गौतम अडानी
अब देखिए आंध्र प्रदेश से अडानी ग्रीन का अनुबंध हो चुका है। बिजली सप्लाई टाइम पर पहुंचाने की शर्त भी खत्म हो चुकी है। और अडानी ग्रीन की बिजली आंध्र प्रदेश अभी पहुंची नहीं है। आंध्र सरकार के एक सूत्र ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि अडानी ग्रीन पावर की पहली 1,000 मेगावॉट की आपूर्ति अप्रैल 2025 में शुरू होने की उम्मीद है, जबकि शेष जून 2025 के बाद चालू होगी।
आंध्र प्रदेश केंद्रीय एजेंसी SECI से 1,700 करोड़ यूनिट बिजली खरीदने पर सहमत हुआ था, इसलिए बिजली मंत्रालय के हस्तक्षेप से सरकार के 1,360 करोड़ रुपये माफ कर दिए गए। चूंकि बिजली खरीद अनुबंध (पीएसए) 25 वर्षों के लिए है, इस अवधि के लिए छूट की कुल राशि 34,000 करोड़ रुपये होगी। अब टीडीपी के एन चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली नई सरकार वर्तमान में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के तहत पिछली सरकार के दौरान किए गए अनुबंधों या पीएसए की जांच कर रही है। नई सरकार ने अमेरिकी अदालत द्वारा गौतम अडानी, सागर अडानी और छह अन्य के खिलाफ अभियोग के बाद यह आदेश दिया गया है। भारत सरकार के अधिकारियों को रिश्वत देने का इतना बड़ा मामला सामने आने के बाद मोदी सरकार पूरी निर्लज्जता से इस पर खामोश है, जबिक उसे भी जांच का आदेश देना चाहिए था। क्योंकि सारे अनुबंध उसकी एजेंसी से हुए थे। रिश्वत सरकारी अधिकारियों ने अडानी समूह से प्राप्त की, जैसा यूएस महाअभियोग में कहा गया है।