आम आदमी पार्टी अपने सबसे बड़े संगठनात्मक संकट का सामना कर रही है। राघव चड्ढा सुर्खियों में हैं, लेकिन पंजाब चुनावों से पहले पार्टी के लिए सबसे बड़ा खतरा रणनीतिकार संदीप पाठक का जाना है। आप सांसद कंग ने नेतृत्व की विफलता स्वीकार की।
सांसद संदीप पाठक के जाने से आप ज्यादा चिंतित
आम आदमी पार्टी (AAP) इस समय अपने सबसे बड़े संगठनात्मक संकट से गुजर रही है। राज्यसभा के सात AAP सदस्यों ने पार्टी छोड़कर BJP में विलय की घोषणा कर दी। इन सात सांसदों में सबसे चर्चित नाम राघव चड्ढा का है, लेकिन राजनीतिक विशेषज्ञों और पार्टी के भीतर से जो आवाज आ रही है, वह कह रही है कि असली खतरा कहीं और से है। आप के एक सांसद ने पार्टी नेतृत्व की विफलता स्वीकार की है। कुछ घटनाक्रम पंजाब को लेकर भी चल रहे हैं, जिसमें भगवंत मान की सरकार को खतरा बताया जा रहा है।
आप के लिए संदीप पाठक का जाना बड़ा झटका
आम आदमी पार्टी को ग्लैमरस राघव चड्ढा से ज्यादा रणनीतिकार संदीप पाठक की विदाई की चिंता सता रही है। चड्ढा बीजेपी की मेज पर सिर्फ चकाचौंध लेकर आए हैं, लेकिन पाठक अपने साथ आप की पूरी संगठनात्मक रणनीति लेकर गए हैं। पंजाब के असली रणनीतिकार संदीप पाठक ही थे।
बीजेपी के लिए पाठक बेशकीमती
बीजेपी के लिए पाठक "अधिक मूल्यवान" इंपोर्ट हैं। क्योंकि पंजाब में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। यही पाठक थे जिन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी संगठन को शून्य से खड़ा किया था। वे जानते हैं कि यह संगठन किन खंभों पर टिका है, और अब उन्हीं खंभों को हिलाने के लिए बीजेपी उनका इस्तेमाल करेगी।
विधायकों को लेकर घबराहट नहीं
चड्ढा के इस दावे से कि उन्हें 63 में से एक बड़े हिस्से के विधायकों का समर्थन प्राप्त है, पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में कोई घबराहट नहीं है। पार्टी नेताओं का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर दलबदल की संभावना बेहद कम है। उल्टे, चड्ढा के इस दावे से विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों में स्वतंत्र रूप से काम करने का मौका मिल सकता है।
AAP सांसद कंग का बड़ा बयान: "पाठक से सालभर तक किसी ने संपर्क नहीं किया"
आप के आनंदपुर साहिब सांसद मलविंदर सिंह कंग ने पंजाबी मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में शनिवार को कहा कि AAP को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना होगा और एक ऐसे लोकतांत्रिक संगठन की तरह काम करना होगा जहाँ सभी की बराबरी से सुनी जाए। उनके अनुसार, इससे ही दलबदल रोके जा सकते हैं।
कंग ने कहा कि संदीप पाठक ने कभी पार्टी नहीं छोड़ी होती, यदि पार्टी नेतृत्व उनके संपर्क में रहता। पार्टी में एक साल तक कोई भी उनके संपर्क में नहीं था। उन्होंने राघव चड्ढा पर निरंकुश सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि पावर का बंटवारा होना चाहिए, न कि यह कुछ हाथों में केंद्रित हो।
कंग ने यह भी कहा कि दलबदल का पंजाब के चुनावों पर खास असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि दलबदल करने वाले कभी जनता द्वारा चुने नहीं गए और राजनीतिक रूप से महत्वहीन हैं, लेकिन AAP नेतृत्व को सतर्क रहना होगा।
जब उनसे उनके अपने राजनीतिक रुख के बारे में पूछा गया, तो कंग ने कहा, "मैं पंजाब के पक्ष में हूँ और हमेशा पंजाब की राजनीति का हिस्सा रहूँगा। BJP अपनी एजेंसियों और सभी हथकंडों का इस्तेमाल कर विपक्षी पार्टियों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को तोड़ती है।"
पंजाब में हलचल, भगवंत मान ने अपने मंत्री को दिल्ली भेजा
