अमेरिका ईरान के बीच पीस डील घोषित के बाद लेबनान हमलों के लिए इसराइल का तमाम देश भारी विरोध कर रहे हैं। फ्रांस ने अमेरिका से कहा है कि वो फौरन इसराइल पर दबाव बनाए और इस युद्ध को खत्म कराए। ईरान ने होर्मुज फिर से बंद कर दिया है।
इसराइल का दक्षिणी लेबनान पर हमला
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, दक्षिणी लेबनान में इसराइली हवाई हमलों में कम से कम 18 लोग मारे गए हैं। वहीं इसराइली सेना ने कहा है कि हिज्बुल्लाह के हमले में उसके 4 सैनिक मारे गए। उसने लेबनान को जला देने की बात कही है। पूरी दुनिया में इसराइल के हमले की निन्दा हो रही है। ईरानी सेना आईआरजीसी ने होर्मुज को फिर से बंद करने का ऐलान किया है। विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका ईरान पीस डील घोषित होने के बाद इसराइल बौखला गया है और डील को संकट में डालने के लिए उसने लेबनान पर हमले शुरू कर दिए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने इसराइल को इस तरह की हरकत के लिए फटकार लगाई।
होर्मुज बंद करने का ऐलान
IRGC ने मरीन चैनल 16 पर प्रसारण में होर्मुज को बंद करने की बात कही। आईआरजीसी ने कहा- लेबनान से इसराइल की वापसी, समुद्री घेराबंदी पूरी तरह से हटाना, और फ़ारस की खाड़ी व इस इलाके से अमेरिकी फ़ोर्स की वापसी - ये ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौते की मुख्य शर्तें हैं। जब तक ये दोनों शर्तें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक होर्मुज़ (Strait of Hormuz) बंद रहेगा। सभी जहाज़ों को अपनी सुरक्षा के लिए होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास न जाने का आदेश दिया गया है। जो भी जहाज़ इस आदेश को नहीं मानेगा, उसे निशाना बनाया जाएगा।"
इसराइल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने बताया कि उसने हिज्बुल्लाह से जुड़े 80 ठिकानों पर हमले किए और "दर्जनों" हिज्बुल्लाह सदस्यों को मार गिराया। यह घटना अमेरिका और ईरान के बीच मध्य पूर्व संघर्ष समाप्त करने वाले समझौते के एक दिन बाद हुई है, जिसमें लेबनान में स्थायी युद्धविराम भी शामिल है।
समझौते के बावजूद जारी हिंसा
अमेरिका-ईरान समझौते में सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करने और लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता तथा संप्रभुता का सम्मान करने का आह्वान किया गया है। लेकिन इसराइल ने स्पष्ट कर दिया है कि वह लेबनान से अपनी सेना वापस नहीं बुलाएगा और हिज्बुल्लाह के साथ अपना संघर्ष ईरान युद्ध से अलग मानता है। इस बीच ईरानी सेना आईआरजीसी ने होर्मुज
लेबनान की राज्य समाचार एजेंसी ने बताया कि गुरुवार रात नबतीह जिले में हुई बमबारी इस युद्ध की सबसे तीव्र बमबारी में से एक थी। इसमें 18 लोग मारे गए, 33 घायल हुए और कई इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं।
हिज्बुल्लाह ने दावा किया कि उसने दक्षिणी लेबनान में इसराइली सैनिकों के एक समूह पर घात लगाकर हमला किया, तीन टैंकों को गाइडेड मिसाइलों से नष्ट किया और रॉकेट तथा तोपखाने से सैनिकों को निशाना बनाया।
युद्ध की पृष्ठभूमि
ईरान के सुप्रीम लीडर की हत्या के बाद हिज्बुल्लाह ने इसराइल पर रॉकेट दागे थे, जिसके जवाब में इसराइल ने लेबनान में बमबारी शुरू की और देश के दक्षिणी हिस्से के लगभग 5% क्षेत्र पर कब्जा कर लिया। इसका उद्देश्य हिज्बुल्लाह के लड़ाकों को इसराइली उत्तरी सीमा से पीछे हटाना था।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस संघर्ष की शुरुआत से अब तक कम से कम 3,912 लोग मारे गए हैं (जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं) और 11,699 घायल हुए हैं। लगभग दस लाख लोग विस्थापित हैं और दक्षिण के कई इलाके पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं। हिज्बुल्लाह ने कहा है कि जब तक इसराइली हमला जारी रहेगा, उसके हमले भी जारी रहेंगे।
लेबनान हमले पर प्रतिक्रियाएं
इसराइल के चरमपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री ने चार सैनिकों की मौत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "पूरे लेबनान को जला देना चाहिए।" उन्होंने कहा कि "अमेरिकियों का सम्मान करते हुए भी, इसराइल को दुनिया को स्पष्ट संदेश देना चाहिए कि हमारे बेटों का खून और नागरिकों की सुरक्षा सौदेबाजी का विषय नहीं है।"
फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरो ने कहा कि इसराइल को समझौते का "सम्मान" करना चाहिए और अमेरिका को इसराइली सरकार पर दबाव डालना चाहिए। बेंजामिन नेतन्याहू पर घरेलू दबाव है कि वे हिज्बुल्लाह के खिलाफ अभियान जारी रखें, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ टकराव पैदा कर सकता है। ट्रंप ने लेबनान में इसराइल के आचरण की आलोचना की है।
अमेरिका-ईरान समझौता
गुरुवार को अमेरिका-ईरान समझौते पर डिजिटल हस्ताक्षर किए गए। जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत और 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते की प्रक्रिया शामिल है (समयसीमा आपसी सहमति से बढ़ाई जा सकती है)। लेकिन लेबनान पर हमले के बाद ईरान ने स्विट्ज़रलैंड में होने वाली बातचीत सस्पेंड कर दी। इसी वजह से जेडी वैंस ने स्विट्जरलैंड में होने वाली सीधी बातचीत में शामिल होने के लिए अपनी यात्रा रद्द कर दी, जिससे वार्ता स्थगित हो गई। वैंस ने नेतन्याहू की कैबिनेट के कुछ सदस्यों (बेन-ग्विर और बेजालेल स्मोट्रिच) की आलोचना की।