अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते टकराव के बीच पाकिस्तान ने अफगान तालिबान सरकार के खिलाफ “ओपन वॉर” का ऐलान कर दिया है। शुक्रवार को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल और दक्षिणी शहर कंधार पर हवाई हमले किए। यह कार्रवाई उस समय हुई जब अफगान बलों ने पाकिस्तानी सीमा चौकियों पर हमला किया था। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “हमारा सब्र खत्म हो चुका है। अब हमारे और आपके बीच खुली जंग है।” दोनों देशों की सेनाओं ने एक-दूसरे के दर्जनों सैनिक मार गिराने का दावा किया है, जिससे कतर की मध्यस्थता में हुआ संघर्षविराम डगमगाता दिख रहा है।

  • सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें पाकिस्तान का एफ 16 फाइटर जेट मार गिराने का दावा अफगानिस्तान तालिबान ने किया है। लेकिन इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) टूल्स बता रहे हैं कि ये दावा फर्जी है।

अफगानिस्तान का दावा

अफगानिस्तान में काबुल में कम से कम तीन धमाकों की आवाज सुनी गई, हालांकि हमलों के सटीक ठिकानों और हताहतों की तत्काल पुष्टि नहीं हुई। तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तान ने कंधार और दक्षिण-पूर्वी पक्तिया प्रांत में भी हवाई हमले किए।
इससे कुछ घंटे पहले अफगानिस्तान ने कहा था कि उसकी सेना ने गुरुवार देर रात पाकिस्तान की सीमा में जवाबी कार्रवाई की। तालिबान सरकार के मुताबिक यह कदम पिछले रविवार पाकिस्तानी हवाई हमलों के जवाब में उठाया गया। अफगान रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने पाकिस्तान की एक दर्जन से अधिक चौकियां कब्जे में ले लीं। मंत्रालय के अनुसार, जमीनी कार्रवाई में उसके आठ सैनिक मारे गए।
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नंगरहार प्रांत के सूचना प्रमुख कुरैशी बदलून ने AFP को बताया कि तोरखम बॉर्डर के पास लौट रहे शरणार्थियों के कैंप पर मोर्टार गिरने से कई नागरिक घायल हुए। उनके मुताबिक सात शरणार्थी घायल हुए, जिनमें एक महिला की हालत गंभीर है।

पाकिस्तान के दावे

पाकिस्तान की सेना ने कहा कि उसने काबुल, कंधार और पक्तिया में “अफगान सैन्य ठिकानों” को निशाना बनाया और दो ब्रिगेड मुख्यालय नष्ट कर दिए, हालांकि हताहतों का कोई आंकड़ा नहीं दिया गया। सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तराड़ ने X पर कहा कि “अकारण फायरिंग” के जवाब में ‘ऑपरेशन ग़ज़ब-उल-हक़’ शुरू किया गया है।
सरकारी टीवी PTV न्यूज के अनुसार, काबुल में दो ब्रिगेड मुख्यालय, कंधार में एक कोर मुख्यालय और एक ब्रिगेड मुख्यालय, साथ ही एक गोला-बारूद डिपो और लॉजिस्टिक्स बेस को निशाना बनाया गया।
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नक़वी ने अफगान तालिबान पर नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया और कहा कि पाकिस्तान की सेना ने “मुंहतोड़ जवाब” दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि पाकिस्तान अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा।

हताहतों के आंकड़ों में बड़ा अंतर

दोनों देशों के दावों में भारी अंतर है। अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और कई को जिंदा पकड़ लिया गया, जबकि उसके आठ सैनिक मारे गए और 11 घायल हुए। अफगानिस्तान ने 19 पाकिस्तानी चौकियां और दो ठिकाने नष्ट करने का भी दावा किया।
इसके विपरीत पाकिस्तान के सूचना मंत्री तराड़ ने कहा कि पाकिस्तान के केवल दो सैनिक मारे गए और तीन घायल हुए, जबकि 36 अफगान लड़ाके मारे गए। प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ के प्रवक्ता मुशर्रफ अली जै़दी ने पाकिस्तानी सैनिकों के पकड़े जाने से इनकार किया और दावा किया कि कम से कम 133 अफगान लड़ाके मारे गए और 200 से अधिक घायल हुए।
अफगानिस्तान ने यह भी दावा किया कि उसकी सेना ने पाकिस्तान का एक F-16 लड़ाकू विमान मार गिराया, लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी।

सीमा पर नागरिकों की हालत

तोरखम सीमा क्षेत्र में दोनों ओर से गोलीबारी की खबर है। अफगान अधिकारियों ने शरणार्थी कैंप खाली कराना शुरू कर दिया है, जहां मिसाइल हमले में महिलाओं और बच्चों समेत 13 नागरिक घायल होने की बात कही गई। पाकिस्तान की ओर भी पुलिस ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। पाकिस्तानी पुलिस का कहना है कि अफगानिस्तान की ओर से दागे गए मोर्टार पास के गांवों में गिरे, लेकिन किसी नागरिक के हताहत होने की सूचना नहीं है।
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बढ़ता तनाव और अंतरराष्ट्रीय चिंता

पिछले कई महीनों से दोनों पड़ोसियों के बीच तनाव बना हुआ है। अक्टूबर में हुई झड़पों में सैनिकों और नागरिकों समेत दर्जनों लोग मारे गए थे। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दोनों पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और विवाद कूटनीति से सुलझाने की अपील की है।

पाकिस्तान लंबे समय से तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) पर अफगानिस्तान की जमीन से हमले करने का आरोप लगाता रहा है, जिसे काबुल और TTP दोनों खारिज करते हैं। हालिया घटनाक्रम ने पहले से तनावपूर्ण अफ-पाक रिश्तों को खुली टकराव की ओर धकेल दिया है।