होर्मुज़ की नौसैनिक नाकाबंदी और ईरान से युद्धविराम के बीच अमेरिकी नौसेना सचिव जॉन फेलन ने अचानक पद छोड़ दिया। हालांकि ट्रंप को 36-72 घंटों के भीतर ईरान पर पॉजिटिव खबर का इंतज़ार है। लेकिन पेंटागन घटनाक्रम ट्रंप के लिए ज्यादा बड़ी चिन्ता बन गए हैं।
यूएस के नेवी सेक्रेटरी जॉन फेलन (बाएं) और रक्षा सचिव पीट हेगसेथ
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान युद्ध के संबंध में अच्छी खबर का इंतजार कर रहे हैं, जो अगले 36 से 72 घंटों के अंदर आ सकती है। यह बात खुद उन्होंने सोशल मीडिया पर बताई। लेकिन इसी बीच, उनके नौसेना सचिव (Navy Secretary) जॉन पी. फेलन (John Phelan) अपना पद छोड़ रहे हैं। पेंटागन ने बुधवार (22 अप्रैल 2026) को अचानक यह घोषणा की। यह ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में किसी सैन्य सेवा के दूसरे प्रमुख का जाना है। इससे पहले आर्मी चीफ ने पद छोड़ा था। ये सारे इस्तीफे या रक्षा सचिव पीट हेगसेथ की ओर से एक्शन गंभीर मतभेदों की वजह से सामने आ रहे हैं।
फेलन के जाने का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है। कुछ रिपोर्ट्स में इसे डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ (Pete Hegseth) द्वारा निकाले जाने (fired) के रूप में बताया गया है, जबकि कुछ में इस्तीफा कहा गया है। यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें हटाया गया या उन्होंने खुद इस्तीफा दिया। लेकिन समय बहुत संवेदनशील है, इसलिए यह ट्रंप के लिए अच्छी खबर नहीं मानी जा रही है। खासकर जब होर्मुज में यूएस ने ईरान की नाकाबंदी कर रखी है। ऐसे में नेवी चीफ का ही चले जाना, सवाल खड़े कर रहा है।
क्यों यह ट्रंप के लिए बुरा संकेत है?
फेलन ट्रंप के बड़े दानकर्ता (major donor) थे और 2024 के अंत में उन्हें नॉमिनेट किया गया था। वे सैन्य या नागरिक नेतृत्व का पूर्व अनुभव नहीं रखते थे, बल्कि एक बाहरी व्यक्ति (outsider) के रूप में नौसेना को हिलाने-डुलाने के लिए लाए गए थे। वे ट्रंप के प्रति वफादार माने जाते थे और यूक्रेन तथा ताइवान की रक्षा से जुड़े एक गैर-लाभकारी संगठन में सलाहकार भूमिका निभा चुके थे। उनका जाना ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी नौसेना ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी (blockade) करके बैठी हुई है। तेहरान से जुड़े जहाजों को लक्ष्य बना रही है, और तीन एयरक्राफ्ट कैरियर मध्य पूर्व में तैनात या जा रहे हैं। युद्धविराम (ceasefire) नाजुक है, और यदि यह टूटा तो युद्ध फिर शुरू हो सकता है।
इससे पहले पेंटागन में कई बड़े बदलाव हो चुके हैं: आर्मी के टॉप जनरल रैंडी जॉर्ज को निकाला गया, नौसेना की टॉप एडमिरल लिसा फ्रैंचेटी, एयर फोर्स के नंबर-2 जनरल जिम स्लाइफ, और जॉइंट चीफ्स के चेयरमैन जनरल चार्ल्स ब्राउन को भी हटाया गया। फरवरी 2025 से हेगसेथ ने कई उच्च अधिकारियों को निकाला है।
यह सब ट्रंप प्रशासन में अंदरूनी कलह और अस्थिरता के संकेत दे रहा है। जब ट्रंप ईरान से "एकजुट प्रस्ताव" (unified proposal) की प्रतीक्षा कर रहे हैं, तब नौसेना के प्रमुख का अचानक जाना "कमांड चेन में अराजकता" का नैरेटिव बनाता है। ट्रंप की जब मजबूत और एकजुट छवि दिखनी चाहिए, तब यह घटना विपरीत संदेश दे रही है।
