अमेरिका के मिडटर्म चुनाव 2026 में डेमोक्रेट्स ने नॉर्थ कैरोलाइना, जॉर्जिया और न्यू हैम्पशायर में अहम जीत दर्ज की है। रिपब्लिकन कई महत्वपूर्ण सीटों पर पीछे चल रहे हैं। अगर ट्रंप की पार्टी हारी तो क्या होगा, जानियेः
अमेरिका में 3 नवंबर को हुए मिडटर्म चुनावों की मतगणना जारी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के बीच में हुए इन चुनावों को अमेरिकी राजनीति की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण चुनाव माना जा रहा है। इन चुनावों में प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) की सभी 435 सीटों और सीनेट की 33 नियमित सीटों के लिए मतदान हुआ है। इसके अलावा कई राज्यों में गवर्नर और स्थानीय पदों के चुनाव भी हुए हैं।
मिडटर्म चुनावों का सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या रिपब्लिकन पार्टी कांग्रेस के दोनों सदनों में अपना नियंत्रण बरकरार रख पाएगी या डेमोक्रेटिक पार्टी प्रतिनिधि सभा अथवा सीनेट में बहुमत हासिल करके ट्रंप प्रशासन के सामने राजनीतिक चुनौती खड़ी करेगी। अमेरिकी चुनावों में मतदान समाप्त होने और नतीजों की आधिकारिक घोषणा के बीच अंतर होता है। कई राज्यों में डाक से आए मतपत्रों और अन्य शेष मतों की गिनती के कारण अंतिम परिणाम आने में समय लग सकता है।
केंटकी से रिपब्लिकन एंडी बार ने सीनेट चुनाव जीता
रिपब्लिकन उम्मीदवार एंडी बार ने मंगलवार को केंटकी से अमेरिकी सीनेट का चुनाव जीत लिया। उन्होंने डेमोक्रेटिक उम्मीदवार चार्ल्स बुकर को हराया। एसोसिएटेड प्रेस (AP) के मुताबिक, इस जीत के साथ उन्होंने लंबे समय तक रिपब्लिकन सीनेटर रहे मिच मैककोनेल की खाली होने वाली सीट पर कब्जा कर लिया है। एंडी बार अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में सात कार्यकाल तक रह चुके हैं। उन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन प्राप्त था। उन्होंने अपने चुनाव प्रचार में चार्ल्स बुकर को केंटकी के लिए अत्यधिक वामपंथी उम्मीदवार बताया था।कनेक्टिकट में डेमोक्रेट नेड लैमोंट फिर बने गवर्नर
डेमोक्रेटिक उम्मीदवार नेड लैमोंट ने कनेक्टिकट के गवर्नर पद का चुनाव जीत लिया है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार रयान फैजियो को हराकर लगातार तीसरी बार राज्य की कमान हासिल की। नेड लैमोंट पहले केबल कारोबार से जुड़े उद्यमी रहे हैं। उनके प्रतिद्वंद्वी रयान फैजियो राज्य सीनेट के सदस्य हैं और कनेक्टिकट के संपन्न गोल्ड कोस्ट इलाके के एक निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।
न्यू हैम्पशायर से डेमोक्रेट स्टेफनी शाहीन की जीत
डेमोक्रेटिक उम्मीदवार स्टेफनी शाहीन ने न्यू हैम्पशायर के पहले कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से चुनाव जीत लिया है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार एंथनी डिलोरेंजो को हराया। स्टेफनी अब डेमोक्रेटिक सांसद क्रिस पप्पास की जगह लेंगी, जो सीनेट चुनाव लड़ रहे हैं। पोर्ट्समाउथ सिटी काउंसिल की पूर्व सदस्य स्टेफनी ने अपने चुनाव प्रचार में स्वास्थ्य सेवाओं तक आम लोगों की पहुंच बढ़ाने को प्रमुख मुद्दा बनाया था। वह सेवानिवृत्त होने जा रहीं डेमोक्रेटिक सीनेटर जीन शाहीन की बेटी हैं। उनके प्रतिद्वंद्वी डिलोरेंजो पहली बार चुनाव लड़ रहे थे और उन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन प्राप्त था।जॉर्जिया में कीशा लांस बॉटम्स ने रचा इतिहास
डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कीशा लांस बॉटम्स ने जॉर्जिया के गवर्नर चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार रिक जैक्सन को हरा दिया है। इस जीत के साथ बॉटम्स जॉर्जिया की पहली ऐसी गवर्नर बन गई हैं, जो पहले अटलांटा की मेयर रह चुकी हैं। वह 1998 के बाद राज्य में गवर्नर बनने वाली पहली डेमोक्रेट भी हैं। कीशा लांस बॉटम्स इससे पहले राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन में भी काम कर चुकी हैं। उनके प्रतिद्वंद्वी रिक जैक्सन स्वास्थ्य क्षेत्र के बड़े कारोबारी हैं और उन्होंने अपने चुनाव अभियान में निजी संपत्ति का इस्तेमाल किया था।कोलोराडो से जॉन हिकेनलूपर फिर सीनेटर निर्वाचित
डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जॉन हिकेनलूपर ने कोलोराडो से अमेरिकी सीनेट का चुनाव जीतकर दूसरा कार्यकाल हासिल किया है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार मार्क बेस्ली को हराया। हिकेनलूपर पहले कोलोराडो के गवर्नर भी रह चुके हैं। वह अब सीनेट में राज्य का प्रतिनिधित्व जारी रखेंगे। उनके प्रतिद्वंद्वी मार्क बेस्ली राज्य सीनेट के सदस्य और राज्य प्रतिनिधि सभा के पूर्व सदस्य हैं।न्यू मैक्सिको से बेन लूजान फिर जीते
डेमोक्रेटिक सीनेटर बेन लूजान ने न्यू मैक्सिको से दोबारा चुनाव जीत लिया है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार लैरी ई. मार्कर को हराया।
लूजान पहली बार 2020 में सीनेट के लिए चुने गए थे। इससे पहले वह अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में पांच कार्यकाल तक रहे। उनके चुनाव अभियान में महंगाई और आम लोगों की लागत कम करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया गया था।
कोलोराडो में डेमोक्रेट फिल वाइजर गवर्नर निर्वाचित
डेमोक्रेटिक उम्मीदवार फिल वाइजर ने कोलोराडो के गवर्नर पद का चुनाव जीत लिया है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार विक्टर मार्क्स को हराया। फिल वाइजर फिलहाल राज्य के अटॉर्नी जनरल हैं। इससे पहले वह पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और बिल क्लिंटन के प्रशासन में काम कर चुके हैं। वह डेमोक्रेटिक गवर्नर जेरेड पोलिस की जगह लेंगे, जो कार्यकाल की सीमा के कारण दोबारा चुनाव नहीं लड़ सकते थे।
व्योमिंग से रिपब्लिकन हैरियट हेगेमैन सीनेट चुनाव जीतीं
रिपब्लिकन उम्मीदवार हैरियट हेगेमैन ने व्योमिंग से अमेरिकी सीनेट का चुनाव जीत लिया है। उन्होंने डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जेम्स बर्ड को हराया। हैरियट 2023 से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में व्योमिंग का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। वह रिपब्लिकन सीनेटर सिंथिया लूमिस की जगह लेंगी, जिन्होंने एक कार्यकाल के बाद सेवानिवृत्त होने का फैसला किया है। व्योमिंग में रिपब्लिकन मतदाताओं की संख्या डेमोक्रेटिक मतदाताओं से लगभग सात गुना अधिक है।
व्योमिंग में एरिक बार्लो रिपब्लिकन गवर्नर निर्वाचित
