डोनाल्ड ट्रंप इस्लामाबाद में ईरान के साथ बातचीत के विफल होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट पर बौखला गए हैं। उन्होंने कहा है कि अमेरिकी नौसेना तुरंत होर्मुज़ स्ट्रेट में आने-जाने वाले सभी जहाजों पर ब्लॉकेड शुरू कर देगी। उन्होंने चेतावनी दी कि 'हमारी सेना ईरान में जो थोड़ा बहुत बचा है, उसे भी ख़त्म कर देगी।' ट्रंप वार्ता के बेनतीजा रहने से कितने नाराज़ हैं, यह इससे समझा जा सकता है कि हाल के दिनों में इतनी बड़ी पोस्ट उन्होंने शायद ही कभी लिखी हो।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, 'बातचीत अच्छी चली, ज्यादातर मुद्दों पर सहमति बन गई, लेकिन जो एक मुद्दा सबसे अहम था वह था परमाणु। उस पर कोई समझौता नहीं हुआ। इसलिए प्रभावी रूप से तुरंत दुनिया की सबसे बेहतरीन नौसेना अमेरिकी नौसेना होर्मुज़ स्ट्रेट में आने या जाने वाले सभी जहाजों पर ब्लॉकेड शुरू कर रही है।' ट्रंप ने चेताया, 'हम पूरी तरह लॉक और लोडेड हैं। हमारी सेना ईरान में जो थोड़ा बचा है, उसे भी खत्म कर देगी।'

ट्रंप ने बताया कारण, बातचीत क्यों फेल हुई?

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया है कि इस्लामाबाद में क़रीब 20 घंटे तक चली बातचीत में कई मुद्दों पर सहमति बनी, लेकिन ईरान परमाणु कार्यक्रम पर अपनी जिद नहीं छोड़ा। उन्होंने साफ कहा, 'ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा। यह मेरी पुरानी और अटल नीति है।' ट्रंप ने कहा कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकोफ और जेरेड कुशनर ने उनको पूरी ब्रिफिंग दी है। बातचीत पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अगुवाई में हुई थी।

ईरान पर दोष मढ़ा

ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान ने स्ट्रेट खुला रखने का वादा तोड़ दिया। उन्होंने कहा, 'ईरान कहता है कि पानी में माइन्स हो सकते हैं। अब कौन सा जहाज मालिक जोखिम लेना चाहेगा? यह पूरी दुनिया से जबरन वसूली है।'

ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिकी नौसेना तुरंत ब्लॉकेड शुरू करेगी। जो भी जहाज ईरान को “अवैध टोल” देगा, उसे रोका जाएगा। ईरान द्वारा लगाए गए माइन्स को नष्ट किया जाएगा। अगर कोई ईरानी अमेरिकी जहाजों या शांतिपूर्ण जहाजों पर गोली चलाएगा तो उसे 'नर्क में भेज दिया जाएगा'। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की नौसेना, वायुसेना और रक्षा प्रणाली लगभग पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। उन्होंने कहा, 'ईरान जानता है कि इस स्थिति को कैसे खत्म करना है।'

ट्रंप ने भारत का भी नाम लिया

अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान की सराहना करते हुए कहा कि आसिम मुनीर और शहबाज शरीफ असाधारण नेता हैं। उन्होंने दावा किया कि दोनों ने उन्हें भारत के साथ संभावित बड़े युद्ध से 30 से 50 मिलियन लोगों की जान बचाने के लिए धन्यवाद दिया। पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया था जिसके बाद पाकिस्तान और भारत की तरफ़ से सीमित हमले किए गए। इसमें ट्रंप ने अचानक युद्धविराम की घोषणा कर दी।

इसके बाद से डोनाल्ड ट्रंप लगातार दावे करते रहे हैं कि उन्होंने भारत पाक युद्ध रुकवाया। लेकिन भारत इस दावे को खारिज करता रहा है। हालाँकि, प्रधानमंत्री मोदी ने साफ़ साफ़ कभी नहीं कहा है कि ट्रंप झूठ बोल रहे हैं।

दुनिया पर क्या असर पड़ेगा?

होर्मुज़ स्ट्रेट दुनिया का सबसे अहम तेल मार्ग है। यहाँ से दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल गुजरता है। अगर ब्लॉकेड लंबा चला तो तेल की कीमतें बहुत बढ़ जाएंगी और पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा।

इस्लामाबाद वार्ता बेनतीजा

इस्लामाबाद वार्ता बेनतीजा रही। वार्ता खत्म होने के बाद जेडी वेंस ने प्रेस को बताया था, 'हम बिना किसी समझौते के लौट रहे हैं।' उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अपनी रेड लाइंस बहुत साफ़ बता दी थीं, लेकिन ईरान उन शर्तों को मानने को तैयार नहीं हुआ। वेंस ने खास तौर पर ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर जोर दिया। उन्होंने कहा, 'हमें ईरान से पक्का वादा चाहिए कि वे परमाणु हथियार नहीं बनाएंगे– न अभी, न दो साल बाद, बल्कि लंबे समय तक के लिए। अभी तक हमें ऐसा कोई ठोस भरोसा नहीं मिला है।'
वेंस ने यह नहीं बताया कि तेहरान ने क्या-क्या ठुकराया, लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका को कोई साफ़ और पक्का भरोसा नहीं मिला कि ईरान निकट भविष्य में परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। वेंस ने कहा, 'साफ़ बात यह है कि हमें ईरान से एक साफ़ वादा चाहिए कि वे परमाणु हथियार नहीं बनाएंगे और न ही ऐसे उपकरण बनाएंगे जिनकी मदद से वे जल्दी परमाणु हथियार बना सकें। यही अमेरिकी राष्ट्रपति का मुख्य लक्ष्य है और हम इन्हीं बातों को लेकर बातचीत कर रहे थे।'

गेंद अब अमेरिका के पाले में- ईरान

ट्रंप के बयान से पलहे ईरान ने कहा था कि ईरान कोई जल्दबाजी नहीं कर रहा है और गेंद अब अमेरिका के पाले में है। ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने एक सूत्र के हवाले से बताया है कि ईरान ने वार्ता में कई प्रस्ताव रखे थे। रिपोर्ट में सूत्र के हवाले से कहा गया है, 'ईरान ने रियलिस्टिक तरीके से मुद्दों को देखने की जिम्मेदारी अब अमेरिका पर डाल दी है।' रिपोर्ट में सूत्र के हवाले से कहा गया है कि ईरान ने चेतावनी दी है कि होर्मुज़ स्ट्रेट तब तक नहीं खुलेगा जब तक अमेरिका कोई सही समझौता नहीं करता। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस की टिप्पणियों के बाद ईरानी मीडिया से कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच कुछ मुद्दों पर समझ बन गई है, लेकिन 2-3 अहम मुद्दों पर अभी भी राय अलग-अलग है। उन्होंने कहा, 'ये बातचीत 40 दिनों की जबरन थोपी जंग के बाद हुई थी। और ये बातचीत अविश्वास और शक के माहौल में हुई थी। इसलिए शुरुआत से ही यह उम्मीद करना स्वाभाविक नहीं था कि एक ही बैठक में सब कुछ तय हो जाएगा। किसी को भी ऐसी उम्मीद नहीं थी।'
बहरहाल, अमेरिका ने ब्लॉकेड की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ईरान की तरफ़ से ट्रंप के ताज़ा बयान पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। ट्रंप का यह बयान बेहद सख्त है और स्थिति को और गंभीर बना सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब नए चरण में पहुंच गया है।