ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भारी दबाव के बीच सोमवार को इस्तीफा दे दिया। वह लेबर पार्टी के अंदर बढ़ते दबाव के आगे झुक गए। 63 साल के स्टार्मर 10 साल में पद छोड़ने वाले छठे ब्रिटिश प्रधानमंत्री बन गए हैं। पिछले एक दशक में तो प्रधानमंत्री का आधिकारिक घर 10 डाउनिंग स्ट्रीट में अस्थिरता अब आम बात बन गई है।

कीर स्टार्मर का यह इस्तीफा तब हुआ है जब उनके खिलाफ असंतोष काफ़ी ज़्यादा बढ़ रहा था। आर्थिक विकास के वादे पूरा करने, ख़राब सार्वजनिक सेवाओं को दुरुस्त करने और महंगाई को काबू करने में असफलता से उनकी लोकप्रियता तेजी से घटी। 100 से ज्यादा लेबर सांसदों यानी करीब एक चौथाई सांसदों ने सार्वजनिक रूप से स्टार्मर से इस्तीफा मांगा या समयसीमा तय करने को कहा था। और इस बीच एक सीट पर हुए संसदीय उपचुनाव में उनके प्रतिद्वंद्वी एंडी बर्नहम की जीत ने स्टार्मर को भारी दबाव में ला दिया। पिछले कई दिनों से माना जा रहा था कि स्टार्मर के सामने इस्तीफा देने के अलावा अब कोई रास्ता नहीं बचा था।
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इस बीच, कीर स्टार्मर ने सोमवार को इस्तीफे की घोषणा कर दी। वह अपनी पत्नी विक्टोरिया के साथ प्रधानमंत्री आवास 10 डाउनिंग स्ट्रीट से बाहर निकले। वहाँ लोगों ने उन्हें तालियां बजाकर विदाई दी। इसके बाद उन्होंने अपना इस्तीफा भाषण दिया।

स्टार्मर ने क्या कहा?

इस्तीफे को लेकर कीर स्टार्मर ने कहा, 'मैंने जो भी फ़ैसला लिया, वह देश को पहले रखकर लिया। इसलिए मैं इस्तीफा दे रहा हूँ।' उन्होंने दो साल पहले डाउनिंग स्ट्रीट में आने को अपने जीवन का सबसे गर्व का पल बताया। उन्होंने कहा कि वे राजनीति में इसलिए आए थे ताकि लाखों लोगों की ज़िंदगी बदल सकें।

स्टार्मर ने कहा कि उन्होंने सोमवार सुबह किंग चार्ल्स तृतीय से बात करके उन्हें इस फ़ैसले के बारे में बताया। उन्होंने कहा, 'मैंने आज सुबह महामहिम किंग से बात करके उन्हें अपने फ़ैसले के बारे में बताया। मैं लेबर नेशनल एग्जीक्यूटिव से कहूंगा कि वे सितंबर में संसद के अगले सत्र से पहले नया नेता चुनने की प्रक्रिया शुरू करें... मैं अपने उत्तराधिकारी को पूरा समर्थन दूंगा, यह जानते हुए कि उन्हें एक मज़बूत ब्रिटेन मिलेगा ताकि लेबर पार्टी को दूसरा कार्यकाल मिल सके। मैं अपने सभी सहयोगियों को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देना चाहता हूँ।' उन्होंने अपनी पत्नी विक्टोरिया और बच्चों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, 'देश का सबसे बड़ा पद छोड़ने के बाद मैं अब सबसे महत्वपूर्ण काम पर ज्यादा समय दूंगा- एक अच्छे पति और अच्छे पिता बनने का।'

अपनी उपलब्धियाँ गिनाईं

स्टार्मर ने अपनी सरकार के कामों का जिक्र करते हुए कहा, 'अर्थव्यवस्था मजबूत हुई, साथी देशों से तेजी से बढ़ रही है। महंगाई से ज्यादा तेजी से वेतन बढ़े। एनएचएस में इंतजार की लिस्ट कम हुई। कामगारों और किराएदारों के अधिकार बढ़ाए गए। रक्षा खर्च सबसे ज्यादा बढ़ाया (शीत युद्ध के बाद सबसे बड़ा)। छोटी नावों से आने वाले अवैध प्रवासियों की संख्या घटी। पांच लाख बच्चों को गरीबी से बाहर निकाला।'

स्टार्मर दावा कुछ भी करें, वे वादा की गई आर्थिक वृद्धि हासिल करने, खराब हो चुकी सार्वजनिक सेवाओं को ठीक करने और जीवन-यापन की लागत को कम करने में संघर्ष करते रहे हैं।

इस्तीफे के पीछे क्या कारण?

