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दिल्ली पुलिस का आंदोलन ख़त्म, वकीलों का जारी, आज निचली अदालतों का बहिष्कार 

दिल्ली पुलिस के जवानों ने अपनी सभी माँगे मान लिए जाने के बाद मंगलवार की रात 10 घंटे चला धरना ख़त्म कर दिया। लेकिन वकीलों का आन्दोलन जारी है। बुधवार को दिल्ली की निचली अदालतों के वकील कामकाज का बहिष्कार करेंगे। इसके साथ ही सबकी निगाहें दिल्ली हाई कोर्ट पर टिकी हैं। इसके पहले के आदेश की समीक्षा की याचिका दायर की जा सकती है। 
दिल्ली के सभी बार एसोसिएशन की संयोजन समिति के अध्यक्ष महावीर शर्मा और महासचिव धीर सिंह कसाना ने वकीलों से कहा है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से ही आन्दोलन करें। वे मुवक्किलों को अदालत तक पहुँचने से न रोकें। 
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'आन्दोलन जारी रहेगा'

एनडीटीवी के अनुसार, महावीर शर्मा ने  ज़ोर देकर कहा है कि तब तक वकीलों का आन्दोलन तब तक जारी रहेगा जब तक दोषी पुलिस अफ़सरों को गिरफ़्तार नहीं किया जाता है। 

न्याय मिलने तक हड़ताल जारी रहेगी। मुवक्किलों को अदालत तक जाने दिया जाएगा, पर कोई वकील अदालत में पेश नहीं होगा। अदालत में पुलिस की मौजूदगी से हमें कोई समस्या नहीं है। पर हम सोमवार को साकेत अदालत में पुलिस वालों पर वकीलों के कथित हमले की निष्पक्ष जाँच चाहते हैं।


महावीर शर्मा, अध्यक्ष, दिल्ली के सभी बार एसोसिएशन की संयोजन समिति

उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली पुलिस एक अनुशासित बल है, इसके बावजूद उन्होंने मंगलवार को इतना बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। यह असली दोषियों से लोगों का ध्यान बंटाने और अपने वरिष्ठों को बचाने के लिए किया गया। 
बता दें कि शनिवार को तीस हज़ारी कोर्ट परिसर के बाहर गाड़ी पार्क करने के मुद्दे पर वकीलों और पुलिस वालों में झड़प हो गई। पुलिस की एक गाड़ी में आग लगा दी गई और 20 दूसरी गाड़ियों को नुक़सान पहुँचाया गया। इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने दो पुलिस जवानों को निलंबित कर दिया और न्यायिक जाँच का आदेश दे दिया। 

हाई कोर्ट का नोटिस

दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को पुलिस वालों के विरोध प्रदर्शन का स्वत: संज्ञान लेते हुए बार कौंसिल ऑफ़ इंडिया और दिल्ली बार एसोसिएशन को नोटिस जारी कर दिया है।
बार कौंसिल ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्र ने एक चिट्ठी लिख कर कहा कि वकीलों के बीच मौजूद कुछ 'गुंडा तत्वों' की वजह से पूरे संसथान की छवि खराब हो रही है। उन्होंने कहा कि वकीलों के संघों के द्वारा ऐसे लोगो को बर्दाश्त करते रहने से अंत में 'हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट की अवमानना' का सामना करना पड़ सकता है। 

पुलिस वालों का आन्दोलन ख़त्म

कई घंटों के धरने के बाद दिल्ली पुलिस के लोगों ने बुधवार रात आन्दोलन ख़त्म कर दिया। उनकी सभी माँगें मान ली गई हैं। उन्हें यूनियन बनाने का हक़ भी मिल गया। संयुक्त कमिश्नर ने बाहर आकर एलान किया कि प्रशासन ने आन्दोलनकारियों की तमाम माँगें मान ली हैं। वकीलों के साथ झड़प और मारपीट के ख़िलाफ़ दिल्ली पुलिस के जवान सड़कों पर उतर आए थे और दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए थे। सैकड़ों की तादाद में पुलिस कर्मियों और उनके परिजनों ने दिल्ली के इंडिया गेट और दिल्ली पुलिस के मुख्यालय पर धरना दिया था।
विशेष पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा ने कहा था कि मामले की जाँच से जुड़े दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश की समीक्षा के लिए एक याचिका बुधवार को दायर की जाएगी। मुमकिन है कि अदालत इस पर भी विचार करे। 
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