अमेरिका के मिडटर्म चुनाव 2026 में रिपब्लिकन पार्टी की करारी हार के बाद जेडी वेंस ने ट्रंप की ईरान युद्ध नीति पर सवाल उठाए हैं। क्या वेंस 2028 के राष्ट्रपति चुनाव की तैयारी कर रहे हैं? रॉन डेसेंटिस की सक्रियता से रिपब्लिकन पार्टी में नेतृत्व की जंग तेज।
यूएस मिडटर्म चुनाव के नतीजों से रिपब्लिकन पार्टी में मतभेद उभरे
अमेरिका में 2026 के मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की करारी हार ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राजनीतिक नेतृत्व पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लेकिन इस हार के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की हो रही है। वेंस ने चुनावी नतीजों के लिए ईरान युद्ध, महंगाई और ट्रंप प्रशासन की नीतियों को जिम्मेदार ठहराकर एक तरह से अपनी ही सरकार से दूरी बनाने के संकेत दिए हैं। इसके बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या जेडी वेंस ने 2028 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपनी दावेदारी की जमीन तैयार करनी शुरू कर दी है?
नतीजों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बयानों में मतभेद साफ दिखाई दे रहे हैं। जहां ट्रंप ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को सही ठहराया है, वहीं वेंस ने इस युद्ध को रिपब्लिकन पार्टी की हार का एक प्रमुख कारण बताया है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राजनीति में अब केवल चुनावी हार की समीक्षा नहीं हो रही है, बल्कि ट्रंप के बाद रिपब्लिकन पार्टी की कमान किसके हाथ में होगी, इस पर भी राजनीतिक हलचल शुरू हो गई है। रिपब्लिकन पार्टी को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स), सीनेट और कई राज्यों के गवर्नर पदों तथा विधानसभाओं में हार का सामना करना पड़ा है। इस नतीजे ने ट्रंप प्रशासन के सामने गंभीर राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है।
जेडी वेंस ने किया हार का विश्लेषण
चुनावी नतीजों के बाद उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक लंबी पोस्ट लिखकर रिपब्लिकन पार्टी की हार के कारणों का विश्लेषण किया। वेंस ने स्पष्ट किया कि इस हार को केवल कम मतदान या पार्टी के समर्थकों के वोट नहीं डालने से जोड़कर नहीं देखा जा सकता। उनके मुताबिक, असली समस्या यह है कि 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप और वेंस को वोट देने वाले कई मतदाताओं ने 2026 के मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी का समर्थन किया।वेंस ने लिखा कि चुनाव से पहले उन्होंने एक राजनीतिक डेटा विश्लेषक से पूछा था कि रिपब्लिकन समर्थकों की अच्छी मतदान भागीदारी क्या पार्टी को अप्रत्याशित जीत दिला सकती है? विश्लेषक का जवाब था कि रिपब्लिकन समर्थक मतदान के लिए तो आ रहे हैं, लेकिन उनमें से बहुत से लोग ट्रंप प्रशासन से नाराज हैं और डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को वोट देने की योजना बना रहे हैं। वेंस ने स्वीकार किया कि चुनावी नतीजों ने इस आकलन को सही साबित कर दिया।
