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नूपुर विवाद: प्रदर्शन करने वाले प्रवासियों को वापस भेजेगा क़ुवैत 

क़ुवैत की सरकार ने कहा है कि वह नूपुर विवाद के दौरान क़ुवैत में प्रदर्शन करने वाले प्रवासी नागरिकों पर कार्रवाई करेगी। क़ुवैत सरकार ने कहा है कि जिन प्रवासियों ने बीजेपी नेता नूपुर शर्मा की पैगंबर साहब पर टिप्पणी को लेकर प्रदर्शन किया था उन्हें उनके देश भेजा जाएगा। बता दें कि नूपुर शर्मा के खिलाफ बांग्लादेश और कई अन्य इसलामिक मुल्कों में जोरदार प्रदर्शन हुए थे। 

क़ुवैत में काम कर रहे प्रवासी नागरिक भी वहां सड़कों पर उतरे थे और उन्होंने नूपुर शर्मा के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था।

क़ुवैत के फाहाहील शहर में हुए ऐसे ही प्रदर्शन का एक वीडियो सामने आया था जिसमें बड़ी संख्या में लोग जमा थे और इस दौरान लोगों को नारेबाजी करते हुए देखा गया था।

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क़ुवैत की सरकार ने कहा है कि यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने उनके मुल्क के नियम और कानूनों का उल्लंघन किया है। अरब टाइम्स के मुताबिक क़ुवैत की सरकार प्रदर्शन करने वाले प्रवासियों को गिरफ्तार करने और उन्हें उनके देशों में वापस भेजने की प्रक्रिया में जुटी है। हालांकि प्रदर्शन में शामिल लोग किस देश के हैं, इसका जिक्र नहीं किया गया है। 

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ऐसे प्रवासियों के फिर से क़ुवैत में आने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।

रिपोर्ट में कहा गया है कि क़ुवैत में रहने वाले सभी प्रवासी यहां के नियमों का सम्मान करें और किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा न लें। 

बता दें कि नूपुर शर्मा की विवादित टिप्पणी के बाद क़ुवैत के कई डिपार्टमेंटल स्टोर से भारतीय सामान को हटाना शुरू कर दिया गया था। खाड़ी देशों में नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल की टिप्पणी का जोरदार विरोध हुआ था और इसके बाद और क़ुवैत और क़तर ने भारतीय राजदूतों को बुलाकर विरोध दर्ज कराया था। 

मोदी सरकार ने विवादित टिप्पणी करने वालों को फ्रिंज एलिमेंट बताया था और कहा था कि विवादित टिप्पणी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। 

नवीन जिंदल को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया था जबकि नूपुर शर्मा को पार्टी ने निलंबित कर दिया था। 

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कई जगहों पर हिंसक प्रदर्शन 

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, लखनऊ, मुरादाबाद, बिजनौर, सहारनपुर, फिरोजाबाद आदि शहरों में नूपुर शर्मा की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हिंसक प्रदर्शन हो चुके हैं। ऐसे ही हिंसक प्रदर्शन झारखंड की राजधानी रांची में भी हुए हैं। रांची में तो 2 लोगों की मौत भी हो गई और कई लोग घायल हो गए। 

बंगाल में हुए हिंसक प्रदर्शनों में आक्रोशित भीड़ ने बीजेपी के दफ्तरों में आग लगाने के साथ ही ट्रेनों पर भी पथराव किया है। नूपुर शर्मा की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मुस्लिम समुदाय का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है और उत्तर प्रदेश में पिछले शुक्रवार को हुई हिंसा के बाद बड़ी संख्या में लोगों की गिरफ्तारियां की गई हैं। प्रयागराज में हुई हिंसा के आरोपी जावेद मोहम्मद के घर को प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने गिरा दिया है।

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