रिपब्लिकन उम्मीदवार एरिक बार्लो ने व्योमिंग के गवर्नर पद का चुनाव जीत लिया है। उन्होंने डेमोक्रेटिक उम्मीदवार केनेथ कैसनर को हराया। बार्लो राज्य सीनेट के सदस्य और व्योमिंग हाउस के पूर्व स्पीकर हैं। उन्हें रिपब्लिकन पार्टी का उम्मीदवार बनने में सफलता मिली, हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने किसी दूसरे उम्मीदवार का समर्थन किया था। वह मौजूदा रिपब्लिकन गवर्नर मार्क गॉर्डन की जगह लेंगे, जो कार्यकाल सीमा के कारण दोबारा चुनाव नहीं लड़ सकते थे।
न्यूयॉर्क में कैथी होचुल फिर बनीं गवर्नर
डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कैथी सी. होचुल ने न्यूयॉर्क के गवर्नर चुनाव में जीत हासिल कर दूसरा निर्वाचित कार्यकाल सुनिश्चित कर लिया है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार ब्रूस ब्लेकमैन को हराया। होचुल ने 2021 में तत्कालीन गवर्नर एंड्रयू कुओमो के इस्तीफे के बाद पद संभाला था। इससे पहले वह उनकी लेफ्टिनेंट गवर्नर थीं। 2022 में उन्होंने पहली बार पूर्ण कार्यकाल के लिए चुनाव जीता था। उनके प्रतिद्वंद्वी ब्रूस ब्लेकमैन नासाउ काउंटी के कार्यकारी अधिकारी हैं।
फ्लोरिडा में रिपब्लिकन बायरन डोनाल्ड्स गवर्नर निर्वाचित
रिपब्लिकन उम्मीदवार बायरन डोनाल्ड्स ने फ्लोरिडा के गवर्नर चुनाव में जीत हासिल की है। उन्होंने डेमोक्रेटिक उम्मीदवार डेविड जॉली को हराया। इस जीत के साथ डोनाल्ड्स फ्लोरिडा के पहले अश्वेत गवर्नर बनेंगे। वह मौजूदा रिपब्लिकन गवर्नर रॉन डीसैंटिस की जगह लेंगे, जो कार्यकाल सीमा के कारण दोबारा चुनाव नहीं लड़ सकते थे। डोनाल्ड्स 2021 से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के सदस्य हैं और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मजबूत समर्थक माने जाते हैं। फ्लोरिडा में 1994 के बाद से कोई डेमोक्रेटिक उम्मीदवार गवर्नर का चुनाव नहीं जीत पाया है।प्रतिनिधि सभा में भी कांटे की लड़ाई
अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों पर चुनाव हुआ है। बहुमत के लिए 218 सीटों की जरूरत है।
- चुनाव से पहले रिपब्लिकन पार्टी के पास बेहद मामूली बहुमत था। डेमोक्रेट्स को सदन पर नियंत्रण हासिल करने के लिए कम से कम तीन अतिरिक्त सीटों की बढ़त चाहिए थी।
- एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लोरिडा में रिपब्लिकन पार्टी को सीटें बढ़ाने की उम्मीद थी, लेकिन शुरुआती नतीजे उसके लिए अनुकूल नहीं दिखे। डेमोक्रेटिक सांसद जेरेड मॉस्कोविट्ज, डेबी वासरमैन शुल्त्स और कैथी कास्टर ने अपनी सीटें जीत लीं।
- हालांकि, प्रतिनिधि सभा में किस पार्टी को बहुमत मिलेगा, इसकी अंतिम तस्वीर अभी स्पष्ट नहीं हुई है। कैलिफोर्निया सहित कुछ राज्यों में डाक मतपत्रों की गिनती में अधिक समय लग सकता है।
गवर्नर चुनावों में भी डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों की जीत
अमेरिका के 36 राज्यों में गवर्नर पदों के लिए भी चुनाव हुए हैं। शुरुआती नतीजों में डेमोक्रेटिक पार्टी के कई मौजूदा गवर्नरों ने अपनी सीटें बरकरार रखी हैं। जिनमें पेंसिल्वेनिया में जोश शापिरो, इलिनॉय में जेबी प्रित्जकर, मैरीलैंड में वेस मूर और मैसाचुसेट्स में मौरा हीली शामिल हैं। इन सभी ने दोबारा चुनाव जीत लिया है। गवर्नर चुनावों के परिणाम भी रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टियों की राज्य स्तर पर राजनीतिक स्थिति को प्रभावित करेंगे।ट्रंप प्रशासन के खिलाफ जनता की नाराजगी कितनी बड़ी चुनौती?