उन्होंने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी के सामने सबसे बड़ी समस्या मतदान प्रतिशत नहीं, बल्कि उन मतदाताओं का पार्टी से दूर होना है, जिन्होंने 2024 में ट्रंप-वेंस की जोड़ी का समर्थन किया था। वेंस ने यह भी माना कि चुनाव प्रचार के आखिरी दौर में रिपब्लिकन पार्टी आर्थिक मुद्दों पर मतदाताओं को अपनी बात प्रभावी ढंग से समझाने में नाकाम रही।
ईरान युद्ध को हार का सबसे बड़ा कारण बताया
वेंस की पोस्ट का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा ईरान युद्ध को लेकर था। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी की हार के पीछे चार प्रमुख मुद्दों की पहचान की।
- 1. ईरान युद्ध को समाप्त करना।
- 2. महंगाई और जीवनयापन की बढ़ती लागत पर नियंत्रण।
- 3. अमेरिका फर्स्ट यानी अमेरिकी हितों को प्राथमिकता देना।
- 4. इसराइल के साथ अमेरिका के संबंधों की समीक्षा करना।
वेंस के मुताबिक, एक ऐसे राजनीतिक सर्वेक्षक ने ये चार कारण बताए थे, जिसने चुनावी नतीजों का काफी हद तक सही अनुमान लगाया था।
वेंस ने लिखा कि उनकी पार्टी की हार का कारण युद्ध है। उन्होंने कहा कि खुद राष्ट्रपति ट्रंप ने भी चुनाव के बाद स्वीकार किया था कि युद्ध का नतीजों पर असर पड़ा है। यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ट्रंप पिछले कई महीनों से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का बचाव करते रहे हैं। उनका तर्क रहा है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना था। वेंस ने फॉक्स न्यूज की होस्ट रैचेल कैम्पोस-डफी का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ कूटनीतिक समाधान की वकालत करने के लिए उनकी आलोचना की गई थी, लेकिन राजनीतिक दृष्टि से उनकी सलाह सही साबित हुई। इस तरह वेंस ने पहली बार सार्वजनिक रूप से उस युद्ध के राजनीतिक नुकसान को प्रमुखता से सामने रखा, जिसका ट्रंप लगातार बचाव कर रहे हैं।
महंगाई और अमेरिका फर्स्ट के वादे पर भी घिरे ट्रंप
वेंस ने माना कि रिपब्लिकन पार्टी के सामने केवल विदेश नीति की समस्या नहीं है। अमेरिकी मतदाताओं के लिए रोजमर्रा की जिंदगी का खर्च भी बड़ा मुद्दा बन गया है। खाने-पीने की चीजों, ईंधन और दूसरी आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों को प्रभावित किया है। ट्रंप ने चुनाव प्रचार के दौरान अमेरिका फर्स्ट की नीति और अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का वादा किया था। लेकिन वेंस के मुताबिक, पार्टी मतदाताओं को यह भरोसा दिलाने में नाकाम रही कि सरकार उनकी आर्थिक समस्याओं का समाधान कर रही है।उन्होंने आव्रजन नीति पर भी बदलाव के संकेत दिए। वेंस ने कहा कि अवैध प्रवासियों को काम देने वाले कारोबारों और कंपनियों पर कार्रवाई को प्राथमिकता दी जा सकती है। हालांकि, उन्होंने अवैध प्रवासियों को आम माफी देने की मांग का विरोध किया। उनका कहना था कि पार्टी की हार के लिए जिम्मेदार नीतियों पर ईमानदारी से चर्चा होनी चाहिए, न कि हार का ठीकरा दूसरे मुद्दों पर फोड़ा जाए।
ट्रंप ने वेंस के 2028 चुनाव लड़ने पर क्या कहा?
