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बलात्कार के आरोप में जेल में थे गोपाल कांडा, बीजेपी ने लिया उनका समर्थन

'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का नारा देने वाली भारतीय जनता पार्टी ने हरियाणा में सरकार बनाने के लिए उस विधायक का समर्थन लिया है, जिस पर बलात्कार और दूसरे कई तरह के आरोप लगे थे और वह जेल में बंद थे। बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने उन गोपाल कांडा से मुलाक़ात की है, जिन पर एअर होस्टेस गीतिका शर्मा ने अपने सुसाइड नोट में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। बाद में उस एअर होस्टेस की माँ ने भी ख़ुदकुशी कर ली थी और उन्होंने भी अपने सुसाइड नोट में इसी गोपाल कांडा का नाम लिया था। 'अलग चाल, चरित्र और चेहरा' की बात करने वाली बीजेपी उसी गोपाल कांडा के समर्थन से हरियाणा में सरकार बनाने में जुटी है।
नब्बे विधानसभा सीटों वाली हरियाणा विधानसभा में बहुमत के लिए 46 सीटों की ज़रूरत है, लेकिन सत्तारूढ़ बीजेपी को इस बार सिर्फ़ 40 सीटें ही मिली हैं। लिहाज़ा, उसे  दोबारा सरकार बनाने के लिए 6 और विधायकों की ज़रूरत है।
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हरियाणा के सिरसा से बीजेपी सांसद सुनीता दुग्गल गुरुवार देर शाम गोपाल कांडा को लेकर दिल्ली रवाना हुई थीं।
समाचार एजेंसी एएनआई ने ख़बर दी है कि उन्होंने बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जे. पी नड्डा. के दिल्ली स्थित घर पर उनसे मुलाक़ात की है। 

कौन हैं गोपाल कांडा?

गोपाल कांडा 2012 में तब सुर्खियों में छा गए थे जब उनकी हवाई कंपनी एमडीएलआर एअरलाइन्स की एअर होस्टेस गीतिका शर्मा ने ख़ुदकुशी कर ली थी। गीतिका ने अपने सुसाइड नोट में कांडा पर बलात्कार, यौन शोषण और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। 

क्या था मामला?

गीतिका ने 5 अगस्त 2012 को ख़ुदकुशी की थी। उनका शव अशोक विहार स्थित घर पर पंखे से लटका हुआ पाया गया था। सुसाइड नोट में गीतिका ने कथित रूप से गोपाल कांडा और उनके सहयोगी अरुणा चड्ढा का नाम लिया था। 

हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा के ख़िलाफ़ अदालत ने ग़ैर-ज़मानती वारंट जारी किया था और सह-अभियुक्त अरुणा चड्ढा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

कांडा ने खुद पर लगे आरोपों को ग़लत बताया था और वह लगभग 10 दिन तक अंडरग्राउंड रहे थे। इसके बाद उन्होंने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। 
गोपाल कांडा पर बलात्कार, आत्महत्या के लिए उकसाने, आपराधिक साज़िश रचने जैसे तमाम आरोप लगे थे।

दूसरी ख़ुदकुशी में भी नाम

गीतिका शर्मा की आत्महत्या के छह महीने बाद उनकी माँ ने भी आत्महत्या कर ली थी और उन्होंने भी अपने सुसाइड नोट में कथित तौर पर कांडा का नाम लिया था।
गोपाल कांडा को लगभग 18 महीने जेल में रहना पड़ा था। बाद में मार्च 2014 में दिल्ली हाईकोर्ट ने उन पर लगे बलात्कार के आरोप हटा लिए थे और उन्हें ज़मानत दे दी थी।
ज़मानत पर बाहर आने के बाद साल 2014 में ही गोपाल कांडा ने अपने भाई के साथ मिलकर हरियाणा लोकहित पार्टी का गठन किया और  विधानसभा चुनाव भी लड़ा था।

बीजेपी ने किया था विरोध प्रदर्शन

हरियाणा बीजेपी ने कांडा कांड को मुद्दा बनाया था और उसने सिरसा और दूसरी जगहों पर आन्दोलन चलाया था। इंडियन यूथ कांग्रेस के सोशल मीडिया इंचार्ज वैभव वालिया ने यह ट्वीट किया है।
दिलचस्प बात यह है कि आज जो कांग्रेस गोपाल कांडा की वजह से बीजेपी की आलोचना कर रही है, उसने भी कांडा का समर्थन लिया था। सरकार बनाने के लिए कांग्रेस नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने गोपाल कांडा का समर्थन लिया था। कांडा को हरियाणा का गृह राज्य मंत्री बनाया गया था।
बाद में उन्हें शहरी निकाय, वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री भी बनाया गया। जिस समय गीतिका शर्मा ख़ुदकुशी का मामला उछला था, गोपाल कांडा भूपिंदर सिंह सरकार में ही मंत्री थे। 
गोपाल कांडा कांग्रेस सरकार में मंत्री थे, बीजेपी ने उनके ख़िलाफ़ आन्दोलन चलाया था, आज वही बीजेपी उनका समर्थन ले रही है। जिस कांग्रेस की सरकार में मंत्री थे, आज वही कांग्रेस उनका विरोध कर सकती है। 
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क़मर वहीद नक़वी
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