नया एक्टिंग नौसेना सचिव कौन हैं
हंग काओ (Hung Cao) को उनकी जगह एक्टिंग नौसेना सचिव बना दिया गया है। हंग काओ 25 साल के नौसेना अनुभवी हैं। वे वियतनाम से बचकर आए शरणार्थी हैं, यूएस नेवल एकेडमी के ग्रेजुएट हैं, SEAL टीमों और स्पेशल ऑपरेशंस में काम किया है (इराक, अफगानिस्तान, सोमालिया)। वे कैप्टन के रैंक पर रिटायर हुए। उन्होंने वर्जीनिया से सीनेट और हाउस के लिए चुनाव लड़े लेकिन हार गए। ट्रंप ने उन्हें समर्थन दिया था। वे RNC 2024 में भाषण भी दे चुके हैं। वे DEI (Diversity, Equity, Inclusion) नीतियों के कड़े विरोधी हैं। उन्होंने COVID वैक्सीन अनिवार्यता का भी विरोध किया और कहा था कि नौसेना में "ड्रैग क्वीन" से भर्ती नहीं, बल्कि "अल्फा मेल और फीमेल" चाहिए जो युद्ध जीत सकें। यूक्रेन सहायता के भी विरोधी रहे हैं। अब वे COVID वैक्सीन से इनकार करने वाले सैनिकों को वापस ड्यूटी पर लाने के पक्ष में हैं।
काओ ट्रंप और हेगसेथ की विचारधारा से पूरी तरह मेल खाते हैं, इसलिए लंबे समय में यह बदलाव प्रशासन के लिए फायदेमंद हो सकता है। लेकिन इतने संवेदनशील समय में अचानक ट्रांजिशन अभी भी जोखिम भरा है।
ईरान और अमेरिका के बीच अभी क्या चल रहा है
- 23 अप्रैल तक मूल दो हफ्ते का युद्धविराम बुधवार को खत्म होने वाला था, लेकिन ट्रंप ने मंगलवार (21 अप्रैल) को इसे अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया। कारण: ईरान सरकार "गंभीर रूप से विभाजित" (seriously fractured) है। पाकिस्तान की मध्यस्थता में ईरान को एकजुट प्रस्ताव देने का समय दिया जा रहा है।
- ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान के अनुरोध पर यह फैसला लिया गया। वे 36-72 घंटों में नई बातचीत या अच्छी खबर की उम्मीद जता रहे हैं।
- नौसेना नाकाबंदी पूरी तरह जारी है। अमेरिकी बल ईरानी बंदरगाहों और हॉर्मुज स्ट्रेट की ओर जाने वाले जहाजों को रोक रहे हैं। कुछ जहाजों को जब्त भी किया गया है। ईरान इसे युद्धविराम का उल्लंघन बता रहा है, लेकिन अमेरिका कहता है कि नाकाबंदी "बेहद प्रभावी" है और सेना "पूरी तरह तैयार" हैं।
- यदि ईरान से संतोषजनक प्रस्ताव नहीं आया तो युद्ध फिर शुरू हो सकता है। ट्रंप ने साफ कहा कि सैन्य विकल्प अभी भी टेबल पर है।
- पाकिस्तान के माध्यम से कूटनीतिक प्रयास चल रहे हैं, लेकिन बातचीत में कुछ अड़चनें भी आई हैं।
- ईरान ने कहा कि अमेरिकी की थोपी गई शर्तों पर कोई बातचीत नहीं हो सकती। दुनिया को ट्रंप और अमेरिका की हिप्पोक्रेसी देखना चाहिए।
ट्रंप ईरान युद्ध को अपनी शर्तों पर खत्म करना चाहते हैं। लेकिन ठीक हालात तेजी से बदल रहे हैं। ईरान ने कहीं से भी अपनी कमज़ोरी का संकेते नहीं दिया है। हालांकि ट्रंप का दावा है कि अमेरिका-इसराइल ने ईरान को बर्बाद कर दिया है। भले ही रक्षा सचिव हेगसेथ पूरे जीजान से ट्रंप के साथ जुटे हुए हैं, लेकिन हालात सही नहीं है। इससे आलोचकों खासतौर पर डेमोक्रेट्स को ट्रंप प्रशासन को "अराजक" बताने का मौका मिल रहा है।