loader

सुशांत केस: नीतीश सरकार ने की सीबीआई जांच की सिफ़ारिश 

फ़िल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के मामले में बिहार सरकार ने मंगलवार को सीबीआई जांच की सिफ़ारिश कर दी है। इसे लेकर विवाद और बढ़ सकता है क्योंकि महाराष्ट्र सरकार इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने से मना कर चुकी है। 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने न्यूज चैनल आज तक से बातचीत में कहा, ‘बिहार के डीजीपी से बातचीत में सुशांत के पिता केके सिंह ने सीबीआई जांच कराने की बात कही है, इसके बाद इस मामले की सीबीआई जांच की सिफ़ारिश करने का फ़ैसला लिया गया है।’ नीतीश ने कहा, ‘हम इस बात को शुरू से ही कह रहे थे लेकिन हम तभी सिफ़ारिश कर सकते थे, जब सुशांत के पिता की ओर से इस बारे में सहमति मिल जाती।’ 

ताज़ा ख़बरें

सुशांत की आत्महत्या को डेढ़ महीने से ज़्यादा का वक्त हो चुका है। लेकिन इस मामले में मुंबई पुलिस को कोई ठोस सफलता हासिल नहीं हुई है। इसीलिए, इसकी सीबीआई जांच की मांग की जा रही थी। 

इससे पहले बिहार और महाराष्ट्र के बीच इस मामले में लड़ाई तब सड़क पर आ गई थी, जब जांच करने बिहार से मुंबई पहुंचे आईपीएस अफ़सर विनय तिवारी को रविवार को क्वारेंटीन कर दिया गया था। तिवारी को 15 अगस्त तक के लिए क्वारेंटीन किया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस पर नाराज हुए थे। 

विवाद बढ़ने के बाद मुंबई पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह ने पत्रकारों से कहा था, ‘बिहार पुलिस को इस मामले में जांच करने का कोई अधिकार नहीं है। हम इस मामले में क़ानूनी राय ले रहे हैं, हमने किसी को क्लीन चिट नहीं दी है लेकिन शिकायतकर्ता यानी सुशांत के पिता अब तक हमारे पास नहीं आए हैं।’ 

कमिश्नर ने कहा, ‘किसी भी अफ़सर को क्वारेंटीन करने में मुंबई पुलिस की कोई भूमिका नहीं है। यह बीएमसी ने किया है।’ 

दिशा की मौत से परेशान थे सुशांत 

कमिश्नर ने कहा, ‘सुशांत सिंह राजपूत अपनी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत से उनका नाम जोड़े जाने से बहुत परेशान थे। यह पता चला है कि सुशांत गूगल पर सर्च कर रहे थे कि दिशा की मौत को लेकर छपे आर्टिकल्स में उनके बारे में क्या लिखा जा रहा है। उन्होंने आत्महत्या वाली घटना से पहली रात को भी दो घंटे तक इस बारे में गूगल पर सर्च किया था। इसके अलावा उन्होंने पेनलैस डैथ, सिज़ोफ़्रेनिया और बाइपोलर डिसऑर्डर को भी सर्च किया था।’ 

दिशा ने सुशांत की मौत से 5 दिन पहले आत्महत्या कर ली थी। 

उन्होंने कहा, ‘रिया चक्रवर्ती ने 8 जून को सुशांत का घर छोड़ दिया था क्योंकि वह ख़ुद भी अवसाद में थीं। सुशांत की बहन ने अपने बयान में कहा है कि कि उनकी बेटी अकेली थी और उसके एग्जाम्स थे, इसलिए वह भी 13 जून को सुशांत के घर से चली गई थीं।’ 

कमिश्नर ने कहा, ‘रिया और सुशांत के रिश्ते को लेकर भी जांच की जा रही है। रिया का सुशांत के घर वालों के साथ कुछ विवाद था और हमने दो बार रिया का बयान दर्ज किया है।’ सुशांत राजपूत ने बीती 24 जून को बांद्रा स्थित अपने घर पर आत्महत्या कर ली थी। 

बिहार से और ख़बरें

बिहार बीजेपी ने बनाया था दबाव

बिहार सरकार में शामिल बीजेपी के दर्जनों विधायकों, मंत्रियों व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी, बीजेपी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल, सांसद अजय निषाद ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर इस मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की थी। 

इसके अलावा महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी इस मामले की जांच सीबीआई से कराने को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर दबाव बना रहे हैं। लेकिन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि राज्य की पुलिस सुशांत सिंह राजपूत के मामले की जांच करने में सक्षम है और केस को ट्रांसफर किया जाना, मुंबई पुलिस के लिए अपमानजनक होगा।

रिया के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज 

इस मामले में सुशांत के पिता ने महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक और मुख्यमंत्री को पत्र भी दिया था, जिसमें निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गयी थी। उन्होंने पटना में एक्ट्रेस और सुशांत की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करवाई थी। उन्होंने एक्ट्रेस पर सुशांत को आत्महत्या के लिए उकसाने, पैसों को ट्रांसफर करने समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं। 

'सत्य हिन्दी'
की ताक़त बनिए

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

बिहार से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें