ईरान में मरने वालों की संख्या कथित तौर पर 62 तक पहुंच गई है। रज़ा पहलवी ने प्रदर्शनकारियों से दो दिन सड़कों पर रहने और 'शहरों पर कब्जा करने' का आह्वान किया है। रज़ा ने यूएस राष्ट्रपति ट्रंप से ईरान पर हमले की अपील की है।
ईरान में शासन बदलने की मांग को लेकर प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है
ईरान में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। अमेरिका का दखल कभी भी संभव है। खुद को ईरान का क्राउन प्रिंस कहने वाले रजा पहलवी (Reza Pahlavi) ने प्रदर्शनकारियों से आग्रह किया है कि वे शनिवार (10 जनवरी) और रविवार (11 जनवरी) को शाम 6 बजे से सड़कों पर उतरें और "शहरों के सेंटरों पर कब्जा करने की तैयारी करें।" उन्होंने कहा कि अब उनका लक्ष्य केवल सड़कों पर उतरना नहीं, बल्कि शहर के केंद्रों पर "विजय प्राप्त करना और उनका बचाव करना" है। उन्होंने यह भी कहा कि वह जल्द ही अपने देश ईरान लौटने की तैयारी कर रहे हैं। रज़ा पहलवी ने यूएस राष्ट्रपति ट्रंप से अपील की है कि वो ईरान के मामले में अब सीधा हस्तक्षेप करें। ईरान में 1979 तक रज़ा पहलवी के पिता शाह रज़ा पहलवी का शासन था। लेकिन 1979 में इस्लामिक क्रांति के बाद पहलवी परिवार को अमेरिका भागना पड़ा। वहां उन्हें शरण मिली हुई है। ईरान की इस्लामिक क्रांति के बाद अमेरिका में 8 राष्ट्रपति आ चुके हैं। हर राष्ट्रपति की ईरान नीति एक जैसी रही है। यूएस ईरान में शाह परिवार की सत्ता में वापसी चाहता है।
यूएस में स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी (Human Rights Activists News Agency) के अनुसार, देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 62 हो गई है। इसके अलावा, प्रदर्शनों के दौरान कम से कम 2,300 गिरफ्तारियाँ भी हुई हैं।
ट्रंप का ईरान पर बयानअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि ईरान में स्थिति पर कड़ी नज़र रखी जा रही है और उन्होंने प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा की कामना की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रदर्शनकारियों की हत्या हुई तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा और ईरान को करारा प्रहार करेगा। ट्रंप ने कहा- "ईरान बड़ी मुसीबत में है। मुझे लगता है कि लोग कुछ ऐसे शहरों पर कब्ज़ा कर रहे हैं जिनके बारे में किसी ने सोचा भी नहीं था। हम स्थिति पर बहुत बारीकी से नज़र रख रहे हैं। मैंने पहले भी स्पष्ट रूप से कहा था कि अगर वे पहले की तरह लोगों की हत्याएं शुरू करते हैं, तो हम हस्तक्षेप करेंगे। हम उन्हें करारा प्रहार करेंगे, और इसका मतलब ज़मीनी स्तर पर सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि उन्हें करारा प्रहार करना है, ताकि ऐसा आगे न हो।"
रुबियो की सैन्य कार्रवाई की चेतावनी
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ट्विटर पर लिखा, "अमेरिका ईरान के बहादुर लोगों का समर्थन करता है।" शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान का नेतृत्व "बड़ी मुसीबत में" दिख रहा है और उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या होने पर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी।
ईरान के विदेश मंत्री का बयान
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार को कहा कि प्रतिबंधों और आर्थिक कमियों के बावजूद देश में हालात स्थिर हैं। यह जानकारी ईरान इंटरनेशनल ने दी। अराघची ने कहा, "ईरान में कुल मिलाकर स्थिति अच्छी है, हालांकि प्रतिबंधों और आर्थिक कमियों के कारण कुछ समस्याएं हैं।" ईरान में कई स्कूलों और विश्वविद्यालयों में शनिवार को ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित की गईं, जो ईरान में सप्ताह की शुरुआत का दिन होता है। वहां शुक्रवार को सार्वजनिक अवकाश रहता है। एपी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के कई शहरों में सरकार समर्थक प्रदर्शन भी हो रहे हैं। ईरानी संगीतकार माजिद एन्तेज़ामी द्वारा रचित "खोर्रमशहर महाकाव्य" से एक जोशीला और युद्धोन्मादी संगीत बार-बार बजाया जा रहा है।
ईरान के संयुक्त राष्ट्र राजदूत और विदेश मंत्री ने अमेरिका और इसराइल पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को "हिंसक, विध्वंसक कृत्यों" में बदलने और "सीधे हस्तक्षेप" करने का आरोप लगाया है।
ईरानी सेना ने रक्षा का संकल्प लिया
सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच, ईरान की सेना ने शनिवार को देश के राष्ट्रीय हितों, रणनीतिक बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा का संकल्प लिया। एक बयान में सेना ने नागरिकों से विरोध प्रदर्शनों के दौरान "दुश्मन की साजिशों" को नाकाम करने के लिए सतर्क रहने का आग्रह किया।
खामनेई की तस्वीरों से सिगरेट जलाती महिलाएं
व्यापक विरोध प्रदर्शन के दौरान अयातुल्ला अली खामनेई की जली हुई तस्वीरों से सिगरेट जलाती महिलाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं। तेहरान से सामने आए कुछ अपुष्ट वीडियो में कथित तौर पर महिलाओं को बड़े-बड़े अलाव में अपने सिर से हिजाब/स्कॉर्फ जलाते हुए दिखाया गया है। अधिकारियों ने इंटरनेट बंद करने के अलावा टेलीफोन लाइनें भी काट दी हैं।
हिंसक प्रदर्शनों पर खामनेई का कड़ा रुख
कड़ी कार्रवाई के संकेत ईरान के सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei ने प्रदर्शनकारियों पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से सख्ती से निपटने के संकेत दिए हैं। खामनेई ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुश करने के लिए प्रदर्शनकारी अपने ही देश की संपत्ति बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका का हाथ "ईरानियों के खून से सना हुआ" है। इस बीच ईरान के चीफ जस्टिस गुलाम हुसैन मोहसेनी-एजेई (Gholamhossein Mohseni-Ejei) ने चेतावनी दी है कि प्रदर्शनकारियों के लिए सज़ा "निर्णायक, अधिकतम और बिना किसी कानूनी नरमी के" होगी।ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और यूरोपीय संघ (EU) ने एक संयुक्त बयान में ईरान में प्रदर्शनकारियों की हत्या और गिरफ्तारी की निंदा की और नागरिकों की बहादुरी की सराहना की।