हरियाणा: एक दिल दहला देने वाली घटना में, हरियाणा के पंचकूला में देहरादून के एक परिवार के सात लोगों ने कथित तौर पर भारी कर्ज के कारण आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार, परिवार ने लगभग 20 करोड़ रुपये के कर्ज के बोझ तले जहर खाकर अपनी जान दी। मृतकों में प्रवीण मित्तल, उनकी पत्नी, माता-पिता और तीन बच्चे शामिल हैं। यह घटना सोमवार को उस समय सामने आई जब पंचकूला के सेक्टर 20 में एक कार के अंदर सात लोगों के शव मिले।

पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, परिवार ने आर्थिक तंगी और कर्ज के दबाव के कारण यह आत्मघाती कदम उठाया। घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें परिवार ने अपने कर्ज और आर्थिक परेशानियों का जिक्र किया है। सुसाइड नोट में लिखा है कि परिवार कर्ज के बोझ से उबर नहीं पा रहा था और इस स्थिति से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा था।

पुलिस ने बताया कि प्रवीण मित्तल देहरादून के एक व्यवसायी थे, और उनके परिवार ने हाल के वर्षों में भारी आर्थिक नुकसान उठाया था। कर्जदाताओं के दबाव और वित्तीय संकट ने परिवार को इस हद तक ले गया कि उन्होंने सामूहिक आत्महत्या का फैसला किया। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

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स्थानीय पुलिस अधिकारी ने बताया, "हमें घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें परिवार ने अपने कर्ज और आर्थिक दबाव का उल्लेख किया है। हम सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं, और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि परिवार इस स्थिति तक कैसे पहुंचा।"


प्रत्यक्षदर्शी पुनीत राणा ने बताया कि "मेरे घर के पास एक गाड़ी खड़ी थी जिस पर टावर लगे हुए थे... जब हमने अंदर देखा तो हमने देखा कि कुछ लोग कार के अंदर लेटे हुए थे। हमने उनसे पूछा कि वे वहाँ क्यों लेटे हुए हैं, तो उन्होंने कहा कि उन्हें कोई होटल नहीं मिल रहा है। मैंने उनसे कहा कि वे कार को वहाँ से हटा दें... फिर मैंने अपना टॉर्च और फ़ोन चालू किया और देखा कि सभी ने एक-दूसरे पर उल्टी कर दी थी...।"

मृतक के चचेरे भाई का कहना है, "मुझे समझ नहीं आ रहा कि उसने यह कदम क्यों उठाया। पुलिस ने बताया कि उन्हें उसके वाहन में एक सुसाइड नोट मिला है...।" इस मामले में पारिवारिक कलह की बात भी सामने आई है। प्रवीण के ससुर ने पत्रकारों से कहा कि मेरी बेटी बहुत दबाव में रहती थी।

इस घटना ने समाज में बढ़ते वित्तीय दबाव और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों की गंभीरता को उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में परिवारों को समय पर सहायता और परामर्श की जरूरत होती है ताकि इस तरह की त्रासदियों को रोका जा सके।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर कोई आर्थिक या मानसिक संकट में है, तो वे आत्महत्या जैसे कदम उठाने से पहले विशेषज्ञों से सलाह लें। इस मामले में जांच जारी है, और पुलिस जल्द ही और जानकारी साझा करने की उम्मीद कर रही है।