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जानिए, अर्णब की लीक हुई वाट्सऐप चैट में क्या है बातचीत?

टीआरपी स्कैम में फँसे अर्णब गोस्वामी की जो कथित वाट्सऐप चैट लीक हुई है उनकी वह बातचीत टीआरपी तैयार करने वाली एजेंसी बार्क के तत्कालीन प्रमुख पार्थो दासगुप्ता के साथ है। कहा जा रहा है कि यह वही वाट्सऐप चैट है जिसे मुंबई पुलिस ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट यानी पूरक आरोप पत्र के साथ कोर्ट में पेश किया है। वैसे, वह वाट्सऐप चैट तो है कथित तौर पर टीआरपी तैयार करने वाली एजेंसी के तत्कालीन प्रमुख पार्थो दासगुप्ता और अर्णब गोस्वामी के बीच की, लेकिन उसमें पीएमओ, रजत, ‘AS’, प्रकाश जावड़ेकर जैसे नाम आए हैं। आइए हम आपको बताते हैं कि क्या है उस चैट में-

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15 अक्टूबर 2019 की एक चैट में कथित तौर पर अर्णब गोस्वामी ने 'AS' का ज़िक्र किया है।

अर्णब- 'AS' के साथ हूँ।

पार्थो- क्या आप पीएमओ में मीडिया एडवाइजर जैसा कोई पद दिलाने में आप मदद कर सकते हैं?

लीक हुई इस वाट्सऐप चैट में 3 अक्टूबर 2019 की चैट भी हैं। 

पार्थो- एमआईएस सेक्रेटरी की बैठक में क्या होने वाला है, क्या कोई क्लू है?

अर्णब- मैंने उन बिंदुओं को एक दिन पहले ही साझा कर दिया है।

पार्थो- पीएमओ या मंत्री के साथ?

अर्णब- सचिव के साथ नहीं। 

पार्थो- मंत्री?

अर्णब- नहीं पीएमओ।

इससे पहले की तारीख़ 30 अगस्त की एक वाट्सऐप चैट में प्रकाश जावड़ेकर का ज़िक्र है। 

पार्थो- पीएमओ के मामले में कुछ हुआ?

अर्णब- हाँ। मुंबई में कल प्रकाश जावड़ेकर से भी मिल रहा हूँ।

पार्थो- सच कहूँ तो जावड़ेकर किसी काम के नहीं हैं और उनका सचिव तो उनसे भी एक क़दम आगे है। न तो कोई स्टैंड ले सकते हैं और न ही लागू करा सकते हैं। 

अर्णब- वह पीएमओ के लिए नहीं था और सिर्फ़ जानकारी के लिए था। पीएमओ से अलग तरीक़े से निपटा जा रहा है। 

4 अप्रैल 2019 की कथित चैट में 'ट्राई' और 'AS' का ज़िक्र है।

पार्थो- क्या आप बार्क के प्रति नरमी बरतने के लिए 'AS' से  'ट्राई' को कहवाकर मेरी मदद कर सकते हैं? 

अर्णब- मैं कर सकता हूँ। एक मैसेज भेजिए।

अर्णब- 'क्या आप मुझे 3 बिंदु दे सकते हैं कि कैसे ट्राई का काम 'AS' के हित के ख़िलाफ़ है। राजनीतिक रूप से।'

इस चैट में 18 जुलाई 2019 को एक चैट टीवी की रेटिंग को लेकर है। 

अर्णब- ... और मैं जारी रखूँगा। लेकिन देखिए कि कैसे मैं हफ़्ते-दर-हफ़्ते पिट रहा हूँ। कोई राहत नहीं। 

अर्णब- मैं ब्रेक स्ट्रैटजी भी परखूँगा।

पार्थो- मैंने रोमिल से कहा है कि आपको या विकास को दिखाएँ कि किस तरह के कट न्यूज़ 18 पर होते हैं। 

पार्थो- एक नज़र डालिए। ज़ाहिर है गोपनीय है। 

पार्थो- हम इस स्तर पर किसी अन्य से बात भी नहीं करते हैं। 

अर्णब- आप तारीफ़े काबिल हैं। 

अर्णब- ब्रेक स्ट्रैटजी पर भी इनपुट लूँगा।

पार्थो- ठीक है। 

पार्थो- जबतक सरकार की सहायता नहीं होगी तब तक मेरे हाथ बंधे हैं अर्णब। 

लीक चैट में से 25 मार्च 2019 की कुछ चैट में पार्थो दासगुप्ता ने बार्क का एक गोपनीय पत्र अर्णब गोस्वामी को भेजा है और इस लेटर के साथ संदेश भेजा गया है। 

पार्थो- पूरे विश्वास से (भेज रहा हूँ)। 

पार्थो- एनबीए को जाम कर दिया है। रजत मेरे पीछे पड़ जाएँगे। आपको पीएमओ के माध्यम से मेरी मदद करनी होगी। पुनित से भी तालमेल बिठा ली है। 

अर्णब-  ग़ौर किया और (ऐसा ही) होगा।

पार्थो- जब वक़्त मिले तो पत्र को ज़रूर पढ़िए। 

अर्णब- पढ़ रहा हूँ।

अर्णब- रजत की कोई पहुँच नहीं है।

पार्थो- बिना ऐसे कहे ही आपकी मदद की है और दूसरों को जाम कर दिया है।

अर्णब- कल मैं दिल्ली में रहूँगा। गुरुवार को प्रधानमंत्री से मिल सकता हूँ। 

पार्थो- कृपया किसी से कहें कि वह रजत, एनबीए और ट्राई को हमारे मामले में अंगुली न करने के लिए कहे। ट्राई ग़लत सूचना फैला रही है कि हम रेटिंग को नहीं दिखा रहे हैं। मैंने बीजेपी को उस विज्ञापन वाले मामले में भी मदद की थी और कई मुद्दों पर एमआईबी (मिनिस्ट्री ऑफ़ इंफ़ोर्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग) की भी। अब उसकी बारी है...।

वायरल हुई उन वाट्सऐप चैट में जुलाई 2017 की चैट का भी ज़िक्र है जिसमें सूचना प्रसारण मंत्री के बारे में कहा गया है। उस कथित चैट में पार्थो दासगुप्ता सवाल करते हैं। 

पार्थो- तो अगला आईबी (सूचना प्रसारण मंत्री) कौन?

अर्णब- स्मृति। काफ़ी ख़ुश हूँ। वह लड़ाई लड़ने वाली महिला हैं और एक शानदार दोस्त। 

फिर दोनों के बीच 2017 के मार्की के एक कार्यक्रम में अतिथि के तौर पर बुलाने को लेकर चर्चा होती है। 

अर्णब- मेरा विचार है कि स्मृति ठीक रहेंगी। इंतज़ार करूंगा। ...लेकिन राठौड़ को नाराज़ भी नहीं करना चाहिए। 

पार्थो- हाँ, यही मेरा भी विचार है।

बता दें कि बाद में स्मृति ईरानी ने 2017 के मार्की के उस कार्यक्रम में शामिल होने की तसवीरों को भी ट्वीट किया था। 

जुलाई 2017 की उस कथित चैट में रिपब्लिक के ख़िलाफ़ मंत्रालय में शिकायत का ज़िक्र भी है। 

पार्थो- साफ़ तौर पर मंत्रालय में रिपब्लिक के ख़िलाफ़ कुछ शिकायतों के बारे में है- इसे अभी भी हमारे पास रेफ़र नहीं किया गया है- एक JS ने कहा- लेकिन मुझे लगता है कि वह कभी आएगा भी नहीं। 

अर्णब- डिश एफ़टीए चीजों के बारे में। राठौड़ ने मुझसे कहा और बोले कि वह इसे दरकिनार कर रहे हैं। 

बता दें कि वह कथित चैट क़रीब 512 पन्नों की है और उसके कुछ प्रमुख अंश को ही अँग्रेजी से अनुवाद कर यहाँ पेश किया गया है। 
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