ईरान-अमेरिका युद्ध की तस्वीर अभी साफ नहीं हो पा रही है। सीएएन ने ट्रंप का बयान कोट किया है। जिसमें ट्रंप कह रहे हैं कि अमेरिका ने 'ईरान के साथ युद्ध खत्म कर दिया है', लेकिन तेहरान ने अभी तक किसी समझौते की पुष्टि नहीं की है। राष्ट्रपति ने गुरुवार को पहले कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में किसी समझौते पर हस्ताक्षर के लिए कार्यक्रम होगा। लेकिन ईरान के एक अधिकारी ने किसी भी अंतिम समझौते पर पहुँचने की बात से इनकार किया।
सीएनएन के मुताबिक गुरुवार को ट्रंप ने एक "बड़े समझौते" की घोषणा की थी, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि इससे विवाद सुलझ जाएगा और होर्मुज समुद्री रास्ता (Strait of Hormuz) फिर से खुल जाएगा। ट्रंप ने कहा कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस आने वाले दिनों में यूरोप में होने वाले हस्ताक्षर समारोह में शामिल हो सकते हैं।

सीएनएन के तेहरान में तैनात रिपोर्टर ने अपनी वीडियो रिपोर्ट में कहा है कि ट्रंप के तय हमले रद्द करने और बातचीत में आगे बढ़ने का दावा करने के बाद भी तेहरान को संदेह है।

हालांकि, ट्रंप के इस बड़े दावे के बीच होर्मुज की खाड़ी में सैन्य तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इसी गुरुवार की रात अमेरिकी सेना ने कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाने आ रहे दो ईरानी ड्रोनों को मार गिराया। 
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ट्रंप का दावा- ईरान के पास अब कभी परमाणु हथियार नहीं होंगे

व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस से जारी बयान में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इस मामले को लेकर इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सहित क्षेत्र के कई अन्य नेताओं से बात की है। ट्रंप ने कहा: "हमने ईरान के साथ युद्ध को खत्म करने के लिए एक बेहतरीन समझौता (Great Settlement) तैयार कर लिया है। दस्तावेज़ लगभग अपने अंतिम चरण में हैं और आने वाले दिनों में यूरोप में इस पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। इस समझौते का सीधा मतलब यह है कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होंगे।"

ट्रंप के दावों पर ईरान का अभी तक क्या रुख है

ट्रंप के बयानों के ठीक उलट, ईरान इस समझौते को लेकर फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। ईरानी मीडिया के अनुसार, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई (Esmaeil Baghaei) ने स्पष्ट किया कि तेहरान ने अभी तक इस शांति समझौते पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला है। बघाई ने कहा, "यह एक बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दा है, जिसकी समीक्षा फिलहाल ईरान कर रहा है। लेकिन अमेरिका बार-बार लक्ष्मण रेखा भी पार कर रहा है।"

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का बयान क्या है

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA को बताया कि अमेरिका के साथ किसी समझौते को अंतिम रूप दिए जाने की खबरें "सिर्फ़ अटकलें" हैं और कहा कि तेहरान ने अभी तक किसी भी समझौते पर कोई अंतिम फ़ैसला नहीं लिया है। बघाई ने कहा कि कतर और पाकिस्तान "मध्यस्थ के तौर पर सक्रिय" हैं, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि "अमेरिका के कदमों का असर कूटनीतिक प्रक्रिया पर पड़ रहा है।" IRNA के अनुसार, बघाई ने कहा, "शुरुआत से ही बातचीत की स्थिति हमारे लिए स्पष्ट थी और समझौते के मसौदे का एक बड़ा हिस्सा पहले ही तय हो चुका था। हालाँकि, अमेरिकी अपना रुख बदलते रहे।" उन्होंने आगे कहा कि "अब तक, ईरान किसी भी समझौते को लेकर किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुँचा है।"

ट्रंप के दावों के बावजूद होर्मुज में टकराव क्यों

एक तरफ जहां राजनयिक स्तर पर समझौते की बातें चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ खाड़ी में बारूद बरस रहा है। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार रात को ईरान ने होर्मुज से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों पर हमला करने की कोशिश की। अमेरिकी अधिकारियों ने एनबीसी न्यूज (NBC News) को बताया कि अमेरिकी सेना ने तत्परता दिखाते हुए ईरान के दो 'वन-वे अटैक ड्रोनों' (आत्मघाती ड्रोन) को हवा में ही ध्वस्त कर दिया। इस सैन्य कार्रवाई के बाद भी इस समुद्री मार्ग से जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है। हालांकि ईरान ने कहा कि उसने होर्मुज को फिर से बंद कर दिया है।

कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट

ट्रंप के बयान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई है। वैश्विक तेल बाजार में कच्चे तेल की कीमतें गिरकर पिछले दो महीनों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई हैं। अमेरिकी क्रूड (WTI) लगभग 3% टूटकर $85.13 प्रति बैरल के आसपास आ गया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) भी करीब 3.5% गिरकर $89 प्रति बैरल के नीचे आ गया है। ट्रम्प के बयान के बाद निवेशकों ने जोखिम कम आंकना शुरू कर दिया है, जिससे कीमतों में यह सुधार दिखा।

अमेरिकी शेयर बाजार (Wall Street) में जोरदार उछाल

जहां एक तरफ तेल की कीमतें गिरीं, वहीं अमेरिकी बाजारों ने राहत की सांस ली और गुरुवार के कारोबारी सत्र में पिछले दो महीनों की सबसे बड़ी एक दिवसीय बढ़त दर्ज की। डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज में 929 अंकों (~1.9%) की भारी तेजी देखी गई। S&P 500 सूचकांक 1.8% उछलकर बंद हुआ। तकनीकी शेयरों वाले नैस्डैक कंपोजिट में 2.5% की सबसे बड़ी तेजी दर्ज की गई। ईरान के साथ युद्ध टलने की उम्मीद से बाजार में चौतरफा खरीदारी (Dip-buying) लौट आई है। इसके अलावा, तेल की कीमतें घटने से भविष्य में बढ़ती महंगाई (Inflation) पर लगाम लगने की उम्मीद जगी है, जिससे बॉन्ड यील्ड्स (Bond Yields) में भी नरमी आई है।

बाजार में अभी भी 'संदेह और सतर्कता' क्यों है?

भले ही बाजारों में तेजी है, लेकिन मार्केट एक्सपर्ट्स और ट्रेडर्स पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं और सतर्कता बरत रहे हैं। लेकिन ईरान की ओर से अभी तक इस समझौते पर कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगाई गई है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि "वे अभी किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं"। इसके अलावा, बाजार विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप पहले भी कई बार ऐसे समझौतों के करीब होने का दावा कर चुके हैं। इसलिए, जब तक दोनों देश आधिकारिक रूप से कागजों पर हस्ताक्षर नहीं कर देते और होर्मुज जलमार्ग पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाता, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।