इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर वह आज (24 जून) कोई आदेश पारित करता है, तो वह इस मुद्दे पर पहले ही निर्णय लेने जैसा हो जाएगा। वो किसी अधीनस्थ अदालत का फैसला नहीं है, वो हाईकोर्ट का आदेश है।'' इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार तक के लिए सुनवाई टाल दी।