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने दिल्ली में आप पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया से मुलाकात की। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उन्हें इस कदम के शुरुआती प्रभाव का आकलन करने और आगे की कार्रवाई को लेकर तालमेल करने की जिम्मेदारी सौंपी है। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने शनिवार को कहा कि राघव चड्ढा और अन्य दलबदलू पंजाब में मुँह दिखाने लायक नहीं रहेंगे। उन्होंने कहा वे गद्दार हैं।
पंजाब AAP सरकार के खतरे में होने के सवाल पर मंत्री ने कहा, "चंद लोगों के जाने से पार्टी नहीं बनती। पंजाब में हमारी सरकार सुरक्षित है, हम सब एकजुट हैं।"
उन्होंने इस दलबदल को BJP की "कॉपीबुक योजना" बताया और कहा कि यह ठीक उसी तरह है जैसे BJP ने अतीत में शिवसेना, NCP और अन्य पार्टियों के साथ किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि दलबदल करने वाले राज्यसभा सांसदों में से एक अशोक मित्तल के खिलाफ ED की छापेमारी तब तक चलती रही, जब तक उन्होंने दस्तखत नहीं कर दिए। यह BJP का काम करने का तरीका है- दबाव और डर की।
उन्होंने यह भी कहा कि BJP का पंजाब में कोई आधार नहीं है, इसीलिए उन्होंने "ऑपरेशन लोटस" चलाकर यह दलबदल कराया। पंजाब जानता है कि गद्दारों को कैसे सबक सिखाया जाए।
BJP का हमला "केजरीवाल हैं दिल्ली के रहमान डकैत" शीशमहल-2 की तस्वीरें जारी
दिल्ली मंत्री और BJP नेता परवेश साहिब सिंह ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नए टाइप-VII सरकारी बंगले को "शीशमहल पार्ट-2" बताया। परवेश साहिब सिंह वर्मा ने कहा, "जो दिल्ली के लोगों से गद्दारी करके आया, अन्ना हजारे के नाम पर सत्ता में आया, बाबासाहेब आंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीरें दिखाईं, जिसने कहा कि सरकारी घर और गाड़ी नहीं लूँगा- वही दिल्ली का रहमान डकैत है। आज हम आपको शीशमहल पार्ट-2 दिखाएंगे।" उन्होंने आरोप लगाया कि शीशमहल तब बनाया गया जब दिल्ली की जनता COVID से पीड़ित थी, और 70 करोड़ रुपये का विस्तार भी हो रहा था। हालांकि ये तस्वीरें आप ने फर्जी बताई है।
मनीष सिसोदिया की केजरीवाल से आधी रात को मुलाकातः AAP के दो-तिहाई राज्यसभा सांसदों के BJP में शामिल होने के बाद पार्टी नई रणनीति बनाने में जुट गई है। देर रात गुजरात से लौटे वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने राजकोट में प्रचार करने के बाद सीधे हवाईअड्डे से पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल के आवास पर जाकर आधे घंटे से अधिक समय तक बातचीत की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने विभाजन के संभावित असर और आगे की रणनीति पर चर्चा की।
दलबदल को लेकर आप राज्यसभा अध्यक्ष को पत्र लिखेगी
AAP अब राज्यसभा अध्यक्ष को पत्र भेजने की तैयारी में है। पार्टी के मुख्य सचेतक एनडी गुप्ता राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल के विरुद्ध दलबदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई की माँग करेंगे। वरिष्ठ AAP नेता संजय सिंह ने भी कहा कि वे इन तीनों सांसदों को संविधान की दसवीं अनुसूची के अंतर्गत अयोग्य घोषित किए जाने की माँग करते हुए अध्यक्ष को पत्र लिखेंगे।
AAP के लिए आगे की राह कठिन
इस पूरे घटनाक्रम से स्पष्ट है कि AAP एक साथ कई मोर्चों पर लड़ रही है। एक तरफ दलबदल के बाद संगठन को बचाने की चुनौती है, दूसरी तरफ पंजाब के आसन्न चुनाव हैं, और तीसरी तरफ BJP का लगातार तीखा राजनीतिक हमला। संदीप पाठक जैसे संगठन निर्माता का जाना पार्टी के लिए दीर्घकालिक नुकसान साबित हो सकता है, जबकि पंजाब सरकार फिलहाल स्थिर दिख रही है।