loader

रूस ने यूक्रेन के सैनिकों से कहा, तुरंत हथियार डालें

रूस ने यूक्रेन के सैनिकों से कहा है कि वे तुरंत हथियार डाल दें। न्यूज़ एजेंसी एएफ़पी ने यह खबर दी है। बता दें कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को 2 महीने का वक्त पूरा होने वाला है और अब तक रूस यूक्रेन पर जीत हासिल नहीं कर सका है।

रूस ने कुछ दिन पहले यूक्रेन की राजधानी कीव पर हमले तेज करने की धमकी दी थी। 

यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने भी चेताया है कि रूस उस पर परमाणु हमला कर सकता है। कुछ दिन पहले एक रूसी टीवी चैनल ने कहा था कि यूक्रेन पर हमला अब तीसरे विश्वयुद्ध में बदल चुका है।

ताज़ा ख़बरें

यूक्रेन ने लंबी दूरी की मिसाइल से रूस के सबसे बड़े नौसैनिक युद्धपोत पर हमला किया था जिसके बाद उसमें आग लगी थी और वह डूब गया था। इसके बाद रूस ने यूक्रेन के कई शहरों पर जोरदार हमले किए थे। 

परमाणु युद्ध की धमकी 

रूस की ओर से पिछले 2 महीनों में कई बार परमाणु युद्ध की धमकी दी जा चुकी है। पुतिन को भी उनके काले रंग के न्यूक्लियर बैग के साथ देखा जा चुका है। दूसरी ओर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि रूस ने बूचा में नरसंहार किया है और मारियूपोल में भी हजारों लोगों की हत्या की है।

यूक्रेन भी घुटने टेकने के लिए तैयार नहीं है और लगातार लड़ाई लड़ रहा है। ज़ेलेंस्की ने कहा है कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि रूस अपने कितने सैनिकों को युद्ध के लिए भेजता है, उनका देश लड़ता रहेगा और अपना बचाव करता रहेगा।

दुनिया से और खबरें

तबाही का मंजर

रूस के द्वारा बीते लगभग 2 महीने से किए जा रहे लगातार हमलों के कारण यूक्रेन के कई बड़े शहर जैसे मारियूपोल, खारकीव आदि पूरी तरह तबाह हो चुके हैं। यूक्रेन के शहर लवीव में भी रूस की ओर से लगातार बमबारी की जा रही है और इसमें कई लोगों की मौत हो चुकी है।

कुछ दिन पहले इस तरह की भी खबरें आई थीं कि अब तक यूक्रेन पर जीत हासिल ना होने से रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन अपनी फौज से नाराज हैं और उन्होंने अपनी फौज के 20 जनरलों को गिरफ्तार करवा दिया है। द डेली मेल ने रूस के एक कारोबारी के हवाले से यह खबर दी थी।

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

दुनिया से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें