में बेंजामिन नेतन्याहू को उनके समर्थन से काफी फायदा हुआ है। ट्रंप ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि जब उन्होंने नेतन्याहू का समर्थन किया, तब इससे उन्हें काफी मदद मिली। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब इजरायल में मतगणना के दौरान नेतन्याहू की लिकुड पार्टी बढ़त बनाए हुए है। 2.7 मिलियन से ज्यादा वोटों की गिनती
इजरायल के केंद्रीय चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, 2.7 मिलियन से ज्यादा मतों की गिनती पूरी हो चुकी है। अब तक के आंकड़ों में नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को लगभग 20.8 फीसदी वैध वोट मिले हैं। गादी आइजेनकोट की यशर पार्टी 17.06 फीसदी वोटों के साथ दूसरे स्थान पर है। अरब नेतृत्व वाली ज्वाइंट लिस्ट को पीछे छोड़ते हुए नफ्ताली बेनेट का 'टुगेदर' गठबंधन लगभग 9.2 फीसदी वोटों के साथ आगे बढ़ा है। 53.7 फीसदी मतों की गिनती, नेतन्याहू गठबंधन को 55 सीटें
इजरायल में 53.7 फीसदी मतों की गिनती के बाद नेतन्याहू के गठबंधन को 55 सीटें मिलने का अनुमान है। गादी आइजेनकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन को 50 सीटें मिलती दिखाई दे रही हैं। लिकुड पार्टी को 27 सीटें और यशर पार्टी को 22 सीटें मिलने का अनुमान है। हालांकि, यह आंकड़े अभी अंतिम नहीं हैं।अंतिम नतीजे कब आएंगे?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इसराइल में मतगणना 28 अक्टूबर को जारी है। अंतिम नतीजा 30 अक्टूबर तक आने की उम्मीद है। आधिकारिक नतीजों का प्रकाशन 4 नवंबर को होगा। सरकार गठन की प्रक्रिया राष्ट्रपति के परामर्श के बाद होगी। सरकार बनाने की समयसीमा अधिकतम 42 दिन है। इस चुनाव में नेतन्याहू की लिकुड पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है, लेकिन बहुमत के लिए गठबंधन सहयोगियों की जरूरत बनी रहेगी। गादी आइजेनकोट का विपक्षी गठबंधन भी सरकार बनाने की कोशिश करेगा। ऐसे में अरब पार्टियों और छोटे राजनीतिक दलों की भूमिका निर्णायक हो सकती है। फिलहाल इसराइल में चुनावी मुकाबला बेहद करीबी है। नेतन्याहू की बढ़त के बावजूद सरकार गठन का अंतिम फैसला गठबंधन की राजनीति और आने वाले दिनों की बातचीत पर निर्भर करेगा।