भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के उस मसौदा प्रस्ताव पर मतदान से परहेज किया, जिसका शीर्षक था ‘यूक्रेन में व्यापक, न्यायसंगत और स्थायी शांति को आगे बढ़ाना’। इसे यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगियों ने पेश किया था, जिसमें तनाव कम करने, शत्रुता को जल्द समाप्त करने और युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान का आह्वान किया गया था। हालांकि भारत यूक्रेन और रूस के बीच शांति का पक्षधर रहा है। भारत में तो एक बार यह तक प्रचार किया गया कि मोदी ने रूस-यूक्रेन युद्ध रुकवा दिया है। इस पर सोशल मीडिया पर मीम भी बने।
संयुक्त राष्ट्र में रूस के राजदूत वासिली नेबेंजिया ने अमेरिका के मूल प्रस्ताव को “सही दिशा में उठाया गया कदम” बताया। यह बयान रूस और अमेरिका के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में आए नाटकीय बदलावों के बीच दिया गया।