जेडी वेंस के बयान के बाद सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की होने लगी कि क्या वह 2028 के राष्ट्रपति चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। वेंस को लंबे समय से ट्रंप के संभावित राजनीतिक उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता रहा है। लेकिन चुनावी हार के बाद उनकी पोस्ट को ट्रंप प्रशासन से अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है। जब पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि क्या जेडी वेंस 2028 में राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ेंगे, तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने वेंस से कई मुद्दों पर बातचीत की है, लेकिन उन्हें नहीं पता कि वह चुनाव लड़ना चाहते हैं या नहीं। उन्होंने कहा: "हो सकता है वह चुनाव ही न लड़ें। मुझे नहीं पता कि कौन चुनाव लड़ेगा।"ट्रंप ने वेंस की सोशल मीडिया पोस्ट को अच्छा भी बताया, लेकिन ईरान युद्ध पर अपने रुख में कोई बदलाव नहीं किया। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें दोबारा फैसला लेने का मौका मिले तो वह युद्ध को लेकर कुछ अलग नहीं करेंगे। ट्रंप का यह बयान वेंस की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण है। उन्होंने न तो वेंस को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया और न ही 2028 के चुनाव के लिए उनका समर्थन किया। इससे रिपब्लिकन पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है।
रॉन डेसेंटिस भी ट्रंप के बाद की राजनीति में सक्रिय
रिपब्लिकन पार्टी में केवल जेडी वेंस ही भविष्य की राजनीति को लेकर सक्रिय नहीं हैं। फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डेसेंटिस ने भी चुनावी हार के बाद पार्टी की रणनीति पर सवाल उठाए हैं। डेसेंटिस ने कहा कि कई इलाकों में रिपब्लिकन पार्टी की स्थिति ऐसी हो गई है, जिसे उन्होंने लगभग 'एक्सटिंक्शन लेवल इवेंट' यानी अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बताया। उनका कहना था कि यदि पार्टी ने अपनी राजनीतिक रणनीति नहीं बदली तो उसे लंबे समय तक चुनावी नुकसान उठाना पड़ सकता है। डेसेंटिस ने फ्लोरिडा का उदाहरण देते हुए कहा कि रिपब्लिकन पार्टी को बेहतर शासन और मतदाताओं का विश्वास हासिल करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने टेक्सास को भी पार्टी के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनके मुताबिक, यदि रिपब्लिकन पार्टी टेक्सास जैसे राज्य में अपना मजबूत आधार खो देती है तो राष्ट्रीय राजनीति में उसकी स्थिति कमजोर हो जाएगी। गौरतलब है कि डेसेंटिस ने 2024 में भी रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली थी। अब 2026 की चुनावी हार के बाद उनकी सक्रियता को 2028 की संभावित राजनीतिक तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है।टेड क्रूज और मिट रोमनी ने भी ट्रंप की नीतियों पर उठाए सवाल
रिपब्लिकन पार्टी के भीतर असंतोष केवल वेंस और डेसेंटिस तक सीमित नहीं है। टेक्सास के सीनेटर टेड क्रूज और पूर्व रिपब्लिकन सीनेटर मिट रोमनी ने भी पार्टी की दिशा को लेकर सवाल उठाए हैं। टेड क्रूज ने अपने पॉडकास्ट में कहा कि रिपब्लिकन पार्टी को कामकाजी अमेरिकियों की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान करना होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी को ऐसी आर्थिक नीतियों का समर्थन करना चाहिए, जिनसे आम कामकाजी लोगों की जिंदगी में वास्तविक सुधार हो। क्रूज ने ट्रंप प्रशासन की टैरिफ नीति, मध्य पूर्व में युद्ध और डेटा सेंटरों के निर्माण से जुड़े मुद्दों पर भी चिंता जताई। उन्होंने टेक्सास की बदलती राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि टेक्सास अब ब्लू यानी डेमोक्रेटिक झुकाव वाला राज्य बनता जा रहा है। दूसरी ओर, पूर्व रिपब्लिकन सीनेटर मिट रोमनी ने ट्रंप की टैरिफ नीति, उनके द्वारा शुरू किए गए युद्ध और कथित भ्रष्टाचार को लेकर आलोचना की। उन्होंने X पर लिखा कि खराब नीतियां और खराब चरित्र खराब राजनीति को जन्म देते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि देश और उनकी पार्टी के हित में नीतियों में सुधार किया जाएगा। इन बयानों से स्पष्ट है कि रिपब्लिकन पार्टी के भीतर ट्रंप की राजनीतिक शैली और नीतियों को लेकर असहमति बढ़ रही है। निक्की हेली ने भी पार्टी को आत्ममंथन की सलाह दी
