ट्रंप के प्रस्तावित रूस-यूक्रेन संघर्ष विराम और 1000 कैदियों की अदला-बदली के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन युद्ध को लेकर बड़ा बयान दिया है। पुतिन के बयान से ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्ताव पर रूस और यूक्रेन ने तीन दिन का सीजफायर शुरू किया है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन युद्ध के ख़त्म होने का संकेत दिया है। उन्होंने रूस के 'विजय दिवस' 2026 के मौक़े पर कहा कि यूक्रेन युद्ध अब 'समाप्ति की ओर' बढ़ रहा है। यह उनके द्वारा अब तक का सबसे मजबूत संकेत है कि चार साल से ज्यादा चले इस जंग को बातचीत के जरिए खत्म करने की तैयारी हो रही है। पुतिन ने पत्रकारों से कहा, 'मुझे लगता है कि मामला समाप्ति की ओर जा रहा है।' उनके इस बयान ने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है।
ट्रंप के प्रस्ताव पर तीन दिन का सीजफायर
पुतिन के बयान से ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्ताव पर रूस और यूक्रेन ने तीन दिन का सीजफायर शुरू किया है। दोनों देश एक-दूसरे के 1000-1000 कैदियों को रिहा करने की बड़ी अदला-बदली भी कर रहे हैं। यह युद्ध शुरू होने के बाद सबसे बड़ी कैदियों की अदला-बदली में से एक है।रूस-यूक्रेन बातचीत की तैयारी?
पुतिन से जब यूरोपीय नेताओं से बातचीत की इच्छा पूछी गई तो उन्होंने जर्मनी के पूर्व चांसलर गेरहार्ड श्रोडर का नाम लिया। उन्होंने कहा कि उनके लिए श्रोडर सबसे पसंदीदा संपर्क वाले शख्स हैं। यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोदिमीर ज़ेलेंस्की से सीधी मुलाकात पर पुतिन ने कहा कि ऐसी बैठक तभी हो सकती है जब दोनों पक्ष स्थायी शांति समझौते के ढांचे पर सहमत हो जाएं।ट्रंप बोले- सीजफायर और लंबा होना चाहिए
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मौजूदा तीन दिन का सीजफायर और आगे तक बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने इसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे खतरनाक संघर्ष बताया और जंग को जल्द खत्म करने की इच्छा जताई। अभी तक सीजफायर का कोई बड़ा उल्लंघन होने की खबर नहीं है, हालांकि दोनों तरफ एक-दूसरे पर आरोप लग रहे हैं।रूस का विजय दिवस इस बार अलग!
इस बार मॉस्को के रेड स्क्वायर पर पारंपरिक भव्य मिलिट्री परेड नहीं हुई। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच छोटे स्तर का समारोह हुआ। टैंकों की जगह बड़ी स्क्रीन्स पर मिसाइलें, ड्रोन और फाइटर जेट्स दिखाए गए। यूक्रेन युद्ध में लड़ चुके सैनिकों ने परेड में हिस्सा लिया। 8 मिनट के भाषण में पुतिन ने रूसी सैनिकों की तारीफ की और NATO पर आरोप लगाया कि वह रूस के खिलाफ 'आक्रामक ताकतों' को समर्थन दे रहा है। उत्तर कोरिया के सैनिकों ने भी परेड में हिस्सा लिया, जो हाल में कुर्स्क इलाके में रूस के साथ लड़ रहे थे।यूक्रेन-रूस युद्ध
रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमला किया था। यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप का सबसे घातक संघर्ष बन गया है। इसमें बड़ी संख्या में लोग मारे गए या घायल हुए, यूक्रेन के कई शहर तबाह हो गए और रूस-पश्चिम देशों के संबंध शीत युद्ध स्तर पर पहुंच गए।
ज़ेलेंस्की ने पुतिन के बयान पर सावधानीपूर्वक जवाब दिया। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि यूक्रेन रूस की परेड 'होने देगा' और उनके हथियार रेड स्क्वायर को निशाना नहीं बनाएंगे।
पुतिन का यह बयान कई साल तक सैन्य रुख दिखाने के बाद कूटनीतिक बदलाव का संकेत दे रहा है। यूरोपीय राजनयिकों का कहना है कि मॉस्को अब बातचीत की मेज पर आने का संदेश देना चाहता है। अब इस पर सबकी नज़र है कि यह संकेत कितना गंभीर है और असल शांति समझौते तक पहुंचने में कितना समय लगेगा।