इन चुनावों को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के पहले दो वर्षों के कामकाज पर जनता की राय के रूप में देखा जा रहा है।एसोसिएटेड प्रेस के मतदाता सर्वेक्षण के मुताबिक, लगभग तीन-चौथाई मतदाताओं ने देश की मौजूदा दिशा को लेकर नाराजगी या असंतोष जाहिर किया। लगभग तीन-चौथाई मतदाताओं ने अर्थव्यवस्था की स्थिति को खराब या बहुत खराब बताया। करीब 80 प्रतिशत मतदाताओं ने महंगाई के कारण अपने परिवारों पर गंभीर या मध्यम आर्थिक दबाव पड़ने की बात कही। मतदाताओं के सामने महंगाई, पेट्रोल की कीमतें, रोजमर्रा की जरूरतों का खर्च, स्वास्थ्य सेवाएं और सरकारी भ्रष्टाचार प्रमुख मुद्दे रहे। ईरान युद्ध और उससे जुड़ी ऊर्जा कीमतों का असर भी चुनावी बहस में दिखाई दिया।अगर डेमोक्रेट्स को बहुमत मिला तो ट्रंप के सामने क्या चुनौतियां होंगी?
मिडटर्म चुनाव के परिणामों का असर केवल कांग्रेस की सीटों तक सीमित नहीं रहेगा। इसका सीधा असर ट्रंप प्रशासन के अगले दो वर्षों के कामकाज पर पड़ सकता है।
1. प्रतिनिधि सभा में बहुमत: डेमोक्रेट्स को प्रतिनिधि सभा का नियंत्रण मिलने पर वे संसदीय समितियों की अध्यक्षता कर सकेंगे। इससे ट्रंप प्रशासन की नीतियों, सरकारी खर्च, आव्रजन कार्रवाई और दूसरे फैसलों की जांच-पड़ताल बढ़ सकती है।
2. सीनेट में बहुमत: अगर डेमोक्रेट्स सीनेट में भी बहुमत हासिल करते हैं तो राष्ट्रपति की ओर से नियुक्त किए जाने वाले न्यायाधीशों, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और अन्य महत्वपूर्ण पदों के नामांकन पर उनका प्रभाव बढ़ जाएगा।
3. महाभियोग की संभावना: प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेट्स को बहुमत मिलने पर महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने की राजनीतिक और संसदीय क्षमता उनके पास होगी। हालांकि राष्ट्रपति को पद से हटाने के लिए सीनेट में दो-तिहाई समर्थन जरूरी है।
4. ट्रंप की नीतियों पर अंकुश: कांग्रेस के किसी एक सदन पर भी विपक्ष का नियंत्रण होने से ट्रंप के विधायी एजेंडे, बजट और प्रशासनिक प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाना कठिन हो सकता है।हालांकि डेमोक्रेट्स को दोनों सदनों में बहुमत मिलने पर भी ट्रंप राष्ट्रपति बने रहेंगे। उनका कार्यकाल जनवरी 2029 तक है और राष्ट्रपति के पास कानूनों को वीटो करने का अधिकार रहेगा।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं ये चुनाव?
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के नतीजों का असर भारत-अमेरिका संबंधों पर भी पड़ सकता है।
- - व्यापार और टैरिफ: ट्रंप प्रशासन की भारत के साथ व्यापार नीति और आयात शुल्क से जुड़े फैसलों पर कांग्रेस की निगरानी बढ़ सकती है।
- - H-1B वीजा: अमेरिकी आव्रजन नीति और भारतीय पेशेवरों के लिए वीजा से जुड़े मुद्दे राजनीतिक बहस का हिस्सा बने रहेंगे।
- - भारत-अमेरिका संबंध: कांग्रेस में डेमोक्रेट्स की ताकत बढ़ने पर भारत से जुड़े व्यापार, विदेश नीति और रणनीतिक सहयोग के मुद्दों पर संसदीय बहस का स्वरूप बदल सकता है।
इन मुद्दों पर चुनाव का वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि दोनों सदनों में किस पार्टी को बहुमत मिलता है।