कई महीनों से स्टार्मर पर दबाव बन रहा था। उनकी सरकार पर आरोप था कि वह 2024 के चुनाव में महंगाई कम करने और जीवन स्तर सुधारना जैसे किए गए वादों को पूरा नहीं कर पाई। पार्टी के अंदर असंतोष बढ़ गया था। नीतियों में कई उलट-फेर हुए। हाल ही में लेबर पार्टी के नेता एंडी बर्नहम ने संसद में सीट जीतकर वापसी की। उनकी ताकत बढ़ने से स्टार्मर पर और दबाव पड़ा। 100 से ज्यादा लेबर सांसदों यानी करीब एक चौथाई सांसदों ने सार्वजनिक रूप से स्टार्मर से इस्तीफा मांगा या समयसीमा तय करने को कहा था।

बार-बार उनकी गलतियों से भी स्टार्मर की राह में मुश्किलें आईं। इनमें जेफ्री एपस्टीन के विवादित दोस्त पीटर मैंडेलसन को अमेरिका में यूके का राजदूत नियुक्त करने का उनका फ़ैसला भी शामिल है। लेबर पार्टी अपने लिबरल वोटर्स को बढ़ती हुई ग्रीन पार्टी के हाथों खो रही है और उसे 'रिफॉर्म यूके' से भी कड़ी चुनौती मिल रही है।

10 साल में छठा प्रधानमंत्री

स्टार्मर के इस्तीफे के साथ ब्रिटेन में अस्थिरता साफ दिख रही है। पिछले 10 साल में 6 प्रधानमंत्री बदल चुके हैं। इसकी शुरुआत डेविड कैमरन से हुई। कंजर्वेटिव पार्टी के नेता कैमरन 11 मई 2010 से 13 जुलाई 2016 तक प्रधानमंत्री रहे। उन्होंने 2016 में Brexit रेफरेंडम कराया, जिसमें ब्रिटेन के EU छोड़ने का फ़ैसला हुआ। रेफरेंडम के बाद कैमरन ने इस्तीफा दे दिया और 13 जुलाई 2016 को थेरेसा मे प्रधानमंत्री बनीं। पिछले दस सालों में इन प्रधानमंत्रियों ने इस्तीफ़े दिए
  • डेविड कैमरन (2016)
  • थेरेसा मे (2019)
  • बोरिस जॉनसन (2022)
  • लिज़ ट्रस (2022)
  • ऋषि सुनक (2024)
  • कीर स्टार्मर (2026?)
कहा जा रहा है कि यह करीब 200 साल में ब्रिटेन की सबसे ज्यादा अस्थिरता है। वोटरों में नाराजगी बढ़ रही है क्योंकि एक के बाद एक आईं सरकारें महंगाई, सार्वजनिक सेवाएं और अवैध प्रवास जैसे मुद्दों को हल नहीं कर पा रही हैं। 2016 के ब्रेग्जिट रेफरेंडम के बाद यह नया पीएम सातवाँ प्रधानमंत्री होगा।
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नया नेता कैसे चुना जाएगा?

स्टार्मर ने कहा कि वे लेबर पार्टी की संस्थाओं से नया नेता चुनने की प्रक्रिया शुरू करने को कहेंगे। नामांकन 9 जुलाई से शुरू होंगे। अगर चुनाव हुआ तो सितंबर तक नया लेबर नेता और प्रधानमंत्री चुना जा सकता है। उन्होंने स्वीकार किया कि अब उनके पास पार्टी के पर्याप्त सांसदों का समर्थन नहीं बचा है। उन्होंने कहा, 'पार्टी पूछ रही है कि क्या मैं अगले आम चुनाव (2029) के लिए सबसे अच्छा नेता हूँ। मैंने संसदीय दल का जवाब सुना और उसे शालीनता से स्वीकार करता हूँ।'

कीर स्टार्मर की सरकार सिर्फ दो साल चली। अब लेबर पार्टी नया चेहरा चुनने जा रही है। ब्रिटेन की राजनीति में यह बदलाव अगले कुछ हफ्तों में साफ़ हो जाएगा।