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बीजेपी सरकारों की सीरियल किलर है: केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शुक्रवार को कहा कि बीजेपी राज्य सरकारों को गिराने के लिए एक 'सीरियल किलर' की तरह काम कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने अपने ख़िलाफ़ दर्ज सीबीआई की एफ़आईआर को पूरी तरह से 'फर्जी और मनगढ़ंत' बताया।

सिसोदिया ने कहा, 'बीजेपी सीरियल किलर की तरह राज्य सरकारों को मारने में जितनी मेहनत लगाती है, उससे कम मेहनत में स्कूल, अस्पताल बन जाते हैं। दुनिया में जो केजरीवाल जी के काम की तारीफ़ हो रही है, वो इनसे सहन नहीं हो रहा है। बीजेपी की इतने राज्यों में सरकार है, आप भी अच्छा काम कर लेते।' सिसोदिया शुक्रवार को सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी द्वारा बुलाए गए दिल्ली विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में बोल रहे थे। आप और बीजेपी के बीच राजनीतिक तनातनी के बीच यह सत्र बुलाया गया था। 

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सिसोदिया की टिप्पणी के बाद अरविंद केजरीवाल ने भी बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, 'सीरियल किलर और इनका पैटर्न एक ही है। पहले ये सीबीआई-ईडी को पीछे छोड़ते हैं, जिन्होंने ग़लत किया होता है वो टूट कर बीजेपी में चले जाते हैं और ये सरकार गिरा देते हैं। इन्होंने दिल्ली में भी यही करना चाहा लेकिन हम क्यों डरें? हमने कुछ ग़लत किया ही नहीं। कर लो जो करना है।'

केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि दूसरे राज्यों में जैसे ही सरकार गिर गई, सीबीआई और ईडी का ख़तरा भी ग़ायब हो गया।

मुख्यमंत्री ने कहा, 'दिल्ली में वे उसी पैटर्न का पालन कर रहे हैं, पहले उन्होंने सीबीआई और ईडी को भेजा और नेताओं को यहाँ दिल्ली में सरकार गिराने की धमकी दे रहे हैं। दिल्ली के विधायकों के लिए दर 20 करोड़ रुपये है और महाराष्ट्र में 50 करोड़ रुपये। मुझे नहीं पता कि उन्होंने दिल्ली में कम पेशकश क्यों की...'।

उन्होंने आगे कहा, ' उन्होंने (बीजेपी ने) 277 विधायकों को खरीदने के लिए 5,500 करोड़ रुपये खर्च किए, अब उन्होंने दिल्ली के विधायकों को खरीदने के लिए 800 करोड़ रुपये रखे हुए हैं।'

दिल्ली के सीएम ने कहा,

ये गुजरात की वजह से हो रहा है। गुजरात में हमारा ग्राफ बढ़ता जा रहा है। गांव के गांव आम आदमी पार्टी के साथ जुड़ रहे हैं। लोग कहते थे गुजरात इनका गढ़ है। कोई गढ़ नहीं है। इनका क़िला ढह रहा है। अगर आज हम गुजरात चुनाव से हट जाएं तो सारी जांच बंद हो जाएगी।


अरविंद केजरीवाल, दिल्ली के मुख्यमंत्री

इससे पहले, केजरीवाल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना करते हुए डिप्टी सीएम सिसोदिया ने कहा, 'मैंने ऐसा प्रधानमंत्री कभी नहीं देखा जो इतना असुरक्षित हो। अरविंद केजरीवाल एक ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए कार्यों और योजनाओं की सराहना करते हैं और अन्य सरकारों द्वारा किए गए अच्छे कार्यों से सीखते हैं। जबकि प्रधानमंत्री हैं, जो दूसरों को काम नहीं करने दे रहे हैं, राज्य सरकारों को तबाह करने के लिए नेताओं के पीछे सीबीआई और ईडी भेजते हैं।'

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सिसोदिया बोले, 'मैंने एक पैसा भी भ्रष्टाचार नहीं किया है। केवल एक चीज जो मैंने की है, वह है दिल्ली में स्कूलों और शिक्षा प्रणाली का विकास। लेकिन वे इसे पचा नहीं पाए और मेरे पीछे सीबीआई और ईडी भेज रहे हैं। अगर अरविंद केजरीवाल पीएम होते और मैं विपक्ष में होता तो इस तरह के अच्छे काम करने के लिए मोदीजी के विपरीत, उन्होंने मुझे गले लगाया होता और मेरे काम की सराहना की होती। वह मेरे पीछे सीबीआई, ईडी नहीं भेजते। केजरीवाल और मोदी में यही फर्क है।'

सिसोदिया ने प्रधानमंत्री को 'छोटी सोच' वाले व्यक्ति के रूप में भी बताया और कहा कि वह 'दिल्ली सरकार को नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि दुनिया भर में इसकी प्रशंसा की जा रही है'।

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सीबीआई की छापेमारी और उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी का जिक्र करते हुए सिसोदिया ने कहा, 'कृष्ण जन्माष्टमी थी और मुझे न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित एक स्टोरी की तस्वीर के साथ एक संदेश मिला। मैं बस खुश हो रहा था और पांच मिनट के भीतर मुझे एक फोन आया कि सीबीआई आपके घर की तलाशी लेने वाली है और दिल्ली आबकारी नीति में आपके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।'

उन्होंने कहा, 'मैंने प्राथमिकी पढ़ी और यह पूरी तरह से फर्जी और मनगढ़ंत थी। मैं एक पत्रकार रहा हूं लेकिन सिर्फ 'सूत्रों' के आधार पर पूरी तरह से दर्ज की गई ऐसी प्राथमिकी कभी नहीं देखी... सूत्र ने यह कहा और सूत्रों ने कहा कि...। मैं इन एफआईआर और छापे से नहीं डरता... 1,000 और छापे मारो आपको कुछ नहीं मिलेगा… मैं यहां दिल्ली में शिक्षा और स्कूलों के विकास के लिए काम करने आया हूँ।' 

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