भारत–EU FTA से पहले यूरोपीय संघ प्रमुख ने कहा कि एक सफल भारत वैश्विक स्थिरता के लिए ज़रूरी है। इस बयान के रणनीतिक और आर्थिक मायने क्या हैं?
राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी के साथ उर्सुला वॉन डेर लेयेन।
यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोमवार को कहा कि एक सफल भारत दुनिया को ज्यादा स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित बनाता है। यह बात उन्होंने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के दौरान कही। यह बयान ऐसे में समय आया है जब भारत और ईयू के बीच एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता यानी एफटीए होने को है।
उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने सोमवार सुबह नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पारंपरिक बग्गी में कोस्टा और वॉन डेर लेयेन के साथ सवार होकर सलामी ली।
वॉन डेर लेयेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'यह मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा सम्मान है कि मैं गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनी। एक सफल भारत दुनिया को ज्यादा स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित बनाता है। और हम सबको इसका फायदा मिलता है।'
ईयू के उपाध्यक्ष और विदेश नीति प्रमुख काया कलास भी इस कार्यक्रम में शामिल हुईं। उन्होंने कहा, "भारत के साथ करीब आने का बेहद अच्छा मौका है और हम इसे हाथ से जाने नहीं देंगे। आज नई दिल्ली में होना खुशी की बात है। हमारे ईयू नौसैनिक अभियान 'अटलांटा' और 'एस्पाइड्स' के जवान पहली बार परेड में शामिल हुए, जो हमारे गहरे रिश्ते का प्रतीक है। कल के शिखर सम्मेलन में हम भारत-ईयू सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर करेंगे। इससे समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी क्षेत्र में ठोस नतीजे मिलेंगे।"
भारत-ईयू शिखर सम्मेलन और व्यापार समझौता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईयू नेताओं के बीच मंगलवार को भारत-ईयू शिखर सम्मेलन होगा। इसमें भारत और ईयू के बीच लंबे समय से चल रही मुक्त व्यापार समझौते यानी एफटीए की बातचीत को पूरा घोषित किया जाएगा। इस समझौते को 'मदर ऑफ ऑल डील्स' कहा जा रहा है।
भारत और ईयू के बीच व्यापार बहुत बड़ा है। 2023-24 में दोनों के बीच माल का व्यापार 135 अरब डॉलर तक पहुंच गया। ईयू भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। यह समझौता व्यापार को और बढ़ाएगा। साथ ही, यह जैसे निवेश, तकनीक, हरित ऊर्जा जैसे कई क्षेत्रों में रिश्तों को मज़बूत करेगा।
दुनिया में अमेरिका की टैरिफ नीतियों से व्यापार बाधित हो रहा है। ऐसे में भारत और ईयू एक-दूसरे के करीब आ रहे हैं। यह समझौता दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद होगा।
कारों पर टैरिफ में बड़ी कटौती
समझौते की खास बात यह है कि भारत ईयू से आने वाली कारों पर आयात शुल्क को बहुत कम करेगा। अभी कारों पर शुल्क 110% तक है। समझौते के तहत इसे तुरंत 40% कर दिया जाएगा। 16.3 लाख रुपये से ज़्यादा क़ीमत वाली कुछ महंगी कारों पर शुल्क तुरंत कम होगा और समय के साथ यह 10% तक पहुंच सकता है। इससे ईयू की कारें भारत में सस्ती हो सकती हैं।
भारत-ईयू एफटीए की बातचीत 2007 में शुरू हुई थी, लेकिन 2013 में रुक गई। जून 2022 में इसे फिर शुरू किया गया। अब यह अंतिम चरण में है।
वॉन डेर लेयेन का बयान दिखाता है कि ईयू भारत को बहुत महत्व देता है। भारत की सफलता से पूरी दुनिया को फायदा होगा। यह समझौता न सिर्फ व्यापार बढ़ाएगा, बल्कि सुरक्षा, रक्षा और अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग को नई ऊंचाई देगा। यह भारत के लिए एक बड़ा मौका है कि वह दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक के साथ मजबूत साझेदारी बनाए।