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श्रीलंका: ईंधन का जबरदस्त संकट, पेट्रोल पंपों पर फौज़ तैनात

श्रीलंका में इन दिनों तेल का संकट बेहद गहरा गया है और इसे लेकर देश में जबरदस्त प्रदर्शन होने लगे हैं। इसके साथ ही श्रीलंका जबरदस्त आर्थिक संकट का भी सामना कर रहा है। बिजली न होने की वजह से कई इलाकों में अंधेरा छा गया है और जरूरी सामानों की किल्लत हो गई है। कुकिंग गैस की सप्लाई भी बेहद कम है और इन सब वजहों से लोग परेशान हैं। यह मुल्क़ डॉलर की कमी से भी जूझ रहा है। 

हालात इस कदर खराब हैं कि सरकार ने फौज़ को पेट्रोल पंपों पर तैनात कर दिया है। दिक्कतों से जूझ रहे लोग सोमवार को कोलंबो में सड़कों पर उतर आए और जाम लगा दिया। इन लोगों को मिट्टी का तेल नहीं मिल पा रहा था। 

पेट्रोल पंपों के बाहर लंबी कतारें लगी हैं और लोगों के सब्र का बांध टूट रहा है। पेट्रोल लेने के लिए लगी कतार में तीन बुजुर्गों की भी मौत हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि कई पेट्रोल पंपों पर लोगों को डीजल और पेट्रोल खरीदने के लिए रात भर लाइनों में लगना पड़ रहा है। कागज ना होने की वजह से स्कूलों में परीक्षाओं को भी रद्द करना पड़ा है। 

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हालात को देखते हुए राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे की ओर से बुधवार को सभी राजनीतिक दलों की बैठक बुलाई गई है। लेकिन विपक्षी दल इस बैठक का बहिष्कार कर सकते हैं। 

तमिलनाडु पहुंचे नागरिक 

निश्चित रूप से इसका असर श्रीलंका से लगने वाले भारतीय राज्य तमिलनाडु पर भी पड़ा है। मंगलवार को श्रीलंका के 16 नागरिक जाफना और मन्नार इलाकों से तमिलनाडु पहुंचे। ये सभी लोग तमिल हैं और 2 बैच में तमिलनाडु पहुंचे हैं। 

द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक तमिलनाडु पुलिस ने बताया कि ये सभी शरणार्थी हैं और श्रीलंका में खाने की कमी और बेरोजगारी की वजह से तमिलनाडु में आने के लिए मजबूर हुए हैं। इस तरह की खबरें हैं कि आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में शरणार्थी तमिलनाडु का रुख कर सकते हैं।

तमिलनाडु पहुंचने वाले इन लोगों में बच्चे भी शामिल हैं। इन्हें खाना दिया गया और उसके बाद पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने इन्हें एक शरणार्थी कैंप में रखा है।

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बेतहाशा महंगाई 

मन्नार के सामाजिक कार्यकर्ता वीएस शिवाकरण ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि बहुत सारे लोग श्रीलंका छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं और तमिलनाडु में इनके परिचित लोग रहते हैं। वहां के लोग बेहद चिंतित हैं और कहा जा रहा है कि श्रीलंका में आने वाले हफ्ते में चावल की कीमत 500 रुपए प्रति किलो तक पहुंच सकती है।

अभी 1 किलो चावल की कीमत 290 रुपए प्रति किलो है जबकि चीनी की कीमत 290 रुपए प्रति किलो और 400 ग्राम के दूध पाउडर की कीमत 790 रुपए है।

निश्चित रूप से श्रीलंका के हालात बिगड़ते जा रहे हैं और देखना होगा कि राजपक्षे सरकार हालात को कैसे संभालती है। 

भारत सरकार ने 17 मार्च को श्रीलंका को 1 अरब डॉलर की सहायता दी है। इसके लिए वहां की सरकार ने भारत का आभार जताया है। हालांकि श्रीलंकाई सरकार का कहना है कि हालात धीरे-धीरे सुधर रहे हैं।

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