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दिल्ली: जैश-ए-मुहम्मद के दो आतंकी गिरफ़्तार, पूछताछ 

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद के दो आतंकियों को गिरफ़्तार किया है। पुलिस का कहना है कि ये आतंकी राष्ट्रीय राजधानी में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। अधिकारियों के द्वारा इनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि उसने इन आतंकियों की गिरफ़्तारी से दिल्ली को दहलाने की बड़ी साज़िश को नाकाम कर दिया है। 

पुलिस और जांच एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि दिल्ली में कौन-कौन लोग इनके संपर्क में थे और इनकी क्या योजना थी। 

‘इंडिया टुडे’ के मुताबिक़, दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने कहा है कि उन्होंने इन दोनों आतंकियों की गिरफ़्तारी के लिए सराय काले खां स्थित मिलेनियम पार्क में रात 10.15 बजे जाल बिछाया था। तभी ये दो संदिग्ध आतंकी आते दिखे। पुलिस का कहना है कि दोनों जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं और इन्हें 2 सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और 10 जिंदा कारतूसों के साथ पकड़ा गया है। 

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एक आतंकी की पहचान अब्दुल लतीफ निवासी पाला मोहल्ला, बारामुला के रूप में जबकि दूसरे की पहचान मुहम्मद अशरफ़ खटाना निवासी हाट मुल्ला गांव, कुपवाड़ा के रूप में हुई है। अब्दुल की उम्र 22 साल जबकि अशरफ़ की उम्र 20 साल बताई गई है। 

बंगाल, केरल में दबिश

सितंबर में एनआईए ने देश में कई जगहों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी और कुख़्यात आतंकी संगठन अल-क़ायदा के 9 आतंकियों को धर दबोचा था। एनआईए ने यह छापेमारी बंगाल के मुर्शिदाबाद और केरल के एर्नाकुलम में की थी। 

एनआईए ने कहा था, ‘इस बारे में पता चला था कि बंगाल और केरल में कई जगहों पर अल-क़ायदा के इंटर स्टेट मॉड्यूल के लोग सक्रिय हैं। ये लोग भारत में कई अहम जगहों पर आतंकी हमले की योजना बना रहे थे और इनकी कोशिश मासूम लोगों को मौत के घाट उतारकर उनके दिलों में ख़ौफ़ पैदा करने की थी।’ 

क्या मुसलिमों में रैडिकलाइजेशन बढ़ रहा है। देखिए, वीडियो- 

अल-क़ायदा ने रैडिकलाइज किया 

जांच एजेंसी ने कहा था कि इनके पास से कई डिजिटल उपकरण, डॉक्यूमेंट्स, जिहाद से जुड़ी लिखित सामग्री, धारदार हथियार, घर पर हथियार बनाने से संबंधित लेख व कई अन्य चीजें भी बरामद की गई हैं। एजेंसी ने कहा था कि इन सभी लोगों को पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठन अल-क़ायदा द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से रैडिकलाइज किया गया था और इन्हें दिल्ली-एनसीआर सहित कई जगहों पर हमले करने के लिए प्रेरित किया गया था।

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आईएस आतंकी पकड़ा 

इस साल अगस्त महीने में आतंकी संगठन इसलामिक स्टेट के एक आतंकी को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने धौला कुआं इलाक़े से गिरफ़्तार किया था। पुलिस ने कहा था कि इस आतंकी ने दिल्ली में कई जगहों की रेकी की थी और कई बड़े लोग इसके निशाने पर थे। अबू युसूफ़ नाम का यह आतंकी उत्तर प्रदेश के बलरामपुर का रहने वाला था। पुलिस का कहना है कि इस आतंकी की दिल्ली में बड़े हमले को अंजाम देने की योजना थी। 

आईएस से जुड़े 10 लोगों की गिरफ़्तारी

दिसंबर, 2018 में एनआईए ने इसलामिक स्टेट से जुड़े एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था और 10 लोगों को हिरासत में लिया था। एनआईए का कहना था कि हिरासत में लिए गए लोग उत्तर भारत और ख़ास कर दिल्ली में विस्फोट करने की योजना पर काम कर रहे थे। एनआईए ने कहा था कि ये लोग हरकत-उल-हर्ब-ए-इसलाम मॉड्यूल से जुड़े हुए थे। 

 

भारत में पैर पसार रहा आईएस

आतंकी संगठन आईएस भारत में तेज़ी से अपने पैर पसार रहा है। आईएस तमिलनाडु और कर्नाटक में तेज़ी से उभर रहा है और देश के लिए बहुत बड़ा ख़तरा बन सकता है। आईएस का मक़सद सिर्फ छिटपुट आतंकवादी वारदातों तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि वह भारत में इसलामिक शरिया से चलने वाले ख़िलाफ़त राज्य की स्थापना करना चाहता है और उसने इसके लिए अल हिंद नामक संगठन बनाया है। 

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