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प्रतीकात्मक तस्वीर एपल हब के एक्स अकाउंट से साभार

एपल ने आईफोन उपयोगकर्ताओं को दी पेगासस जैसे स्पाईवेयर अटैक की चेतावनी 

दिग्गज टेक कंपनी एपल ने भारत सहित दुनिया के 91 देशों के आईफोन उपयोगकर्ताओं को पेगासस जैसे स्पाईवेयर को लेकर चेतावनी दी है। एपल ने बुधवार 10 अप्रैल को एक ईमेल भेज कर इसकी जानकारी दी है। इसका मतलब है कि कुछ लोगों के फोन में इस तरह के स्पाईवेयर के जरिये जासूसी की कोशिश की जा सकती है। 
हालांकि एपल ने अभी तक ये नहीं बताया है कि भारत समेत कुल कितने आईफोन उपयोगकर्ताओं को उसने यह ईमेल भेजा है। एपल ने अपने भेजे ईमेल में पेगासस या उसके जैसे जासूसी सॉफ्टवेयर की बात तो कही है लेकिन  इसको किसी भी सरकार या एजेंसी द्वारा प्रायोजित होने की बात नहीं कही है। 
अंग्रेजी अखबार इकोनॉमिक्स टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक एपल ने  भारत समेत 91 अन्य देशों में अपने उपयोगकर्ताओं को सूचित किया है कि वे "भाड़े के स्पाइवेयर" हमले के संभावित शिकार हो सकते हैं। 
इस खतरे को लेकर एपल द्वारा भेजे गए ईमेल में कहा गया है कि भाड़े के स्पाइवेयर हमले, एनएसओ समूह के पेगासस जैसे असाधारण रूप से दुर्लभ हो सकते हैं। ये स्पाईवेयर नियमित साइबर क्राइम या उपभोक्ता मैलवेयर की तुलना में काफी अधिक परिष्कृत हैं।  
एपल की ओर से जिन्हें यह नोटिफिकेशन भेजा गया है उन्हें कहा गया है कि एपल को पता चला है कि एक विशेष एपल आईडी वाले उपयोगकर्ता को "एक भाड़े के स्पाइवेयर हमले द्वारा लक्षित किया जा रहा है। उनके आईफोन को दूर से ही हैक करने की कोशिश की जा रही है। कंपनी ने अपने मेल में उपयोगकर्ताओं को इसे गंभीरता से लेने की बात कही है। 

इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट कहती है कि आप कौन हैं या क्या करते हैं, इस कारण यह हमला विशेष रूप से आपको लक्षित कर रहा है।  हालाँकि ऐसे हमलों का पता लगाते समय पूर्ण निश्चितता प्राप्त करना कभी भी संभव नहीं है। 

भारतीय समयानुसार बुधवार की देर रात, ऐप्पल ने उन उपयोगकर्ताओं के लिए सुझाव शामिल करने के लिए अपने समर्थन पृष्ठ को भी अपडेट किया, जो भाड़े के स्पाइवेयर हमले के संभावित लक्ष्य थे।

एपल ने अपने सपोर्ट पेज पर कहा है कि उसकी तरफ से इस खतरे की सूचनाएं उन उपयोगकर्ताओं को सूचित करने और सहायता करने के लिए डिज़ाइन की गई हैं, जिन्हें व्यक्तिगत रूप से भाड़े के स्पाइवेयर हमलों द्वारा लक्षित किया गया है।

इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट कहती है कि आईफोन उपयोगकर्ताओं के लिए खतरे के नोटिफिकेशन का यह दूसरा दौर है जो दुनिया भर के उपयोगकर्ताओं को भेजा गया है।  
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इससे पहले भी एपल दे चुका है ऐसी चेतावनी 

इससे पहले अक्टूबर 2023 में भी एपल ने भारत सहित कई देशों में उपयोगकर्ताओं को इसी तरह का एक नोटिफिकेशन भेजा था।
उस नोटिफिकेशन में एपल ने अपने उपयोगकर्ताओं को उनके उपकरणों पर राज्य प्रायोजित हमले की चेतावनी दी थी। हालांकि तब भी कंपनी ने यह नहीं बताया था कि इन हमलों के पीछे किसका हाथ है। 

तब उपयोगकर्ताओं को भेजे गए खतरे के नोटिफिकेशन में,एपल ने कहा था कि इस तरह के हमले व्यक्तिगत रूप से लक्षित कर किये जाते हैं। यह निर्भर करता है कि उपयोगकर्ता कौन है और क्या करते हैं। 

तब एपल ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा था कि पारंपरिक साइबर अपराधियों के विपरीत, राज्य-प्रायोजित हमलावर "बहुत कम संख्या में कुछ विशिष्ट व्यक्तियों पर इस तरह के हमले करते हैं। इस तरह का हमला जिन उपयोगकर्ताओं पर होता है उसमें हमलावर उनके उपकरणों को लक्षित करने के लिए असाधारण संसाधनों का उपयोग करते हैं, जिससे इन हमलों का पता लगाना और रोकना बहुत कठिन हो जाता है। 

कंपनी के अनुसार, ये खतरे की सूचनाएं 2021 के बाद से कम से कम 150 देशों में उपयोगकर्ताओं के पास गई हैं। ऐप्पल संभावित हमलावरों के बारे में अधिक जानकारी देने से भी इनकार करता है क्योंकि ऐसा करने से हमलावरों को भविष्य में पता लगाने से बचने के लिए अपने व्यवहार को अनुकूलित करने में मदद मिल सकती है। 
वहीं 2021 से पहले, एपल और गूगल दोनों ने भारत सहित वैश्विक स्तर पर अपने उपयोगकर्ताओं को चेतावनी सूचनाएं भेजी थीं, जिसमें उन्हें आगाह किया गया था कि इजरायली कंपनी एनएसओ द्वारा निर्मित स्पाइवेयर पेगासस द्वारा किए गए हमले के कारण उनके उपकरणों से दूर से ही छेड़छाड़ की गई हो सकती है। 
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क़मर वहीद नक़वी
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