दक्षिण कैरोलिना की पूर्व गवर्नर और रिपब्लिकन नेता निक्की हेली ने भी चुनावी हार के बाद पार्टी को आत्ममंथन करने की सलाह दी है।
उन्होंने अमेरिकी टीवी कार्यक्रम 'टुडे शो' में कहा कि रिपब्लिकन नेताओं को अपनी हार की जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।
हेली के मुताबिक, पार्टी ने उन अमेरिकी नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुना, जो किराने के सामान, ईंधन और स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती कीमतों से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन में पार्टी नेतृत्व ने आम लोगों की समस्याओं के बजाय राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दी। हेली ने रिपब्लिकन पार्टी से मतदाताओं की चिंताओं को समझने और अपनी नीतियों में बदलाव करने की अपील की। उनका कहना था कि यदि पार्टी अगले दो वर्षों में अपनी रणनीति सुधारती है तो राजनीतिक स्थिति बदल सकती है।चुनावी हार के बाद ट्रंप व्हाइट हाउस के बॉलरूम प्रोजेक्ट पर पहुंचे
एक तरफ रिपब्लिकन पार्टी में चुनावी हार और नेतृत्व को लेकर बहस चल रही थी, वहीं राष्ट्रपति ट्रंप चुनाव के बाद अपनी पहली सार्वजनिक उपस्थिति में व्हाइट हाउस के निर्माणाधीन बॉलरूम प्रोजेक्ट का निरीक्षण करने पहुंचे। यहां उन्होंने निर्माण कार्य और अंतिम स्टील बीम लगाने की प्रक्रिया को देखा। अमेरिकी गृह मंत्री डग बर्गम ने इस अवसर को उत्सव का दिन बताया। ट्रंप ने बॉलरूम के इंटीरियर, झूमरों और संगमरमर के फर्श जैसी चीजों पर भी चर्चा की। हालांकि, पत्रकारों से बातचीत के दौरान उनसे चुनावी हार और जेडी वेंस के बयानों पर भी सवाल पूछे गए। यह स्थिति अमेरिकी राजनीति में एक दिलचस्प विरोधाभास को दिखाती है। एक तरफ ट्रंप अपने निर्माण प्रोजेक्ट पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ उनकी पार्टी के बड़े नेता चुनावी हार के कारणों और भविष्य के नेतृत्व पर बहस कर रहे हैं।2028 के राष्ट्रपति चुनाव की लड़ाई अभी से क्यों महत्वपूर्ण?
अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत ने रिपब्लिकन पार्टी के सामने दो बड़ी चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। पहली चुनौती है ट्रंप प्रशासन की नीतियों को लेकर मतदाताओं में पैदा हुए असंतोष का समाधान करना। दूसरी चुनौती है ट्रंप के बाद पार्टी का नेतृत्व कौन करेगा, इसका फैसला करना। जेडी वेंस के लिए स्थिति आसान नहीं है। वह ट्रंप प्रशासन का हिस्सा हैं और कई प्रमुख नीतियों का समर्थन भी करते रहे हैं। ऐसे में यदि वह खुद को ट्रंप से अलग राजनीतिक विकल्प के रूप में पेश करते हैं तो उन्हें अपने पुराने समर्थकों के सवालों का सामना करना पड़ सकता है।दूसरी तरफ, यदि वह ट्रंप की हर नीति का समर्थन करते रहते हैं तो उनके लिए अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाना मुश्किल होगा।
ट्रंप का रिपब्लिकन पार्टी पर अभी भी काफी प्रभाव है। इसलिए 2028 के चुनाव में पार्टी का उम्मीदवार कौन होगा, यह केवल वेंस की महत्वाकांक्षा से तय नहीं होगा। रॉन डेसेंटिस, टेड क्रूज और दूसरे रिपब्लिकन नेताओं की सक्रियता भी इस मुकाबले को दिलचस्प बना सकती है। फिलहाल 2028 का राष्ट्रपति चुनाव दो साल से अधिक दूर है, लेकिन 2026 के मिडटर्म चुनावों की हार ने रिपब्लिकन पार्टी में ट्रंप के बाद के नेतृत्व की लड़ाई को समय से पहले शुरू कर दिया है। जेडी वेंस का ईरान युद्ध और आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाना इसी राजनीतिक बदलाव का संकेत माना जा रहा है।