loader
फ़ाइल फोटो

नीतीश ने ललन सिंह के इस्तीफे की खबरों को किया खारिज

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जेडीयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और परिषद की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच चुके हैं। दिल्ली में यह 29 दिसंबर को होने जा रही है।
इससे पहले 28 दिसंबर की शाम जदयू के राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ उनकी बैठक होने वाली है। माना जा रहा है कि इसमें नीतीश कुमार वरिष्ठ पदाधिकारियों से आगामी लोकसभा चुनाव में पार्टी की रणनीति पर चर्चा करेंगे।
दिल्ली रवाना होने से पहले नीतीश कुमार ने पत्रकारों से बातचीत में ललन सिंह को जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटाने की खबरों को खारिज कर दिया है। गुरुवार को जब उनसे पूछा गया है कि, यह चर्चा है कि आप एनडीए में जा सकते हैं तो वह इस सवाल को टाल गए।
उन्होंने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की इस बैठक को रुटीन बैठक बताया है। कहा है कि हर वर्ष यह बैठक होती है और इस बार भी हमेशा की तरह होने जा रही है। दूसरी तरफ ललन सिंह ने गुरुवार को एक बार फिर अपने इस्तीफे की खबरों को खारिज किया है। 
उन्होंने पत्रकारों से कहा है कि भाजपा जो नैरेटिव सेट करती है उसे आपको फॉलो करना होता है। आप अपने मैनेजमेंट से बात कर लीजिए। जो नैरेटिव सेट करना हो सेट कर लीजिए। जेडीयू एक है और एक रहेगी। आप चाहे जितनी भी ताकत लगा लीजिए। यह राष्ट्रीय कार्यकारिणी और परिषद की बैठक है। 
ताज़ा ख़बरें

ललन सिंह के इस्तीफे की अटकलें तेज 

बिहार की राजनीति में इन दिनों नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन के इस्तीफे की चर्चा गर्म है। मंगलवार की दोपहर मीडिया में खबर आई थी कि उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। 
उनके इस्तीफे की अटकलें बीते कई दिनों से चल रही हैं ऐसे में इस खबर ने खूब चर्चा बटोरी थी। लेकिन कुछ ही देर बाद उसी दिन ललन सिंह ने अपने इस्तीफा देने की खबरों को बेबुनियाद बताया था। 
उन्होंने कहा है कि हमने कोई इस्तीफा नहीं दिया है।बिहार सरकार के कद्दावर मंत्री और नीतीश कुमार के काफी करीबी माने जाने वाले वरिष्ठ नेता विजय चौधरी ने भी ललन सिंह के इस्तीफे की बात का खंडन कर दिया था।
उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस खबर को ग़लत बताया था। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा था कि पार्टी में खाई तो दूर, खरोंच तक नहीं है।
जेडीयू की ओर से भी इस खबर का खंडन किया गया था ।पार्टी का दावा है कि ललन सिंह अपने पद पर बने हुए हैं और उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया है।
वहीं सामने आई जानकारी के मुताबिक जेडीयू राष्ट्रीय कार्यकारिणी एवं परिषद की दिल्ली में 29 दिसंबर को बैठक होने वाली है। इसमें उनके इस्तीफे या कार्यकाल विस्तार पर फैसला लिया जाएगा।
इस बैठक के बाद सामने आयेगा कि वह राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद अब इस्तीफा देंगे या फिर उन्हें एक और कार्यकाल दिया जाएगा।
21 जुलाई 2021 को इन्हें जेडीयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया था। जेडीयू में राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यकाल 2 वर्ष का होता है। ललन सिंह बतौर राष्ट्रीय अध्यक्ष अपना कार्यकाल पूरा कर चुके हैं।
सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
क़मर वहीद नक़वी
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

बिहार से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें