डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का एक “बड़ा जंगी बेड़ा” ईरान की ओर बढ़ रहा है और वे ईरान पर नजर बनाए हुए हैं। क्या मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ेगा?
अमेरिका की तरफ़ से ईरान की ओर बड़ी नौसेना भेजी जा रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह नया चेतावनी भरा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि एक बहुत बड़ी ताकत ईरान की तरफ बढ़ रही है, लेकिन उम्मीद है कि इसका इस्तेमाल नहीं करना पड़ेगा।
अमेरिकी सेना की तरफ से मध्य पूर्व में बड़ी तैनाती हो रही है। खबरों के अनुसार, एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन और कई डिस्ट्रॉयर जहाज एशिया-प्रशांत इलाके से निकलकर मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहे हैं। ये जहाज पिछले हफ्ते से रवाना हुए हैं। इनमें लड़ाकू विमान और अन्य हथियार शामिल हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में ये इलाके में पहुंच जाएंगे। कुछ अतिरिक्त एयर डिफेंस सिस्टम भी भेजे जा सकते हैं।
विरोध-प्रदर्शनों से तनाव
ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'हमारा एक बड़ा जहाजों का समूह उस दिशा में जा रहा है। हम ईरान की तरफ एक बड़ी ताकत भेज रहे हैं। मैं नहीं चाहता कि कुछ भी हो, लेकिन हम उन्हें बहुत ध्यान से देख रहे हैं।'
यह सब ईरान में पिछले कुछ महीनों से चल रहे बड़े विरोध प्रदर्शनों के बीच हो रहा है। प्रदर्शन आर्थिक हालात ख़राब होने से शुरू हुए थे और पूरे देश में फैल गए। ईरान सरकार ने इनका सख्ती से दमन किया है। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, हजारों लोग मारे गए हैं।अमेरिकी दबाव से फाँसी की सजा रद्द हुई
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका के दबाव से ईरान ने सैकड़ों प्रदर्शनकारियों की फाँसी की योजना रद्द कर दी। उन्होंने कहा, 'मैंने गुरुवार को 837 फांसियों को रोका। वे सब मर जाते, हर एक को फांसी दी जाती।' ट्रंप ने कहा कि ज्यादातर युवा लड़के थे और उन्होंने ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर फांसी हुई तो बहुत भारी हमला होगा। उन्होंने कहा, 'यह आपके न्यूक्लियर प्रोग्राम पर हमले से भी ज्यादा बुरा होगा।' ट्रंप के मुताबिक, फांसी से ठीक एक घंटे पहले ईरान ने इसे रद्द कर दिया और कहा कि यह स्थगित नहीं, बल्कि पूरी तरह रद्द है।ट्रंप ने डावोस में एक इंटरव्यू में कहा था कि ईरान न्यूक्लियर प्रोग्राम फिर से शुरू नहीं कर सकता। अगर ऐसा हुआ तो फिर वही होगा जो पहले हुआ था। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी आईएईए ने कई महीनों से ईरान के उच्च संवर्धित यूरेनियम के स्टॉक की जांच नहीं की है।
4500 से ज्यादा मौतें हुईं
ईरान में विरोध प्रदर्शन दिसंबर के अंत में शुरू हुए थे। मानवाधिकार संगठन एचआरएएनए के अनुसार, अब तक 4500 से ज्यादा मौतें हुई हैं, जिनमें ज्यादातर प्रदर्शनकारी हैं। हजारों लोग अभी भी जांच के दायरे में हैं। ईरानी अधिकारियों ने 5000 से ज्यादा मौतों की पुष्टि की है, जिसमें सैकड़ों सुरक्षा कर्मी भी शामिल हैं। ईरान में इंटरनेट बंद कर दिया गया है और स्थिति बेहद तनावपूर्ण है।ट्रंप की टिप्पणियों के बाद ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर ने कहा कि उनकी उंगली ट्रिगर पर है। दोनों तरफ से तनाव बढ़ रहा है, लेकिन ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान चाहे तो वे बातचीत के लिए तैयार हैं। फिलहाल स्थिति नाजुक बनी हुई है और दुनिया की नजर इस पर टिकी है।