आम आदमी पार्टी दिल्ली चुनाव तो जीत गई पर चुनौतियों का क्या होगा? पार्टी की धमाकेदार जीत पर कहा जा रहा है कि पार्टी के विकास मॉडल और मुफ़्त वाली योजनाओं पर लोगों ने वोट दिया है।
अब केजरीवाल और आप सरकार के सामने चुनौती बढ़ गई है। यह इसलिए कि 2015 के चुनाव में जिन योजनाओं की घोषणा की थी यानी जो योजनाएँ शुरू कर दी गई हैं उन्हें तो आगे बढ़ाना ही है, अब 2020 के चुनाव में भी आप ने कई घोषणाएँ कर दी हैं।
‘आप’ सरकार की ओर से 2015 में दिल्ली जनलोकपाल बिल पारित किया था और यह पिछले 4 सालों से केंद्र सरकार के पास लंबित है, इसे पारित करने के लिए संघर्ष करने का वादा किया गया है।
तो सवाल है कि आम आदमी पार्टी इन योजनाओं को लागू करने में ख़र्च कैसे वहन करगी, क्योंकि सरकार पहले से ही शिक्षा और स्वास्थ्य पर काफ़ी ज़्यादा ख़र्च कर रही है।